फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Big decision of Yogi cabinet, now no anticipatory bail for those who commit crimes against women and child

यूपी: योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, महिलाओं-बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को अब अग्रिम जमानत नहीं

Wed, 26 Jun 2024 12:23 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 26 Jun 2024 12:23 AM IST
सार

Yogi Cabinet Decisions: योगी कैबिनेट ने मंगलवार को महिलाओं और बच्चों के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी। 

विज्ञापन
UP: Big decision of Yogi cabinet, now no anticipatory bail for those who commit crimes against women and child
योगी कैबिनेट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों को अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी। केंद्र सरकार के नए आपराधिक कानूनों में अग्रिम जमानत के प्रावधानों के दृष्टिगत राज्य सरकार संशोधन अध्यादेश लेकर आई है। मंगलवार को कैबिनेट में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) अध्यादेश 2024 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई। राज्यपाल की सहमति के बाद गृह विभाग इसकी अधिसूचना जारी करेगा।
विज्ञापन


वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि गिरफ्तारी की आशंका वाले व्यक्ति की अग्रिम जमानत मंजूर करने के लिए भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 में प्रावधान किए गए हैं। इसमें उप्र राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों के दृष्टिगत संशोधन किया जाना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार अध्यादेश लेकर आई है। इसमें प्रदेश सरकार की महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति की वजह से अग्रिम जमानत नहीं होने का प्रावधान किया गया है। इससे महिलाओं और बच्चों के मन में राज्य व विधि की सत्ता के प्रति अटूट विश्वास उत्पन्न किया जा सकेगा। 
विज्ञापन


अग्रिम जमानत नहीं मिलने से यौन अपराधों की विवेचना और जैविक व वैज्ञानिक साक्ष्यों का जल्द संकलन किया जा सकेगा। इसके अलावा पीड़ित अथवा पीड़िता के भय, दबाव आदि की संभावना का निराकरण भी हो सकेगा। इसके तहत पॉक्सो अधिनियम, बलात्कार से संबंधित धारा 64, 65, 66, 68, 69, 70 व 71 के मामले भी शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


धर्मांतरण, नारकोटिक्स, संगठित अपराध भी दायरे में
अध्यादेश में देश अथवा सरकार विरोधी गतिविधियों (यूएपीए एक्ट), अवैध धर्मांतरण, मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध, ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट को भी शामिल किया गया है। इन मामलों के आरोपियों को भी अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त ऐसे मामले में जिनमें मृत्युदंड की सजा हो सकती है, उसमें भी अग्रिम जमानत नहीं मिल सकेगी।

इन कानूनों में भी नहीं मिलेगी अग्रिम जमानत
- विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम
- स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम
- शासकीय गुप्त बात अधिनियम
- उप्र गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम
- उप्र विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed