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Lucknow News: मान का मर्दन ही उत्तम मार्दव
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लखनऊ। दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को राजधानी के विभिन्न जैन मंदिरों में उत्तम मार्दव धर्म श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। भगवान महावीर स्वामी की शांतिधारा और पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का संकल्प लिया।
डालीगंज जैन मंदिर में आचार्य सुबल सागर जी महाराज के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ। आचार्य ने कहा कि मान का मर्दन ही उत्तम मार्दव है। धन, पद, प्रतिष्ठा, ज्ञान, रूप या किसी उपलब्धि का अभिमान नहीं करना चाहिए। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि आशियाना जैन मंदिर में उपाध्याय विहसंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में पूजा हुई। इसमें अजय जैन, चंद्रप्रकाश जैन, बंटी जैन, अनुज जैन, तुषार जैन, पुनीत जैन आरजे और अखिलेश जैन समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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डालीगंज जैन मंदिर में आचार्य सुबल सागर जी महाराज के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ। आचार्य ने कहा कि मान का मर्दन ही उत्तम मार्दव है। धन, पद, प्रतिष्ठा, ज्ञान, रूप या किसी उपलब्धि का अभिमान नहीं करना चाहिए। मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि आशियाना जैन मंदिर में उपाध्याय विहसंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में पूजा हुई। इसमें अजय जैन, चंद्रप्रकाश जैन, बंटी जैन, अनुज जैन, तुषार जैन, पुनीत जैन आरजे और अखिलेश जैन समेत कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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