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शुरू हुई यूपी बोर्ड परीक्षा, पहले दिन भीगते हुए सेंटर पहुंचे बच्चे
Thu, 07 Feb 2019 10:23 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 07 Feb 2019 10:23 PM IST
सार
- छात्र संख्या कम होने की वजह से पहले दिन अधिकारियों ने ली राहत की सांस।
- कक्ष निरीक्षकों को अभी तक फोन कर ड्यूटी ज्वाइन करने का दिया जा रहा निर्देश।
- बेसिक के 348 शिक्षक नहीं पहुंचे ड्यूटी करने।
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यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल छात्र
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
यूपी बोर्ड परीक्षा का आगाज गुरुवार से हो गया। पहले दिन तक करीब 40 प्रतिशत शिक्षकों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। डीआईओएस परीक्षा कार्यालय फोन कर शिक्षकों को ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्देश देता रहा। दूसरे स्कूलों से करीब 2885 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें करीब 60 प्रतिशत ने ही ड्यूटी ज्वाइन की। उधर हड़ताल की वजह से बेसिक के 348 शिक्षकों ने भी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। डीआईओएस ने बताया कि 12 फरवरी से सभी कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जानी है। वहीं बारिश की वजह से छात्रों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में काफी परेशानी हुई।
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन पंजीकृत छात्र संख्या काफी कम होने की वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था नहीं मिली। इस दौरान परीक्षा कार्यालय सभी को ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्देश देता रहा। पहले ही दिन डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा समेत शासन के अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया। बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 1,00,489 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन पहले दिन दोनों पालियों में महज 1,945 छात्रों की ही परीक्षा थी।
सुबह की पाली में हाईस्कूल के महज 711 छात्र ही पंजीकृत थे। छात्र संख्या काफी कम होने की वजह से परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। इस वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने अपर मुख्य सचिव आरके तिवारी, जेडी सुरेंद्र कुमार तिवारी, डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ नवयुग गर्ल्स इंटर कॉलेज राजेंद्र नगर, अग्रसेन कॉलेज और गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज बासमंडी का निरीक्षण किया।
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सुबह की पाली में काफी कम छात्र परीक्षा देने आए थे। डिप्टी सीएम ने इस दौरान परीक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, वॉयस रिकॉर्डर और परीक्षा केंद्रोल रूम का जायजा लिया। डिप्टी सीएम ने नवयुग कन्या में छात्राओं से बात कर समस्या के बारे में पूछा। पेपर के बारे में उन्होंने हाल-चाल जाना। निरीक्षण के दौरान उनको सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। वहीं शाम की पाली में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आरके तिवारी और डीआईओएस ने लखनऊ मोंटेसरी इंटर कॉलेज, अमीरुद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज, सेंटेनियल इंटर कॉलेज और कालीचरण इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम के साथ अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन पंजीकृत छात्र संख्या काफी कम होने की वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था नहीं मिली। इस दौरान परीक्षा कार्यालय सभी को ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्देश देता रहा। पहले ही दिन डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा समेत शासन के अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा का जायजा लिया। बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 1,00,489 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन पहले दिन दोनों पालियों में महज 1,945 छात्रों की ही परीक्षा थी।
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सुबह की पाली में हाईस्कूल के महज 711 छात्र ही पंजीकृत थे। छात्र संख्या काफी कम होने की वजह से परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को नहीं मिली। इस वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने अपर मुख्य सचिव आरके तिवारी, जेडी सुरेंद्र कुमार तिवारी, डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ नवयुग गर्ल्स इंटर कॉलेज राजेंद्र नगर, अग्रसेन कॉलेज और गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज बासमंडी का निरीक्षण किया।
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सुबह की पाली में काफी कम छात्र परीक्षा देने आए थे। डिप्टी सीएम ने इस दौरान परीक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, वॉयस रिकॉर्डर और परीक्षा केंद्रोल रूम का जायजा लिया। डिप्टी सीएम ने नवयुग कन्या में छात्राओं से बात कर समस्या के बारे में पूछा। पेपर के बारे में उन्होंने हाल-चाल जाना। निरीक्षण के दौरान उनको सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। वहीं शाम की पाली में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आरके तिवारी और डीआईओएस ने लखनऊ मोंटेसरी इंटर कॉलेज, अमीरुद्दौला इस्लामिया इंटर कॉलेज, सेंटेनियल इंटर कॉलेज और कालीचरण इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम के साथ अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बारिश में भीगते हुए पहुंचे छात्र
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सुबह बिगड़े मौसम ने छात्रों को काफी तंग किया। बुधवार देर रात से ही बारिश हो रही थी। सुबह परीक्षा से पहले छात्र भीगते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचे। कुछ छात्र रेन कोट पहनकर पहुंचे थे तो कुछ छतरी लेकर। कई छात्र तो परीक्षा केंद्र तक पहुंचते-पहुंचते भीग चुके थे। बारिश में छात्रों के लिए अपने एडमिट कार्ड और आईडी कार्ड को भीगने से बचाना मुश्किल भरा था।
शिक्षकों व कर्मचारियों की हड़ताल से बोर्ड परीक्षा कुछ हद तक प्रभावित
परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षा भवन के कर्मचारी और परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कार्यबहिष्कार पर चले गए। इससे कुछ हद तक बोर्ड परीक्षा कार्य प्रभावित रही। बोर्ड परीक्षा में बेसिक के 328 शिक्षकों को लगाया गया है, जो ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया शिक्षकों की हड़ताल की वजह से परीक्षा में कोई बाधा नहीं पहुंची। पहले दिन परीक्षा में काफी कम छात्र पंजीकृत थे। ज्यादा कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता नहीं थी। परीक्षा केंद्रों पर पहले से मौजूद शिक्षक ही ड्यूटी के लिए पर्याप्त थे। कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के चलते शिक्षा भवन में कोई भी विभागीय कार्य नहीं हुआ। इस वजह से बोर्ड कार्य को लेकर विभाग में उहापोह की स्थिति रही। मंडलीय कंट्रोल रूम इस बार शिफ्ट कर दिया गया। उसे उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं के कार्यालय में शिफ्ट किया गया।
शिक्षकों व कर्मचारियों की हड़ताल से बोर्ड परीक्षा कुछ हद तक प्रभावित
परीक्षा के पहले ही दिन शिक्षा भवन के कर्मचारी और परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कार्यबहिष्कार पर चले गए। इससे कुछ हद तक बोर्ड परीक्षा कार्य प्रभावित रही। बोर्ड परीक्षा में बेसिक के 328 शिक्षकों को लगाया गया है, जो ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया शिक्षकों की हड़ताल की वजह से परीक्षा में कोई बाधा नहीं पहुंची। पहले दिन परीक्षा में काफी कम छात्र पंजीकृत थे। ज्यादा कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता नहीं थी। परीक्षा केंद्रों पर पहले से मौजूद शिक्षक ही ड्यूटी के लिए पर्याप्त थे। कर्मचारियों के कार्यबहिष्कार के चलते शिक्षा भवन में कोई भी विभागीय कार्य नहीं हुआ। इस वजह से बोर्ड कार्य को लेकर विभाग में उहापोह की स्थिति रही। मंडलीय कंट्रोल रूम इस बार शिफ्ट कर दिया गया। उसे उप निरीक्षक संस्कृत पाठशालाएं के कार्यालय में शिफ्ट किया गया।
छात्रा का एडमिट कार्ड रोका, लगी फटकार
मलिहाबाद स्थित डीबीएआर पब्लिक स्कूल की इंटर की शिक्षाशास्त्र की एक छात्रा का स्कूल प्रशासन ने एडमिट कार्ड रोक लिया था। आरोप है कि छात्रा ने फीस जमा नहीं की था। इस वजह से स्कूल एडमिट कार्ड नहीं दे रहा था। दोपहर की पाली की परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रा एसडीएम के पास पहुंच गई। जिसके बाद डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह से बात कराई गई। डीआईओएस ने स्कूल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और एफआईर दर्ज कराने की चेतावनी दी। इसके बाद छात्रा को एडमिट कार्ड मिला।
बिना आईडी कार्ड के परीक्षा देने पहुंचे छात्र
छात्रों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे एडमिट कार्ड के साथ एक आईडी कार्ड लेकर परीक्षा देने पहुंचेगे। छात्रों को आधार कार्ड लेकर आना था। लेकिन एमकेएसडी इंटर कॉलेज में काफी संख्या में छात्र बिना आईडी कार्ड के पहुंचे। उनकी शिकायत डीआईओएस कार्यालय की गई। परीक्षा केंद्र प्रभारी को छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दिलाई गई लेकिन अगली बार से आईडी कार्ड लाने के लिए कहा गया। वहीं एक छात्र के एडमिट कार्ड पर उसकी फोटो की जगह किसी छात्रा की स्कैन फोटो चस्पा थी। उसे परीक्षा नहीं दिया जा रहा था। इस पर डीआईओएस कार्यालय ने छात्र को आईडी कार्ड के साथ परीक्षा दिलाई। वहीं स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर से छात्र के एडमिट कार्ड में संशोधन करें।
बिना आईडी कार्ड के परीक्षा देने पहुंचे छात्र
छात्रों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे एडमिट कार्ड के साथ एक आईडी कार्ड लेकर परीक्षा देने पहुंचेगे। छात्रों को आधार कार्ड लेकर आना था। लेकिन एमकेएसडी इंटर कॉलेज में काफी संख्या में छात्र बिना आईडी कार्ड के पहुंचे। उनकी शिकायत डीआईओएस कार्यालय की गई। परीक्षा केंद्र प्रभारी को छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति दिलाई गई लेकिन अगली बार से आईडी कार्ड लाने के लिए कहा गया। वहीं एक छात्र के एडमिट कार्ड पर उसकी फोटो की जगह किसी छात्रा की स्कैन फोटो चस्पा थी। उसे परीक्षा नहीं दिया जा रहा था। इस पर डीआईओएस कार्यालय ने छात्र को आईडी कार्ड के साथ परीक्षा दिलाई। वहीं स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर से छात्र के एडमिट कार्ड में संशोधन करें।
गिरधारी सिंह में छात्रों ने अंधेरे में दी परीक्षा
गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज में छात्रों को सुबह की पाली में अंधेरे में परीक्षा देनी पड़ी। सुबह बारिश की वजह से लाईट नहीं थी वहीं अंधेरा भी काफी था। कॉलेज में जेनरेटर की व्यवस्था नहीं थी। लाईट न होने के चलते सीसीटीवी कैमरा और वायस रिकॉर्डर भी नहीं चल रहा था। सचल दस्ते ने परीक्षा केंद्र प्रभारी को वैकल्पित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
आज की परीक्षा:
सुबह की पाली
हाईस्कूल- कृषि
इंटर - संगीत गायन, संगीत वादन, नाट्यकला
शाम की पाली
इंटर - संस्कृत, उर्दू, गुजराती, पंजाबी, बांग्ला, मराठी, आसामी, उड़िया, कन्नड़, सिंधी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, नेपाली
आज की परीक्षा:
सुबह की पाली
हाईस्कूल- कृषि
इंटर - संगीत गायन, संगीत वादन, नाट्यकला
शाम की पाली
इंटर - संस्कृत, उर्दू, गुजराती, पंजाबी, बांग्ला, मराठी, आसामी, उड़िया, कन्नड़, सिंधी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, नेपाली
किया सराहनीय कार्य, एसआई ने छात्रा की परीक्षा छूटने से बचाया
नाका थाना के एसआई उमेश चंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए इंटर की एक छात्रा की परीक्षा छूटने से बचाया। बासमंडी स्थित गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में दोपहर की पाली में एसआई उमेश चंद्र, हेड कॉन्स्टेबल मोहम्मद अब्दुल तकी और कॉन्स्टेबल पवन कुमार की ड्यूटी थी। इसी दौरान एक छात्रा परीक्षा देने पहुंची। उसके पिता उसे छोड़कर चले गए थे। परीक्षा शुरू होने के पांच मिनट पहले ही वह परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंची। जब उसके एडमिट कार्ड की जांच की गई तो पता चला कि उसका केंद्र आलमबाग स्थित गुरुनानक इंटर कॉलेज था। उसे वहां पर जाने के लिए कहा गया। परीक्षा छूटने के डर से वह रोने लगी। उसके पिता बंगला बाजार स्थित अपने घर पहुंच चुके थे। इसके बाद एसआई उमेश चंद्र ने उसे अपनी मोटरसाइकिल पर उसे आलमबाग स्थित परीक्षा केंद्र पर छोड़ा। वह 2:20 मिनट पर वहां पहुंची, जिसके बाद एसआई ने केंद्र व्यवस्थापक से मिलकर वाकये की पूरी जानकारी दी और उसे परीक्षा देने की अनुमति दिलाई।