यूपी: मुख्य चुनाव आयुक्त का मेरठ और वाराणसी दौरा स्थगित, एसआईआर को लेकर विवाद के बीच लिया गया फैसला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। मेरठ में शुक्रवार को युवाओं के साथ कार्यक्रम होना था, जबकि वाराणसी में 28 सितंबर को संवाद प्रस्तावित था। आयोग ने कारण स्पष्ट नहीं किया है। यह घटनाक्रम एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच हुआ।
विस्तार
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर घिरे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश में मेरठ और वाराणसी का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। मेरठ में शुक्रवार को निर्वाचक साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) एवं ईसीआइनेट का क्षेत्रीय सम्मेलन और युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम होना था। वाराणसी में भी 28 सितंबर को वह जेन-जी के साथ संवाद करने वाले थे । फिलहाल अब दोनों ही कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं ।
फिलहाल यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और एसआइआर को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 से अधिक बार फैसलों और आदेशों पर लिखित में आपत्ति दर्ज कराई है।
इसमें कहा गया है कि आयोग के फैसलों में बराबर के अधिकार रखने वाले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी के बिना ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कई फैसले लिए। इसको लेकर विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। सपा ने तो अगला चुनाव ज्ञानेश कुमार की देखरेख में न होने देने की मांग की है।
बीते अगस्त में मुख्य चुनाव आयुक्त ने लखनऊ में जेन-जी से संवाद किया था । आयोग की योजना मेरठ और वाराणसी में क्षेत्रीय स्तर पर अभियान को आगे बढ़ाने की थी। अब ये कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। आयोग ने कार्यक्रम स्थगित करने के कारण नहीं बताए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि ताजा विवाद के कारण इसे स्थगित किया गया है ।