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UP: मायावती ने 'एक देश-एक चुनाव' प्रस्ताव का किया समर्थन, बोलीं- इसका उद्देश्य जनहित होना चाहिए
Thu, 19 Sep 2024 02:55 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 19 Sep 2024 02:55 PM IST
सार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ उपचुनाव सहित कई मुद्दों को लेकर बैठक की। उन्होंने एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार का समर्थन किया है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्रीय कैबिनेट के 'एक देश-एक चुनाव' के मंजूर किए गए प्रस्ताव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत देश में लोकसभा, विधानसभा व स्थानीय निकाय का चुनाव एक साथ कराने वाले प्रस्ताव पर बसपा का स्टैंड सकारात्मक है, लेकिन इसका उद्देश्य देश व जनहित होना जरूरी है। बसपा ने ये बयान पार्टी की लखनऊ में आयोजित बैठक के बाद जारी किया।
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बसपा ने बृहस्पतिवार को पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और उपचुनाव की समीक्षा करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा के लिए लखनऊ में बैठक बुलाई जिसमें पार्टी की राज्य इकाई के छोटे-बड़े सभी पदाधिकारी व जिलाध्यक्ष शामिल हुए।
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मायावती ने बैठक में कहा कि भाजपा सरकार व विपक्षी पार्टियों के बीच जनहित व जनकल्याण के ज्वलंत मुद्दों को लेने की बजाय केवल जातिवादी, सांप्रदायिक व जाति-बिरादरी आधारित राजनीति की जा रही है ऐसे में बसपा को जनता के बीच मुस्तैदी से पैठ बनाने का लाभ उपचुनाव में पार्टी को मिल सकता है।
बुलडोजर विध्वंस कानून के राज का प्रतीक नहीं
मायावती ने कहा कि बुलडोजर विध्वंस कानून के राज का प्रतीक नहीं है। इसके बावजूद इसके प्रयोग की बढ़ी प्रवृत्ति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर या ऐसे ही किसी मामले में जनता जब सहमत नहीं होती है तो केंद्र को आगे आकर मामले में गाइडलाइंस बनानी चाहिए। जो कि नहीं किया गया वरना सुप्रीम कोर्ट को खुद आगे आकर इस मामले में हस्तक्षेप न करना पड़ता। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को संविधान व कानूनी राज के अमल होने पर जरूर ध्यान देना चाहिए।