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Lucknow News: यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं आज से, परीक्षार्थियों ने हेल्पलाइन पर पूछे प्रैक्टिकल से जुड़े सवाल
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लखनऊ। हैलो सर! मैं लखनऊ से बोल रहा हूं...। प्रैक्टिकल की उत्तर पुस्तिका में कितने प्रयोग लिखने होंगे। वायवा की तैयारी के कुछ टिप्स दे दीजिए। ये भी बताएं कि अच्छे नंबर कैसे लाएं...। कुछ इसी तरह के प्रश्न शुक्रवार को प्रदेश भर के परीक्षार्थियों ने प्रयोग परामर्श हेल्पलाइन पर फोन कर विशेषज्ञों से पूछे। संयुक्त शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल के कार्यालय में यह हेल्पलाइन दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक क्रियाशील रही।
हेल्पलाइन प्रभारी व मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि हेल्पलाइन के नंबर पर सुबह से ही कॉल आने लगी थी। उस समय उन्होंने रसायन विज्ञान संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए। दोपहर 2 बजे अन्य विशेषज्ञों की उपस्थिति में संयुक्त निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। इसके बाद इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग के 88 परीक्षार्थियों ने कॉल कर प्रैक्टिकल संबंधी सवाल पूछे।
कुल 88 बच्चों ने पूछे सवाल
हेल्पलाइन के विशेषज्ञ पैनल में भौतिक विज्ञान के डॉ. अरविंद वर्मा व जीव विज्ञान की डॉ. रेशमा सिंह ने परीक्षार्थियों की शंका का समाधान किया। हेल्पलाइन पर लखनऊ के अलावा गोंडा से सारिका सिंह, बलिया से अजय कुमार, चित्रकूट से अमित सिंह, देवरिया से सचिन राम, बाराबंकी से भूपेंद्र सिंह, सीतापुर से शिवम वर्मा सहित कुल 88 परीक्षार्थियों के कॉल कर सवाल पूछे।
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प्रमुख सवालों पर आधारित विशेषज्ञों के जवाब
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि रसायन विज्ञान में निर्धारित समय में तीन प्रयोग करने होते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी प्रयोगशाला में अभिकर्मक व ज्वलनशील पदार्थ का सावधानी से प्रयोग करें। मोलरता, मोललता, मात्रक व सूत्र याद रखें। अम्लीय व क्षारीय मूलकों में विभेद व वर्ग चिह्नित कर लें। प्रयोगशाला में उपलब्ध कार्बनिक यौगिकों की पहचान कर उनके क्रियात्मक समूह का परीक्षण पढ़ लें। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि इसमें खंड क और ख में 5 व 6 प्रयोग होते हैं। दोनों खंडों से एक-एक प्रयोग करना होता है। प्रयोगात्मक रिकॉर्ड में उचित संख्या में प्रयोग लिखे होने चाहिए। ग्राफ स्पष्ट बनाएं। परिणाम संग मात्रक अवश्य लिखें। जीव विज्ञान की प्रवक्ता डॉ. रेशमा सिंह ने बताया कि स्लाइड निर्माण के 5 अंक, स्पॉटिंग के 6 अंक, सत्रीय कार्य और मौखिकी के 4 अंक होते हैं। परीक्षार्थी स्लाइड पर नाम व अनुक्रमांक स्लिप अवश्य लगाएं। प्रयोग के सभी चरण क्रम में लिखें, चित्र अवश्य बनाएं। स्पॉट का वर्णन करते वक्त समय का ध्यान रखें।
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हेल्पलाइन प्रभारी व मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि हेल्पलाइन के नंबर पर सुबह से ही कॉल आने लगी थी। उस समय उन्होंने रसायन विज्ञान संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए। दोपहर 2 बजे अन्य विशेषज्ञों की उपस्थिति में संयुक्त निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। इसके बाद इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग के 88 परीक्षार्थियों ने कॉल कर प्रैक्टिकल संबंधी सवाल पूछे।
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कुल 88 बच्चों ने पूछे सवाल
हेल्पलाइन के विशेषज्ञ पैनल में भौतिक विज्ञान के डॉ. अरविंद वर्मा व जीव विज्ञान की डॉ. रेशमा सिंह ने परीक्षार्थियों की शंका का समाधान किया। हेल्पलाइन पर लखनऊ के अलावा गोंडा से सारिका सिंह, बलिया से अजय कुमार, चित्रकूट से अमित सिंह, देवरिया से सचिन राम, बाराबंकी से भूपेंद्र सिंह, सीतापुर से शिवम वर्मा सहित कुल 88 परीक्षार्थियों के कॉल कर सवाल पूछे।
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प्रमुख सवालों पर आधारित विशेषज्ञों के जवाब
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि रसायन विज्ञान में निर्धारित समय में तीन प्रयोग करने होते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी प्रयोगशाला में अभिकर्मक व ज्वलनशील पदार्थ का सावधानी से प्रयोग करें। मोलरता, मोललता, मात्रक व सूत्र याद रखें। अम्लीय व क्षारीय मूलकों में विभेद व वर्ग चिह्नित कर लें। प्रयोगशाला में उपलब्ध कार्बनिक यौगिकों की पहचान कर उनके क्रियात्मक समूह का परीक्षण पढ़ लें। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि इसमें खंड क और ख में 5 व 6 प्रयोग होते हैं। दोनों खंडों से एक-एक प्रयोग करना होता है। प्रयोगात्मक रिकॉर्ड में उचित संख्या में प्रयोग लिखे होने चाहिए। ग्राफ स्पष्ट बनाएं। परिणाम संग मात्रक अवश्य लिखें। जीव विज्ञान की प्रवक्ता डॉ. रेशमा सिंह ने बताया कि स्लाइड निर्माण के 5 अंक, स्पॉटिंग के 6 अंक, सत्रीय कार्य और मौखिकी के 4 अंक होते हैं। परीक्षार्थी स्लाइड पर नाम व अनुक्रमांक स्लिप अवश्य लगाएं। प्रयोग के सभी चरण क्रम में लिखें, चित्र अवश्य बनाएं। स्पॉट का वर्णन करते वक्त समय का ध्यान रखें।