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यूपी : योगी ने दिया जीनोम सिक्वेंसिंग को बढाने का निर्देश, प्रदेश में जल्द ही शुरू हो जाएंगी 11 नई आरटीपीसीआर लैब

Mon, 28 Jun 2021 07:43 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 28 Jun 2021 07:43 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 11 राज्यों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट डेल्टा़  से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। पड़ोसी राज्यों में भी इसके मरीज मिले हैं। ऐसे में हर स्तर पर सचेत रहने की जरूरत है।

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UP: CM Yogi instructed to increase genome sequencing, 11 new RTPCR labs will start soon in the state
सीएम योगी आदित्यनाथ

विस्तार

प्रदेश में कोरोना वायरस के नए वैरियंट डेल्टा को लेकर अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अब संसाधनों को लगातार बढाया जा रहा है। इसके तहत अगले माह तक 11 नई आरटीपीसीआर लैब तैयार हो जाएगीं। अभी 34 लैब हैं। अगले तीन से चार माह के बीच अन्य 30 जिलों में भी आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की तैयारी है।
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प्रदेश में आरटीपीसीआर लैब की संख्या बढ़ने से लोगों को आसानी से जांच रिपोर्ट मिल सकेगी। सभी जिलों में लैब होने से कोविड की जांच कराने वालों को जहां कम समय में रिपोर्ट मिल सकेगी वहीं सैंपल भेजने की समस्या खत्म हो जाएगी। टीम 9 की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी लैब को अत्याधुनिक सुविधाओंसे सुसज्जित करने, मैन पॉवर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के गहन अध्ययन एवं परीक्षण के लिए प्रदेश में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा को लगातार बढ़ाया जा रहा है। केजीएमयू, बीएचयू और सीडीआरआई, आईजीआईबी दिल्ली के सहयोग से जीनोम परीक्षण कराया जा रहा है। अध्ययन की यह रिपोर्ट डेल्टा वैरिएंट से बचाव के लिए प्रबंधन में सहायक होगी।
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विशेषज्ञों से परामर्श से करें प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 11 राज्यों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट डेल्टा़  से संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं। पड़ोसी राज्यों में भी इसके मरीज मिले हैं। ऐसे में हर स्तर पर सचेत रहने की जरूरत है। यहां विशेष सतर्कता बरतनी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट पहले की अपेक्षा कहीं अधिक खतरनाक है। इसलिए विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने संसाधनों को लगातार बढ़ाने का निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ंने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के संबंध में विभिन्न राज्यों से भी फीडबैक का अध्ययन किया जाए।
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5900 पीआईसीयू बेड तैयार
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 5900 से अधिक पीआईसीयू बेड तैयार किए गए हैँ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआईसीयू और एनआईसीयू निर्माण कार्य, उसमें संसाधन की उपलब्धता और मरीजों के भर्ती होने पर दी जाने वाली दवाओं का इंतजाम अतिशीघ्र किया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में भी पीआईसीयू व एनआईसीयू  स्थापना की कार्यवाही जारी है। सभी ज़िलों में इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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ग्राणीण क्षेत्रों में बढ़ा टीकाकरण का उत्साह

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरणर सुरक्षा कवर है। प्रदेश में अब तक 03 करोड़ 04 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण केंद्रों पर लोगों का उत्साह सुखद है। बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन के लिए आ रहे हैं। ऐसे में टीकाकरण केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएं। ताकि वहां आने वालों को किसी तरह की असुविधा ना हो।

आक्सीजन संयंत्र निर्माण पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्माणाधीन ऑक्सीजन संयंत्रों की प्रगति की जानकारी ली। निर्देश दिया कि संयंत्रों को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। बताया गया कि प्रदेश में 118 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशीली हो गए हैं। राज्य में ऑक्सीजन की पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्धता है।

इसी तरह मुख्यमंत्री सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक मेडिकल उपकरण क्रियाशील रखने के निर्देश दिए। कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता रहे। स्वास्थ्य केन्द्रों की साफ - सफाई एवं रंगाई पुताई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

गो आश्रय स्थलों पर हो चारे पानी की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि गो आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। गायों के लिए चारे, पेयजल आदि आवश्यक व्यवस्था बनी रहे। हरा चारा एवं चोकर भी दिया जाए। निराश्रित गोवंश की उचित ढंग से देखभाल की जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गो आश्रय स्थलों का सघन निरीक्षण किया जाए।



 
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