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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Cabinet Decision: Family members of personnel will get help of up to 30 lakhs on death during election duty.

यूपी कैबिनेट का निर्णय : चुनाव डयूटी के दौरान मृत्यु पर कार्मिक के परिजनों को मिलेगी 30 लाख तक सहायता

Mon, 05 Apr 2021 09:26 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 05 Apr 2021 09:26 PM IST
सार

-  लोकसभा, विधानसभा व विधान परिषद चुनाव तथा उपचुनाव की ड्यूटी में लागू
- स्थाई दिव्यांगता में कर्मी को दी जाने वाली राशि भी बढ़ाई गई
- कैबिनेट बाई सर्कुलेशन सहायता राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को दी गई मंजूरी

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UP Cabinet Decision: Family members of personnel will get help of up to 30 lakhs on death during election duty.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश सरकार ने लोकसभा, विधानसभा व विधान परिषद चुनाव व उपचुनाव में तैनात कार्मिकों की चुनाव के दौरान मृत्यु होने या घायल होने की दशा में आर्थिक सहायता की राशि बढ़ा दी है। ड्यूटी के दौरान अलग-अलग कारणों से मृत्यु पर 15 से 30 लाख रुपये तक अनुग्रह राशि के रूप में आर्थिक सहायता मिलेगी।
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प्रदेश सरकार ने सोमवार शाम कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रशिक्षण अथवा मतदान व मतगणना ड्यूटी के दौरान किसी असामयिक दुर्घटना में मृत्यु पर परिजनों को वर्तमान में 10 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इस राशि को बढ़ाकर 15 लाख करने का फैसला किया गया है। इसी तरह ड्यूटी के दौरान किसी असामयिक दुर्घटना (जैसे- आतंकवादी हिंसा व असामाजिक तत्वों द्वारा हत्या, रोड माइंस, बम ब्लास्ट व हथियारों से आक्रमण आदि की दशा) में मृत्यु पर सहायता राशि मौजूदा 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दिया है।
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इसके अलावा आतंकवादी हिंसा व असामाजिक तत्वों, रोड माइंस, बम ब्लास्ट व हथियारों से आक्रमण आदि कारणों से घटित दुर्घटना में किसी अंग की स्थाई दिव्यांगता पर इस समय 10 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। अब इसे बढ़ाकर 15 लाख कर दिया गया है। किसी अन्य कारण से घटित दुर्घटना में किसी अंग की स्थाई दिव्यांगता पर वर्तमान में 5 लाख रुपये दिए जाते हैं। अब इसे बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है।
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तीन जलविद्युत परियोजनाओं से खरीदी जाएगी 400 मेगावाट बिजली

गर्मी में बिजली की कमी को पूरा करने के लिए तीन जल विद्युत परियोजनाओं से 400 मेगावाट बिजली खरीदी जाएगी। यह बिजली मई से अक्तूबर के बीच ली जाएगी। इसकी कीमत 5.57 रुपये प्रति यूनिट होगी। प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के जरिये तीनों परियोजनाओं से बिजली खरीद का फै सला किया गया है। राज्य सरकार ने सोमवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन तीनों परियोजनाओं से 25 साल के लिए दीर्घकालीन विद्युत क्रय अनुबंध (पीपीए) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार टिडोंग पावर जनरेशन से 75 मेगावाट, जीएमआर एनर्जी से 60 मेगावाट तथा तीस्ता ऊर्जा लिमिटेड से 265 मेगावाट बिजली खरीद का करार किया जाएगा। 25 वर्ष तक हर साल मई से अक्तूबर के बीच ये बिजली खरीदी जाएगी। इसका बड़ा फायदा ये होगा कि कर्मी में पीक आवर्स में बिजली की कमी को पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा मई से अक्तूबर के अलावा बाकी महीनों में फिक्स्ड चार्ज का भुगतान नहीं करना होगा। इससे बिजली कंपनियों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

पावर कार्पोरेशन अपनी जरूरत के हिसाब से पीक आवर्स में निर्धारित छह घंटे बिजली ले सकेगा। केंद्र सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों के लिए सौर ऊर्जा व जल विद्युत खरीदने की बाध्यता कर रखी है। सरकार के इस फैसले से जल विद्युत खरीद की बाध्यता का लक्ष्य भी हासिल करने में मदद मिलेगी। इसका एक लाभ यह है कि कोयले के दाम, रेल माल भाड़े में वृद्धि, टैक्स व ड्यूटी आदि के नाम पर बिजली की कीमत में बढ़ोतरी का भी जोखिम नहीं रहेगा।
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