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UP: बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, फिक्स होगा 150 किलोवाट तक के कनेक्शन का शुल्क, ये होंगे बदलाव
Mon, 15 Dec 2025 09:59 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 15 Dec 2025 09:59 PM IST
सार
नियामक आयोग से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही प्रोसेसिंग शुल्क, सिक्योरिटी राशि, मीटरिंग चार्ज आदि के नाम पर अलग-अलग चार्ज नहीं देना होगा। इससे भ्रष्टाचार खत्म होगा। उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में 150 किलोवाट तक के कनेक्शन का शुल्क फिक्स होगा। यह व्यवस्था खंभे से 300 मीटर की दूरी वाले कनेक्शन पर लागू होगी। ऐसे में एस्टीमेट के नाम पर विद्युत निगमों के अभियंता खेल नहीं कर पाएंगे। इस फैसले पर कॉस्ट डाटा बुक को लेकर 18 दिसंबर को होने वाली सप्लाई रिव्यू पैनल सब कमेटी की बैठक में मुहर लगेगी। नई व्यवस्था लागू होने से अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही 40 मीटर तक कनेक्शन देने की पुरानी प्रणाली समाप्त हो जाएगी।
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प्रदेश में अभी बिजली कनेक्शन लेने पर ट्रांसफॉर्मर, केबल कंडक्टर, लाइन आदि के नाम पर एस्टीमेट तैयार होता है। इसमें अभियंताओं पर आरोप लगता है कि वे कभी खंभे से दूरी अधिक दिखाकर तो कभी ट्रांसफार्मर नहीं होने सहित अलग-अलग कारण बताकर लाखों रुपये का एस्टीमेट बना देते हैं। इसे उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। अब विद्युत नियामक आयोग उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने जा रहा है।
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18 दिसंबर को होने वाली बैठक में बिजली कनेक्शन से जुड़े इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी। प्रस्ताव के मुताबिक 150 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को अब ट्रांसफार्मर, पोल या कंडक्टर जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं की चिंता नहीं करनी होगी। उपभोक्ता सिर्फ एकमुश्त (प्रोसेसिंग फीस सिक्योरिटी राशि मीटरिंग चार्ज व अन्य खर्च शामिल है रहेंगे) निर्धारित शुल्क जमा करेगा। बिजली विभाग 300 मीटर की दूरी तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करके कनेक्शन उपलब्ध कराएगा।
100 मीटर की दूरी और दो किलोवाट पर देने होंगे 5500 रुपये
प्रस्ताव के मुताबिक यदि 2 किलोवाट का घरेलू उपभोक्ता 100 मीटर की दूरी तक कनेक्शन लेना चाहता है तो उसे प्रस्तावित व्यवस्था में एकमुश्त 5500 रुपये जमा करने होंगे। अब तक उसे दो खंभे की लाइन की जरूरत पड़ती थी। इसी प्रकार 300 मीटर की दूरी के उपभोक्ता को मात्र 7555 जमा करना पड़ेगा। इसमें उपभोक्ता को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। खंभा, लाइन, ट्रांसफार्मर व अन्य खर्च विभाग वहन करेगा।
कनेक्शन की दूरी को तीन स्लैब में बांटने का प्रस्ताव
पहला स्लैब : 0 से 100 मीटर
दूसरा स्लैब : 101 से 300 मीटर
तीसरा स्लैब : 301 मीटर से अधिक (अलग व्यवस्था एस्टीमेट)
उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत : वर्मा
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कनेक्शन को फिक्स चार्ज आधारित बनाने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। नियामक आयोग से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही प्रोसेसिंग शुल्क, सिक्योरिटी राशि, मीटरिंग चार्ज आदि के नाम पर अलग-अलग चार्ज नहीं देना होगा। इससे भ्रष्टाचार खत्म होगा। अभियंता एक जैसे मामलों में अलग-अलग एस्टीमेट बनाकर उपभोक्ताओं से सौदेबाजी नहीं कर पाएंगे। नए प्रस्ताव में गरीब उपभोक्ता को मीटर मूल्य के मामले में किस्त की सुविधा भी मिलेगी। यह व्यवस्था ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू होगी। इससे बड़े पैमाने पर विद्युत उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और कनेक्शन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।