यूपी में बजट सत्र में विपक्ष का जमकर हंगामा, सदन की कार्यवाही शुक्रवार 11 बजे तक के लिए स्थगित
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यूपी विधानमंडल के बजट सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार दोपहर 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सपा-बसपा व कांग्रेस ने सदन शुरू होने से पहले ही सरकार को नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर और प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर घेरने की रणनीति बना रखी थी।
बजट सत्र के पहले दिन विधानभवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन के अंदर भी राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करते रहे। जिसके बाद सदन की कार्यवाही को शुक्रवार दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानमंडल का बजट सत्र सात मार्च तक चलेगा। इस दौरान 18 फरवरी को दोपहर 12.20 पर 2020-21 के लिए बजट पेश किया जाएगा। गुरुवार को सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण के दौरान ही सपा, बसपा और कांग्रेस नेता प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे पर भी केंद्र व राज्य सरकार को घेरा।
इसके पहले बुधवार को बजट सत्र के पहले सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से सदन चलने में सहयोग करने की अपील की थी जिसका कोई असर नहीं दिखा।
सरकार हर मुद्दे पर बहस तैयार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सरकार प्रदेश की सुरक्षा से लेकर युवा, महिलाओं व व्यापारियों से जुड़े हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा एवं समाधान के लिए तैयार है।
सदन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का मंच उपलब्ध कराता है। इसमें गंभीर चर्चा से सदस्यों की गरिमा बढ़ेगी और लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था। इस सत्र में देश के सबसे बड़े राज्य का बजट पेश होगा। यदि हम समय का सही उपयोग कर सके तो चार-पांच दिन तक बजट पर चर्चा में ही प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।
कार्यवाही शब्दों की धरोहर
योगी ने कहा, सदन की कार्यवाही के रूप में शब्दों की धरोहर बनती है। जब तक भारत के लोकतंत्र का इतिहास अक्षुण्ण रहेगा, सदस्यों द्वारा सदन में बोली गई बातें सुरक्षित रहेंगी। इसलिए सदस्यों के सुझाव प्रभावी, महत्वपूर्ण और प्रदेश के लिए कल्याणकारी होने चाहिए।
'14 फरवरी से जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे'
14 फरवरी से जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। महिलाओं के शांतिपूर्ण आंदोलनों को कुचला जा रहा है। उन पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। महिलाओं के कंबल छीने जा रहे हैं, धरना स्थलों पर पानी भरा जा रहा है। महंगाई व बेरोजगारी सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती जा रही है। इसके विरोध में आवाज उठाने पर छात्र-नौवजवानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं।
इन मुद्दों को विधानसभा में उठाकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा। बैठक में सीएए विरोधी आंदोलन में पुलिस की गोली से मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई गई। बताया गया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएए विरोधी आंदोलन में मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी है। विधानमंडल दल ने इसके लिए उनका आभार जताया। बैठक में रामगोविंद के अलावा विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, एसआरएस यादव मौजूद थे।