यूपी: पंकज चौधरी से पहले ये नेता बन चुके हैं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, दो को मिला मुख्यमंत्री बनने का मौका
UP BJP President: पंकज चौधरी प्रदेश भाजपा के अगले अध्यक्ष होंगे। उनके नाम पर औपचारिक मुहर 14 दिसंबर को लगी जाएगी। पंकज चौधरी के पहले 15 नेताओं को यह पद मिल चुका है।
विस्तार
पंकज चौधरी को प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष चुनना करीब-करीब तय हो गया है। औपचारिक घोषणा रविवार को होगी। 1980 में पार्टी बनने के बाद वह पार्टी के 16वें अध्यक्ष बन रहे हैं। पंकज सात बार के विधायक हैं। पंकज चौधरी के पहले 15 नेताओं को पार्टी का अध्यक्ष बनने का मौका मिला था। प्रदेश में सात बार ब्राह्मणों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसमें से कलराज मिश्र दो बार प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। अगर चेहरों के दृष्टिकोण से देखें तो छह ब्राहाम्ण चेहरों को पार्टी ने प्रदेश का मुखिया बनाया। पार्टी के इतिहास में दो बार ऐसा हुआ है कि प्रदेश अध्यक्ष को मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ हो।
दो लोग बने मुख्यमंत्री भी
अध्यक्ष बनने वाले नेताओं में दो नेता ऐसे रहे हैं जिन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। 1982 से 1984 के बीच प्रदेश अध्यक्ष रहने वाले कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। उन्होंने दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और एक बार सांसद के रूप में कार्य किया। दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के समय वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। दो बार अध्यक्ष बनने वाले राजनाथ सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। वह 2000 से 2002 तक मुख्यमंत्री रहे।
सबसे ज्यादा बार ब्राह्मणों को मौका
प्रदेश अध्यक्ष पद पर बैठने वाले नेताओं को जातिगत नजरिए से देखें तो सबसे ज्यादा बार मौका ब्राह्मणों को मिला है। पहली बार 1980 में माधव प्रसाद त्रिपाठी भाजपा के अध्यक्ष बने। वह चार वर्षों तक अध्यक्ष पद पर रहे। 1991 में लखनऊ के कलराज मिश्र पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए। वह 1997 तक पार्टी के अध्यक्ष पद पर रहे। कलराज मिश्र को दूसरी बार सन 2000 में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया। वह तब करीब दो वर्षों तक इस पद पर रहे।
2004 से 2007 तक केशरीनाथ त्रिपाठी इस पद पर करीब तीन साल तक रहे। रमापति राम त्रिपाठी एक अन्य ब्राहाम्ण चेहरे के रूप में भाजपा के अध्यक्ष रहे। वह 2007 से 2010 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। वह 2012 से 2016 तक करीब चार वर्षों तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। महेंद्र नाथ पांडेय ब्राहाम्ण चेहरे के रूप में अभी तक आखिरी बार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। वह 2017 से 2019 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे।
इस तरह से बने भाजपा अध्यक्ष
2.कल्याण सिंहः माधव प्रसाद त्रिपाठी के बाद कल्याण सिंह पार्टी अध्यक्ष बने। वह छह वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। कल्याण सिंह दो बार यूपी के मुख्यमंत्री भी रहे। कल्याण बीच में कुछ वर्षों के लिए भाजपा से अलग हुए। 2014 में उनकी पार्टी में फिर से वापसी हुई।
3.राजेंद्र कुमार गुप्ता- कल्याण सिंह के बाद राजेंद्र कुमार गुप्ता एक साल के लिए पार्टी अध्यक्ष रहे।
4.कलराज मिश्रः राजेंद्र गुप्ता के बाद कलराज मिश्रा को पार्टी को जिम्मेदारी सौंपी। वह सन् 1991 से 1997 तक अध्यक्ष पद रहे। वह अब तक सबसे लंबे समय तक पार्टी अध्यक्ष रहे।
5.राजनाथ सिंहः कलराज मिश्रा के बाद बीजेपी ने राजनाथ सिंह पर भरोसा जताया। वह करीब तीन वर्षों के लिए पार्टी के मुखिया रहे। मार्च 1997 से जनवरी 2000 तक यूपी भाजपा प्रमुख रहे। बाद में राजनाथ सिंह सन 2000 से 2002 तक करीब दो वर्षो के लिए मुख्यमंत्री रहे।
6.ओमप्रकाश सिंहः राजनाथ सिंह के बाद ओम प्रकाश सिंह यूपी भाजपा के प्रमुख बने। वह जनवरी 2000 से अगस्त 2000 तक सिर्फ 7 महीने के लिए अध्यक्ष रहे। वह कुर्मी समाज से आते हैं।
फिर से कलराज बने प्रदेश अध्यक्ष
8.विनय कटियारः कलराज मिश्र के दूसरे कार्यकाल के बाद बीजेपी ने विनय कटियार को पार्टी में यूपी का जिम्मा सौंपा। विनय कटियार को राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिना जाता रहा है। वह करीब दो साल तक पार्टी प्रमुख रहे।
9.केशरीनाथ त्रिपाठीः कटियार के बाद पार्टी ने केशरीनाथ त्रिपाठी को अध्यक्ष चुना। जुलाई 2004 से सितंबर 2007 तक अध्यक्ष रहे केशरीनाथ त्रिपाठी बाद में यूपी विधानसभा के स्पीकर रहे और कुछ राज्यों में राज्यपाल भी रहे।
10.रमापति राम त्रिपाठीः केशरीनाथ त्रिपाठी के बाद बीजेपी ने डॉ. रमापति राम त्रिपाठी को अध्यक्ष चुना। वह वर्ष 2007 से 2010 तक यूपी भाजपा प्रमुख रहे। राम पति राम त्रिपाठी देवरिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं।
11.सूर्य प्रताप शाहीः रमापति राम त्रिपाठी के बाद बीजेपी ने सूर्य प्रताप शाही के कंधों पर यूपी की जिम्मेदारी सौंपी। मई 2010 से 2012 के अप्रैल तक यूपी बीजेपी अध्यक्ष रहे सूर्य प्रताप शाही इस समय योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं।
अभी भूपेंद्र सिंह हैं भाजपा अध्यक्ष
13.केशव प्रसाद मौर्यः लक्ष्मीकांत वाजपेयी के बाद केशव प्रसाद मौर्य पार्टी के अध्यक्ष बनाए गए। अप्रैल 2016 से अगस्त 2017 तक वह पार्टी के अध्यक्ष रहे।
14.महेंद्र नाथ पांडेयः केशव के बाद बीजेपी ने महेंद्र नाथ पांडेय को अध्यक्ष बनाया था। महेंद्र नाथ पांडेय 2 बार सांसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी थे। वह अगस्त 2017 से जुलाई 2019 तक यूपी बीजेपी के अध्यक्ष रहे।
15.स्वतंत्र देव सिंहः पांडेय के बाद बीजेपी ने यूपी में स्वतंत्र देव सिंह को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। कुर्मी समाज से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह जुलाई 2019 से अगस्त 2022 तक अध्यक्ष रहे। बाद में वह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।
16.चौधरी भूपेंद्र सिंहः चौधरी भूपेंद्र सिंह वर्ष 2022 में बीजेपी अध्यक्ष बने। वह अभी भी पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष हैं। उनका कार्यकाल तीन साल से अधिक समय तक रहा।
ऐसा रहा पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर
1990-91 उप महापौर, नगर निगम, गोरखपुर
1990- सदस्य, कार्य समिति, भारतीय जनता पार्टी
1991- 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए। (पहला कार्यकाल)
1991-96 सदस्य, पटल पर रखे गए कागजात संबंधी समिति और सदस्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन संबंधी समिति
1998-12वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित
2004-14वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित
2014- 16वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित
2019- 17वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित
2019- 17वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित
2024- 18वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित
2021 से केंद्र की मोदी सरकार में लगातार मंत्री
अब तक के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
1. माधव प्रसाद त्रिपाठी- 1980-1984 (4 वर्ष)
2.कल्याण सिंह- 1984-1990 (6 वर्ष)
3.राजेंद्र कुमार गुप्ता- 1990-1991 (1 वर्ष)
4.कलराज मिश्र-1991-1997 (6 वर्ष)
5.राजनाथ सिंह- 25 मार्च 1997- 3 जनवरी 2000 (2 वर्ष 10 माह)
6.ओमप्रकाश सिंह- 3 जनवरी 2000-17 अगस्त 2000 (7 माह)
7. कलराज मिश्र- 17 अगस्त 2000-24 जून 2002 (1 वर्ष 10 माह )
8.विनय कटियार- 24 जून-2002-18 जुलाई 2004 (2 वर्ष)
9.केशरीनाथ त्रिपाठी- 18 जुलाई 2004- सितंबर2007 (3 वर्ष 2 माह)
10.रमापति राम त्रिपाठी- सितंबर 2007-12 मई 2010 (2 वर्ष 8 माह)
11.सूर्य प्रताप शाही- 12 मई 2010 - 13 अप्रैल 2012 ( 1 वर्ष 11 माह)
12.लक्ष्मीकांत वाजपेयी- 13 अप्रैल 2012 - 8 अप्रैल 2016 (4 वर्ष)
13.केशव प्रसाद मौर्य- 8 अप्रैल 2016-31अगस्त 2017 (1 वर्ष 5 माह)
14.महेंद्र नाथ पांडेय- 31 अगस्त 2017- जुलाई 2019 (1 वर्ष 11 माह)
15.स्वतंत्र देव सिंह- जुलाई 2019- 25 अगस्त 2022 (3 वर्ष 1 माह)
16.चौधरी भूपेंद्र सिंहः 25 अगस्त 2022- अब तक (तीन वर्ष से अधिक)