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UP News : सीएम योगी ने कहा- ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं के लिए निशुल्क दी जाएगी सरकारी भूमि
Sun, 09 Oct 2022 12:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:32 AM IST
सार
UP : यूपी में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई।
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नितिन गडकरी व सीएम योगी आदित्यनाथ file pic
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विस्तार
यूपी में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी व राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार यदि प्रदेश में नए राजमार्गों और ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं की शुरुआत करती है तो राज्य सरकार की ओर से शासकीय भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक मात्र 01 एक्सप्रेसवे वाले इस प्रदेश में आज 06 एक्सप्रेसवे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग भी पहले की तुलना में लगभग दोगुने हो गए हैं। राज्य सरकार प्रदेश के सभी बस स्टेशनों के नवनिर्माण के लिए एनएचएआई का सहयोग लेना चाहती है। चरणबद्ध रूप से सभी 75 जिलों के बस स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जा सकता है। एनएचएआई इसे पीपीपी मोड में डेवलप कर सकता है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव पर अधिकारियों को प्रथम चरण में 25 बस स्टेशनों का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
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बैठक में तय हुआ कि केंद्रीय मंत्रालय, एनएचएआई और प्रदेश सरकार के संबंधित विभाग हर महीने परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वाराणसी की तर्ज पर गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, बुंदेलखंड और सोनभद्र में रोपवे निर्माण परियोजना पर भी चर्चा हुई। प्रतापगढ़-सुल्तानपुर-अयोध्या राजमार्ग के चार लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति दी। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग 24-बी के रायबरेली-प्रयागराज सेक्शन में अत्यधिक ट्रैफिक व धार्मिक पर्यटन क्षेत्र होने के कारण आगामी कुंभ से पूर्व चौड़ीकरण के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने आवश्यक परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अधिक से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थापना की जरूरत बताते हुए केंद्र सरकार से सहयोग की अपेक्षा की। साथ ही कहा कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी, वाराणसी-कोलकाता और गोरखपुर-बरेली कॉरिडोर को भारतमाला परियोजना-2 में शामिल किया जाना प्रदेश की तरक्की को नई उड़ान देने वाला होगा। गडकरी ने कि 1000 करोड़ रुपये की लागत से नई परियोजना की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निर्मित अधिकांश राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर चलते हैं। नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों से प्रारंभ कर उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ते हुए देश में महत्वपूर्ण स्थानों, बंदरगाहों, औद्योगिक क्षेत्रों व खनिज बहुल क्षेत्रों से जोड़ना आवश्यक है। प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों के लिए रिंगरोड और बाईपास मार्ग की आवश्यकता है, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश सरकार की ओर से गोसाईगंज-बनी-मोहान मार्ग, सीतापुर-लखीमपुर-गौरीफंटा मार्ग, टूंडला-एटा-कासगंज राज्यमार्ग, चंदौसी-मुरादाबाद-फर्रुखाबाद राज्यमार्ग, नैमिषारण्य-गोला गोकर्णनाथ-माता पूर्णागिरि-शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद समेत विभिन्न मार्गों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रस्ताव भी रखा गया। इस मौके पर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद और राज्यमंत्री बृजेश सिंह भी उपस्थित थे।