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यूपी कैबिनेट का फैसला: ऑनलाइन शॉपिंग पर लगेगा टैक्स
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 May 2016 05:38 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मीटिंग में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए बजट में घोषित समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना की गाइड लाइन को मंजूरी दी गई।
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इसमें युवाओं को उद्योग व सेवा क्षेत्र में कारोबार के लिए बिना गारंटी ऋण दिलाने और दो साल सफलता पूर्वक यूनिट के संचालन पर सरकार से मिलने वाली मार्जिन मनी को अनुदान में बदलने का प्रावधान प्रस्तावित है।
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इसके अलावा इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
- ऑनलाइन शॉपिंग में देना होगा टैक्स
- पैनल सोलर से चलेंगे 6000 ट्यूबवेल
- हमीरपुर में ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहन
- हमीरपुर के बाद यूपी के बाजार को मिलेगा प्रोत्साहन
- वाराणसी में तेज होगा मेट्रो का काम
- हथकरधा बुनकरों को विद्युत दर में छूट
यूं लिया गया शॉपिंग पर टैक्स का फैसला
बता दें, ई-कॉमर्स व ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये सूबे में करोड़ों रुपये के माल मंगवाया जाता है। जिसमें फूट वियर, चमड़े व प्लास्टिक के सामान, रेडिमेड गारमेंट्स, मोबाइल फोन आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। अब तक इस व्यवस्था के जरिये सामान मंगवाने पर प्रवेश कर नहीं लगता था।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पांच हजार रुपये तक का माल मंगाने पर रोड परमिट की जरूरत नहीं पड़ती थी। जिसकी आड़ में ई-कॉमर्स सर्विस से जुड़े व्यापारी करोड़ों का माल मंगाते थे।
उधर, स्थानीय व्यापारी भी इसका विरोध करते रहे हैं कि उन्हें माल मंगाने पर टैक्स देना पड़ता है और ई-कामर्स व ऑनलाइन माल मंगाने वाले व्यापारियों से कोई टैक्स नहीं लिया जाता है। कैबिनेट के फैसले के बाद यूपी में सामान मंगवाने पर पांच फीसदी प्रवेश कर वसूला जाएगा।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पांच हजार रुपये तक का माल मंगाने पर रोड परमिट की जरूरत नहीं पड़ती थी। जिसकी आड़ में ई-कॉमर्स सर्विस से जुड़े व्यापारी करोड़ों का माल मंगाते थे।
उधर, स्थानीय व्यापारी भी इसका विरोध करते रहे हैं कि उन्हें माल मंगाने पर टैक्स देना पड़ता है और ई-कामर्स व ऑनलाइन माल मंगाने वाले व्यापारियों से कोई टैक्स नहीं लिया जाता है। कैबिनेट के फैसले के बाद यूपी में सामान मंगवाने पर पांच फीसदी प्रवेश कर वसूला जाएगा।