राहुल की 'जासूसी' पर पार्टी में उबाल, तड़प उठे कांग्रेसी!
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उप्र कांग्रेस कार्यसमिति ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को मुकदमे में फंसाने पर घोर निंदा का प्रस्ताव पास किया है। साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जासूसी कराने की निंदा भी हुई।
सोमवार को एक आपात बैठक में ओलावृष्टि एवं बारिश से फसलों के नुकसान पर किसानों को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की गई। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मार्च निकाला।
बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के विरुद्ध केंद्र सरकार के षडयंत्र की भर्त्सना करती है।
सारा देश जनता है कि डॉ. सिंह ईमानदार छवि वाले व्यक्ति हैं लेकिन भाजपा सरकार उन्हें अदालती समन दिलवाकर कांग्रेस को बदनाम एवं अपमानित करने की कोशिश कर रही है।
सीबीआई ने कोर्ट में दो बार अपनी रिपोर्ट दाखिल कर बताया था कि डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। इसके बावजूद उन्हें समन भिजवाया गया है। इसकी पार्टी निंदा करती है।
राहुल की जासूसी उनके मौलिक अधिकारों का हनन
दूसरे प्रस्ताव में कहा गया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जो जासूसी केंद्र सरकार करवा रही है उसकी कार्यसमिति घोर निंदा करती है। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां हर नागरिक को मौलिक अधिकार मिले हैं।
यह जासूसी राहुल गांधी के मौलिक अधिकारों तथा उनकी निजता पर हमला है। कांग्रेस इन दोनों ही मसलों पर डटकर मुकाबला करेगी।
इसके बाद कांग्रेसियों ने पार्टी मुख्यालय से गांधी प्रतिमा तक मार्च निकाला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने कहा, मोदी सरकार साजिश के तहत कांग्रेस को बदनाम करने में लगी है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जिलों-जिलों में आंदोलन किए जाएंगे।
मार्च में केंद्रीय सचिव व पूर्व सांसद राजाराम पाल, इमरान किदवई, विधायक रीता बहुगुणा जोशी, गजे सिंह, गयादीन अनुरागी, राधेश्याम कनौजिया, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह व हरीश बाजपेयी, संतोष सिंह व सईदुज्जमा सहित कई नेता मौजूद थे।