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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Cabinet: Third session of the Legislature to begin on August 3; supplementary budget and inquiry report on

UP Cabinet: विधानमंडल का तीसरा सत्र तीन अगस्त से, अनुपूरक बजट व संभल हिंसा की जांच रिपोर्ट होगी पेश

Tue, 21 Jul 2026 06:09 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 21 Jul 2026 06:09 PM IST
सार

प्रदेश विधानमंडल का तीसरा सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा। इसमें अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के स्थान पर विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण कार्य पेश किए जाएंगे। साथ ही संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट भी सदन में रखी जाएगी। कैबिनेट ने सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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UP Cabinet: Third session of the Legislature to begin on August 3; supplementary budget and inquiry report on
यूपी कैबिनेट की बैठक में फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कैबिनेट ने प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों का वर्ष 2026 का तृतीय सत्र 3 अगस्त से आहूत किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। आगामी सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट, अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक तथा अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपादित किए जाएंगे। इसके अलावा संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी।

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वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि राज्य विधानमंडल का द्वितीय सत्र 30 अप्रैल को आहूत किया गया था। उसी दिन विधानसभा एवं विधान परिषद की बैठक समाप्त होने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।
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तत्पश्चात 7 मई 2026 से सत्रावसान कर दिया गया था। संविधान के अनुच्छेद-174 तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य-संचालन नियमावली के अनुसार विधानमंडल के दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। इसी संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप आगामी सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है। 
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आगामी सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। इसके अलावा विगत सत्रावसान के बाद शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए प्रख्यापित अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी सदन में प्रस्तुत कर पारित कराए जाएंगे। साथ ही अन्य आवश्यक विधायी एवं शासकीय कार्य भी संपादित किए जाएंगे।



 

संभल हिंसा की जांच रिपोर्ट रखी जाएगी

सत्र के दौरान संभल में 24 नवंबर 2024 को भड़की हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। न्यायिक जांच आयोग ने बीते वर्ष 28 अगस्त को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी थी। अब कैबिनेट ने इसे सदन में पेश करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में बेहद सुनियोजित तरीके से संभल की डेमोग्राफी बदलने की साजिश का खुलासा किया गया था। 

रिपोर्ट के मुताबिक आजादी के दौरान संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो घटकर महज 15 फीसद रह गई। यह बदलाव लगातार हिंसा की वजह से पलायन और हिंदुओं के कत्लेआम की वजह से हुआ। दंगा, लव जिहाद और धर्मांतरण के जरिए हिंदू आबादी कम की गई7 हिंदुओं की आबादी 20 फीसद से कम होने के बाद संभल में विदेशी बनाम देसी मुसलमान का संघर्ष शुरू हो गया। 

तुर्क और कंवर्टेड हिंदू पठान आपस में लड़ने लगे। रिपोर्ट में संभल में बीते सात दशक के दौरान हुए 15 दंगों का जिक्र है। वहीं संभल के 68 तीर्थ स्थल और 19 पावन कूप पर कब्जा कर लिया गया। इसके अलावा हरिहर मंदिर का उल्लेख भी है, जहां बाबर काल के साक्ष्य मिले थे।

कई आतंकी संगठनों के सक्रिय होने खासकर आसिम उर्फ सना-उल-हक का उल्लेख है, जिसे अमेरिका आतंकवादी घोषित कर चुका है। यह भी सामने आया था कि संभल में अवैध हथियार और मादक पदार्थों का कारोबार तेजी से पनपता जा रहा है।

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