यूपी बजट: जिला मुख्यालय वाले शहरों को बनाया जाएगा स्मार्ट सिटी, 40 हजार करोड़ से बदलेगी इन शहरों की सूरत
UP Budget:यूपी के बजट में उन शहरों पर फोकस किया गया है जो नगर पालिका के स्तर के हैं। उन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा।
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बजट में सरकार ने छोटे शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के संकल्प को दोहराया है। इसके लिए सरकार ने बजट में शहरी सुविधाओं के विकास पर 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि की व्यवस्था की है। सरकार का मानना है कि शहर ही प्रदेश के विकास के ग्रोथ इंजन हैं, इसलिए शहरों का विकास सरकार की प्राथमिकता में है। बजट में सरकार ने पहले चरण में जिला मुख्यालय वाले 50 नगर पालिका परिषद वाले शहरों को आदर्श स्मार्ट सिटी बनाने का एलान किया है। इसके लिए नगर विकास विभाग आदर्श स्मार्ट नगर निकाय के नाम से नई योजना शुरू करेगा।
सरकार ने नगर विकास और आवास विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 40009.85 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इस राशि से सड़क, नाली, पार्क या फिर अन्य जरूरी कार्य होंगे। ये सभी काम आदर्श स्मार्ट नगर निकाय योजना के तहत कराए जाएंगे। इसके लिए भी बजट में टोकन मनी के रूप में 145 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में मौजूदा समय 762 नगर निकाय हैं। इनमें से 17 नगर निगमों को स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। यह काम लगभग पूरा हो गया है और 31 मार्च को परियोजनाएं समाप्त हो जाएंगी।
अयोध्या में बनेंगे नए संयुक्त कार्यालय भवन
राज्य सरकार धार्मिक नगरी योजना के तहत अयोध्या में नगर निगम, विकास प्राधिकरण और संयुक्त नवीन भवन कार्यालय का निर्माण कराएगी। इसके लिए 28.88 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आवास विभाग इसका निर्माण कराएगा। मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण बेहतर सुविधाएं देने के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आगरा मेट्रो के लिए 59 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
शहरों में शुरू होगी अन्नपूर्णा रसोई
नए नगर निगमों मथुरा-वृंदावन, अयोध्या व शाहजहांपुर और भविष्य में बनने वाले नगर निगमों में सड़कें बनाने, उसके सुधारीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। शहरों में आने वालों को कम कीमत पर खाने की व्यवस्था करने के लिए अन्नपूर्णा रसोई शुरू की जाएगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
जरूरतमंदों को पीएम आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना एक के लिए 3150 करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना दो के लिए 1731.89 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4881.60 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। सरकार सभी जरूरतमंदों को छत देने जा रही है।
खत्म होगी शहरी बाढ़ की समस्या
राज्य सरकार ने शहरी बाढ़ की समस्या को खत्म करने के लिए स्टाॅर्म वाटर ड्रेनेज योजना में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। अमृत योजना में 4100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट योजना शहरी के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस पैसे से शहरों में जरूरत के आधार पर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती विकास योजना में 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे शहरी क्षेत्रों में टाइल्स सड़क बनाने का काम किया जाएगा।
एससीआर में खुलेंगे रोजगार के रास्ते
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) बनाकर बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें छह जिले लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और उन्नाव को शामिल किया गया है। इससे प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल बनेगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।