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UP: छांगुर के करीबियों ने एटीएस के गवाह को धमकाया, तीन पर मुकदमा दर्ज, सहयोगी रमजान तक पहुंची टीम
Wed, 16 Jul 2025 02:24 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 16 Jul 2025 02:24 PM IST
सार
अवैध धर्मांतरण व देश विरोधी गतिविधियों के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के लोग अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने एटीएस के गवाह को धमकी दी और बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
अवैध धर्मांतरण व देश विरोधी गतिविधियों के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के करीबी अभी भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। एटीएस की जांच और कार्रवाई के बाद भी छांगुर के सहयोगी लोगों को धमका रहे हैं। एटीएस की जांच में गवाही देने वाले हरजीत कश्यप को कुछ लोगों ने जान से मारने की धमकी दी है। हरजीत की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। हरजीत का आरोप है कि तीनों छांगुर के खास लोग हैं और उन पर बयान बदलने का दबाव बना रहे हैं, मना करने पर जान से मारने की धमकी दी है।
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गोंडा के धानेपुर क्षेत्र में पहुंची एटीएस
धानेपुर क्षेत्र के रेतवागाड़ा में रमजान का नाम छांगुर के करीबी में जुड़ा था। एफआईआर में छांगुर के साथ रमजान आरोपी है। वह एक मदरसे में शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। स्थानीय लोग बता रहे थे कि रमजान की मृत्यु हो चुकी थी। सूत्रों का कहना है कि रमजान तक एटीएस पहुंच गई है।
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नेपाल से सटे गांवों में स्थापित कर रहा था धर्मांतरण का अड्डा
छांगुर नेपाल से सटे गांवों में धर्मांतरण का अड्डा स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए उसने टीम तैयार की थी। यहीं से वह नेपाल में पैठ बनाने के प्रयास में था। इसके लिए 46 गांवों के युवाओं पर उसकी नजर थी। तकरीर के बहाने वह जलसों में परचे बांटकर यह जानने की कोशिश करता था कि सीमावर्ती युवाओं की सोच कैसी है। जिहाद के प्रति उनका नजरिया कैसा है।
चिह्नित युवाओं को छांगुर धन देकर मजबूत बनाना चाहता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सीमा पर इस्लामिक मूवमेंट के लिए करीब 10 करोड़ की रकम खर्च करने की तैयारी थी। देश विरोधी यह षड्यंत्र सफल होता उससे पहले छांगुर की असलियत सामने आ गई।
यह अलग बात है कि अगस्त 2024 में छांगुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के आठ महीने तक बस जांच ही होती रही। कार्रवाई में तेजी मार्च के बाद ही आई। अप्रैल में बेटे के साथ सहयोगी नवीन रोहरा की गिरफ्तारी के बाद से छांगुर से लोग कन्नी काटने लगे थे। एटीएस अभी छांगुर से पूछताछ कर रही है। रिमांड कस्टडी में अभी दो दिन शेष है।