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Lucknow News: बीएलओ ड्यूटी के नाम पर स्कूल से अनुपस्थित शिक्षक, पढ़ाई प्रभावित

Fri, 18 Sep 2026 02:44 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 02:44 AM IST
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Teachers absent from school for BLO duty teaching affected.
रविशंकर गुप्ता
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लखनऊ। राजधानी के सरकारी विद्यालयों में करीब दो हजार शिक्षक बीएलओ ड्यूटी के नाम पर सप्ताह में दो दिन स्कूल नहीं जा रहे हैं। ये शिक्षक प्रधानाध्यापकों व खंड शिक्षा अधिकारियों को बीएलओ ड्यूटी का हवाला देते हैं। हैरानी की बात यह है कि बीएलओ कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक दो दिन स्कूल पढ़ाने न जाएं ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है।
इस संबंध में प्रधानाध्यापक कहते हैं कि शिक्षकों के स्कूल न आने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नवंबर में बच्चों का निपुण आकलन होना है। शिक्षकों की पहले से कमी है। बचे हुए शिक्षक यदि बीएलओ ड्यूटी के नाम पर स्कूल नहीं आएंगे तो पढ़ाई कैसे होगी। खंड शिक्षा अधिकारी भी परेशान हैं क्योंकि इस मामले में बीएसए के आदेशों को भी दरकिनार किया जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि आखिर किसके इशारे पर ऐसा हो रहा है। (संवाद)
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शिक्षकों की ड्यूटी अंतिम विकल्प
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जारी निर्देशों और ईसीआई की गाइडलाइंस के अनुसार बीएलओ ड्यूटी के लिए शिक्षकों की तैनाती हमेशा अंतिम विकल्प होनी चाहिए। पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, लेखपाल, पटवारी, पंचायत सचिव, डाकिया, ग्राम विकास अधिकारी, बिजली बिल रीडर, क्लर्क को बीएलओ बनाना चाहिए।आरटीई एक्ट 2009 की धारा 27 के मुताबिक शिक्षण अवधि के दौरान बीएलओ कार्य से स्कूल का समय या पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। नियमानुसार बीएलओ से जुड़ा कार्य गैर-शिक्षण घंटों या छुट्टियों के दौरान ही कराया जाना चाहिए।
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ब्लाकवार अनुपस्थित शिक्षक
बख्शी का तालाब में 700 शिक्षक
मोहनलालगंज में 200 शिक्षक गोसाईगंज में 238 काकोरी में 150 मलिहाबाद में 150 चिनहट में 100 सरोजनी नगर में 200 माल में 120 चार नगर क्षेत्र का डाटा सार्वजनिक नहीं
कोट.......
मेरे द्वारा कोई ऐसा आदेश नहीं किया गया है कि सप्ताह में दो दिन शिक्षक स्कूल से कार्य मुक्त रहें। पूर्व में कोई आदेश हुआ हो तो मेरी जानकारी नहीं है। वर्तमान में बीएलओ से जुड़े काम भी नहीं हो रहे हैं।
प्रदीप कुमार, एडीएम प्रशासन
इस संबंध में सभी ब्लाकों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। कोई भी शिक्षक बच्चों की पढ़ाई नहीं प्रभावित कर सकता है। जांच कर इसकी कार्रवाई की जाएगी।
श्याम किशोर तिवारी, एडी बेसिक
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पूर्व डीएम ने मुक्त कर दिया था सभी शिक्षकों को
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने से छात्रों का विद्यालय से मोहभंग होता है। इससे नामांकन संख्या घट जाती है। पूर्व जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने सभी शिक्षकों को बीएलओ कार्य से मुक्त कर दिया था।

दूसरी ओर खंड शिक्षा अधिकारियों का सुझाव है कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य के बाद ही बीएलओ ड्यूटी पर लगाया जाना चाहिए। इसके लिए स्पष्ट आदेश जारी होने पर ही सुधार संभव है। शिक्षक शिक्षण कार्य के साथ बीएलओ ड्यूटी का विरोध करते हैं। उनका कहना है कि स्कूल जाकर बीएलओ ड्यूटी करना आसान नहीं। ऐसे में एक समय में एक ही काम कराया जाए।
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