मिसाइल यूनिट में काम कर रहा आईएसआई एजेंट गिरफ्तार, पाक-अमेरिका को दे रहा था खुफिया जानकारी
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यूपी एटीएस ने नागपुर स्थित ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के सिस्टम इंजीनियर को रक्षा की गोपनीय सूचनाएं व अतिसंवेदनशील दस्तावेज लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इंजीनियर का नाम निशांत अग्रवाल है और वह रूड़की का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा बिछाए गए हनी ट्रैप में फंस गया और रक्षा संबंधी अहम जानकारी लीक करने लगा।
यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि पिछले महीने गिरफ्तार किए गए बीएसएफ के जवान से मिली सूचना के आधार पर आज यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाकिस्तान बेस्ड कुछ फेक फेसबुक आईडी के बारे में पता चला था। जिसमें कुछ फेसबुक आईडी को चिन्हित कर उसे खंगाला गया तो पता चला कि कम से कम 90 ऐसे भारतीय हैं जो इस फेक आईडी से जुड़े हुए हैं।
इसमें तीन रक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित हैं। इन्हीं में से एक निशांत के बारे में सूचना एकत्रित की गई और महाराष्ट्र एटीएस की मदद से सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि निशांत के निजी कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल से कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो अत्यंत गोपनीय हैं जिन्हें बाहर नहीं ले जाया जा सकता।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से संचालित हो रही दो महिलाओं के नाम की फेसबुक आईडी से भी निशांत संपर्क में था। हालांकि निशांत ने एटीएस को बताया कि इस आईडी से उसे नौकरी दिलाने का वादा किया गया था, जिसके बाद उसकी कथित महिला से मित्रता हो गई। निशांत ने बताया कि यह सिलसिला दो साल से चल रहा था।
फिलहाल यूपी एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक निशांत ने कितनी सूचनाएं लीक की हैं। बताया जा रहा है कि निशांत ब्रह्मोस एयरोस्पेस में मिसाइल यूनिट में सीनियर सिस्टम इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था।
उन्होंने बताया कि निशांत को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा। रुड़की स्थित निशांत के निवास स्थान से भी एक लैपटाप बरामद किया गया है, जिसे लखनऊ लाकर उसका भी परीक्षण किया जा रहा है। गोपनीय अभिलेखों को अपने कब्जे में लेने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।
कानपुर और आगरा में भी छापेमारी
असीम अरुण ने बताया कि फिलहाल इन लोगों के पास से अब तक कोई आपत्तिजनक चीजें या गोपनीय सूचनाएं लीक करने के बारे में सुबूत नहीं मिले हैं। बरामद किए गए कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन दोनों ही लोगों द्वारा अब तक फेसबुक चैटिंग के अलावा और कोई बात सामने नहीं आई है।
लीक की गई सूचनाएं की हो रही पड़ताल
गुप्तचर एजेंसियों का दावा है कि निशांत ने कई अहम सूचनाएं पाकिस्तान में आईएसआई को मुहैया कराई है। लेकिन एटीएस इसकी अभी छानबीन कर रही है। असीम अरुण ने बताया कि वह खुद इंजीनियर है और गोपनीय तरीके से सूचनाओं को लीक करने का शक है। ऐसे में अभी निशांत के पास से सुबूत इकट्ठा किया जा रहा है।
युवा वैज्ञानिक का मिल चुका है अवार्ड
जानकारी के अनुसार निशांत को वर्ष 2017 में युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार मिल चुका है। वह ब्रहमोस में 31 जुलाई 2013 से काम कर रहा था। ब्रह्मोस से पहले वह इंडियन आयल कार्पोरेशन, मुम्बई में कार्यरत था।