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UP Budget : यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट, युवा, किसान और बुनियाद पर खास ध्यान
Thu, 23 Feb 2023 04:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 23 Feb 2023 04:02 AM IST
सार
इसमें वित्त मंत्री ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए एक मंडल-एक विश्वविद्यालय के लक्ष्य पर बढ़ते हुए देवीपाटन, मिर्जापुर व मुरादाबाद मंडल में नए राज्य विश्वविद्यालयों का एलान किया है।
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यूपी बजट।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अब तक का सबसे बड़ा 6,90,242.43 करोड़ का बजट पेश किया। इसमें वित्त मंत्री ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए एक मंडल-एक विश्वविद्यालय के लक्ष्य पर बढ़ते हुए देवीपाटन, मिर्जापुर व मुरादाबाद मंडल में नए राज्य विश्वविद्यालयों का एलान किया है। साथ ही युवाओं के लिए कुशीनगर में एक नए कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की घोषणा की।
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31 हजार युवाओं को मुख्यमंत्री प्रशिक्षुता योजना से प्रशिक्षण और स्टार्टअप में आगे आने वाले युवाओं के लिए स्टार्टअप सीड फंड के रूप में 100 करोड़ रुपये दिए हैं। वोट देने को तैयार हो रहे कॉलेज के युवाओं को टैबलेट व स्मार्टफोन देने के लिए 3,600 करोड़ की व्यवस्था फिर कर दी है। प्राइमरी व जूनियर स्कूलों की शिक्षा में आमूलचूल बदलाव की पहल करते हुए पीएमश्री योजना के लिए 1,010 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बजट में इस बार कोई भी नया कर नहीं लगाया गया है।
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एक करोड़ किसानों को राहत : वित्त मंत्री ने कोविड काल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हुए प्रदेश के किसानों का पूरा ख्याल रखा है। उन्होंने 14 लाख निजी नलकूप कनेक्शन वाले किसानों को मुफ्त सिंचाई की सौगात दी है। इससे एक करोड़ से ज्यादा किसान फायदा पाएंगे।
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पूंजीगत खर्च से रोजगार के अवसर : प्रदेश को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूंजीगत खर्च में वृद्धि जरूरी है। खन्ना ने 1.87 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे हैं। यह चालू वित्त वर्ष की अपेक्षा 63,968 करोड़ रुपये अधिक है। पूंजीगत खर्च में वृद्धि से विकास योजनाओं व इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलेगी। इससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
निवेश प्रोत्साहन के लिए एक्सप्रेसवे
पहले से बन रहे गोरखपुर-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे व मेरठ से प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे को आगे बढ़ाने के साथ झांसी लिंक एक्सप्रेसवे व चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के रूप में दो नए एक्सप्रेसवे का एलान किया गया है। इसी तरह निवेशकों को प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा विकसित करने की घोषणा भी की है।
दो करोड़ युवाओं को देंगे रोजगार
दावा किया गया है कि संकल्प पत्र में किए गए 130 में से 110 वादे पूरे हुए हैं। बजट में घोषणाओं के साथ ही निजी क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार से प्रदेश के दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भाजपा ने लोक कल्याण संकल्प पत्र प्रस्तुत कर जनता से 130 वादे किए थे। सरकार ने 110 वादों को बजट में शामिल किया है। संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए 64 हजार करोड़ रुपये समर्पित किए हैं।
भारी-मध्यम उद्योगों को तरजीह
लखनऊ। प्रदेश के बजट में भारी और मध्यम उद्योगों के लिए 20,586 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही उनके दोनों ओर औद्योगिक गलियारे विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दो लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से डिफेंस कॉरिडोर के झांसी और चित्रकूट नोड तक कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। इससे औद्योगिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी। भारी और मध्यम उद्योग के तहत वित्त वर्ष 2023-24 में 9,826.95 करोड़ रुपये पूंजीगत मद यानी नई संपत्तियों के सृजन पर खर्च होंगे। इसमें दूरसंचार एवं इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों, उपभोक्ता उद्योगों व अन्य उद्योगों के मद में बजट की व्यवस्था की गई है।
नए औद्योगिक विकास व निवेश के लिए अवसर खोलने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और यातायात का दबाव कम करने के लिए झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी तरह से चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85 करोड़ की व्यवस्था की गई है। स्टेट डाटा सेंटर को विकसित करने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उप्र. सहकारी कताई मिल्स संघ लिमिटेड, उप्र. स्टेट यार्न कंपनी लिमिटेड और स्पिनिंग कंपनी लिमिटेड की शासकीय देयताओं के भुगतान के लिए 878.18 करोड़ दिए जाने का प्रस्ताव है।
युवाओं के लिए 17 पायलट वर्कशॉप
अमरोहा, बागपत, अमेठी, संभल, शामली, हापुड़ के अलावा वाराणसी व चंदौली में जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र और उद्यमिता विकास केंद्र के कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 5.35 करोड़ दिए गए हैं। युवाओं के तकनीकी उन्नयन के लिए 17 राजकीय पायलट वर्कशॉप के लिए 25 करोड़ की व्यवस्था की गई है। अलीगढ़, आजमगढ़, सुल्तानपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, गाजियाबाद, लखनऊ, पीलीभीत, बरेली, सहारनपुर, राजकीय चीनी पात्र विकास केंद्र, झांसी, कृषि यंत्र संयंत्र प्रशिक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी के पुनर्निर्माण या सुदृढ़ीकरण पर यह राशि खर्च होगी।
एमएसएमई और वस्त्र नीति के लिए 250 करोड़
एमएसएमई क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार पैदा होने की स्थिति को देखते हुए एमएसएमई नीति-2022 को लागू करने के लिए 100 करोड़ का बजट दिया गया है। उप्र. सेवा क्षेत्र नीति-2022 को लागू करने के लिए एक करोड़ का बजट प्रावधान है। उप्र. वस्त्र एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के लिए 150 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
3,000 करोड़ रुपये से संवरेगी शहरों की सूरत
बजट में शहरों के विकास के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/ नया शहर प्रोत्साहन’ नाम से नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के लिए सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान भी कर दिया है। इससे विकास प्राधिकरणों के माध्यम से शहरों के विकास को गति दी जाएगी। इस योजना के तहत जहां शहरों में अवस्थापना विकास के काम होंगे।
गोरखपुर व वाराणसी समेत कई शहरों में चलेगी मेट्रो
बरेली और प्रयागराज में भी मेट्रो रेल सेवा शुरू करने के लिए टोकेन राशि के तौर पर 100 करोड़ का प्रावधान किया है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ के बीच निर्माणीधीन रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को पूरा करने के लिए भी 1,306 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
ढांचागत विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त वर्ष 2023-24 के बजट की बड़ी राशि ढांचागत विकास पर खर्च होगी। इससे प्रदेश में उद्यमों की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बजट भाषण के बाद मीडिया से मुखातिब सीएम ने कहा कि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समानांतर चार और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के समानांतर दो औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास भी औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। बुंदेलखंड में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर बनाया जाएगा। अयोध्या को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के बाद सभी 17 नगर निगम को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017-18 से सरकार ने हर वर्ष थीम आधारित बजट पेश किया है। 2017-18 का बजट किसानों को समर्पित था, 2018-19 में ढांचागत विकास और औद्योगिक विकास के लिए था। 2019-20 का बजट मिशन शक्ति, महिला सुरक्षा, महिला सम्मान और महिला स्वावलंबन के लिए समर्पित रहा। 2020-21 का बजट युवाशक्ति, कौशल विकास, रोजगार और प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए था। 2021-22 का बजट प्रदेश के समग्र विकास को ध्यान में रखकर स्वावलंबन से सशक्तिकरण को समर्पित था। 2022-23 का बजट अंत्योदय से आत्मनिर्भरता का बजट था, इस बार 2023-24 का बजट उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित है।
इस तरह आया अंतर
- 2016-17 में 86 हजार करोड़ रुपये राजस्व कर मिला था। 2022-23 में राजस्व कर 2.20 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर रहा है।
- 2016-17 में बिक्री कर और वैट से 51 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। अब जीएसटी से 1.25 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।
- 2016-17 में आबकारी से 12 हजार करोड़ रुपये मिला था। 2022-23 में 45 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।
- 2016-17 में 20 फीसदी से अधिक वित्त पोषण ऋण के माध्यम से होता था। लेकिन अब 16 फीसदी ऋण के जरिये हो रहा है।
- 2016-17 में 8 फीसदी बजट पुराने कर्ज को अदा करने में खर्च होता था, लेकिन अब 6 फीसदी बजट कर्ज अदा करने पर खर्च होता है।
- 2016-17 में यूपी का क्रेडिट डिपोजिट औसत 46 प्रतिशत था, लेकिन अब 55 फीसदी हुआ है।
- 2016-17 में बेरोजगारी की दर 18 फीसदी थी, ये अब 4 फीसदी रह गई है।
- 2016-17 में बजट में राज्य सरकार की स्वयं की आय केवल 33 फीसदी थी। शेष ऋण या केंद्र सरकार पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब बजट में 45 से 46 फीसदी भाग प्रदेश सरकार की आय का हिस्सा है।
- 2012-17 के बीच प्रदेश में 5.90 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए थे। 2017-22 के बीच 9.50 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए।