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यूपी: क्या CBI कर सकती है राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच? हाईकोर्ट आज ले सकता है फैसला

Sun, 05 Jul 2026 07:59 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 05 Jul 2026 07:59 PM IST
सार

Ram Temple offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच क्या सीबीआई को सौंपी जा सकती है? इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई 6 जुलाई को होनी है। 

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UP: Can the CBI investigate the Ram Temple offering theft case? The High Court may decide on Monday.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावा चोरी होने के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। इस याचिका में पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने और मंदिर के चढ़ावे का भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक से ऑडिट कराने की मांग की गई है। यह याचिका इसी साल 12 जून को दाखिल की गई थी, लेकिन गर्मियों की छुट्टियों के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब सोमवार (6 जुलाई) को न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ इस पर सुनवाई करेगी।

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स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने यह जनहित याचिका व्यक्तिगत रूप से दायर की है। याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया है कि कथित हेराफेरी के इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी जाए। साथ ही मंदिर के दानपात्रों में आने वाले नकद धन, सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य कीमती सामानों का हिसाब-किताब देश की सबसे बड़ी लेखापरीक्षक संस्था 'कैग' से कराया जाए। इसके अलावा राज्य सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच किसी पुलिस अधीक्षक स्तर के बड़े अधिकारी की निगरानी में कराई जाए।
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याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र प्रभु श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे की चोरी और हेराफेरी की खबरें लगातार समाचार पत्रों में आ रही हैं। इससे देशभर के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसलिए सच सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच और लेखापरीक्षा होना बेहद जरूरी है। इस मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के प्रमुख सचिव, केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक, नियंत्रक-महालेखापरीक्षक और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी इसके अध्यक्ष के माध्यम से पक्षकार बनाया गया है।

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ट्रस्ट की बैठक कल, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तेफे पर होगा फैसला 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की पहली बैठक सोमवार को होगी। बैठक का सबसे अहम एजेंडा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की संभावना है। 26 जून को दोनों ने इस्तीफा दिया था, जिसकी पुष्टि 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने की थी।

छह जून को मामला उजागर होने के बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। 25 जून को एफआईआर दर्ज होने के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चढ़ावे की गणना और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट सदस्य निर्णय लेंगे। बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट, दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना व्यवस्था, मंदिर प्रबंधन से जुड़े प्रस्ताव और वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट पर भी चर्चा होगी।

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