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यूपी कैबिनेट : बुलंदशहर सहित सात जिलों में नए मेडिकल कॉलेज को मंजूरी, जमीन की अड़चन भी दूर
Wed, 02 Oct 2019 10:39 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 02 Oct 2019 10:39 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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प्रदेश कैबिनेट ने दूसरे चरण में बनाए जाने वाले 14 मेडिकल कॉलेजों में से बुलंदशहर समेत सात के निर्माण की मंजूरी दे दी है। साथ ही इनमें जमीन की कमी से आने वाली अड़चन भी दूर कर दी है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 20 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। इन मेडिकल कॉलेजों में जितनी-जितनी जमीन की कमी है, उसकी व्यवस्था कर चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किए जाने के अलग-अलग प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कुल 14 मेडिकल कॉलेज दूसरे चरण में बनाए जाने हैं। इनमें चार को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। बुलंदशहर, गोंडा, सुल्तानपुर, चंदौली, अमेठी, औरैया व सोनभद्र के जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और ललितपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। लेकिन इसके लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वहां सामान्य अनुमति से ही कार्य शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मेडिकल कालेज पर 325 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र व राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में मिलकर यह खर्च वहन करेंगे।
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मंत्री ने बताया कि 70 वर्ष में प्रदेश में केवल 13 मेडिकल कॉलेज थे। योगी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 27 मेडिकल कालेजों के निर्माण का काम शुरू किया गया है। पहले चरण में 13 मेडिकल कॉलेज बनाने को मंजूरी दी गई थी। 14 मेडिकल कालेज दूसरे चरण में बनने शुरू हो रहे हैं।
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राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कुल 14 मेडिकल कॉलेज दूसरे चरण में बनाए जाने हैं। इनमें चार को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। बुलंदशहर, गोंडा, सुल्तानपुर, चंदौली, अमेठी, औरैया व सोनभद्र के जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।
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उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और ललितपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। लेकिन इसके लिए कैबिनेट से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। वहां सामान्य अनुमति से ही कार्य शुरू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मेडिकल कालेज पर 325 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्र व राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में मिलकर यह खर्च वहन करेंगे।
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मंत्री ने बताया कि 70 वर्ष में प्रदेश में केवल 13 मेडिकल कॉलेज थे। योगी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 27 मेडिकल कालेजों के निर्माण का काम शुरू किया गया है। पहले चरण में 13 मेडिकल कॉलेज बनाने को मंजूरी दी गई थी। 14 मेडिकल कालेज दूसरे चरण में बनने शुरू हो रहे हैं।
जिला चिकित्सालय बनाने के लिए इस तरह जमीन हस्तांतरण पर मुहर
- बुलंदशहर में कृषि विद्यालय के नाम दर्ज 10.126 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क देने पर मुहर।
- गोंडा में आबादी कारागार के रूप में दर्ज 26 एकड़ जमीन में से 15 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क देने पर मुहर।
- सुल्तानपुर में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सरकार के खाते में दर्ज 14.8263 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को एक रुपये के वार्षिक किराए की दर से 90 वर्ष के लिए पट्टे पर दी जाएगी।
- अमेठी में 3.899 एकड़ सीलिंग भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क देने को मंजूरी।
- चंदौली में वाणिज्यकर विभाग के नाम दर्ज 5.02 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
- औरैया में यातायात पुलिस लाइन के नाम दर्ज 15.20 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क देने पर मुहर।
- सोनभद्र में कलेक्ट्रेट मुख्यालय के नाम दर्ज 2.770 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने को मंजूरी।