यूपी: राहुल के गढ़ में अखिलेश ने भरी हुंकार, भारी जनसमर्थन दिखाकर दिये ये सियासी संकेत; दिखाई संगठन की ताकत
Akhilesh Yadav in Rae Bareli: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने पीडीए रथ की शुरुआत रायबरेली से की। उन्होंने यहां संगठन और जनसमर्थन की ताकत का एहसास कराया।
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सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को गांधी परिवार के गढ़ में सियासत का दम दिखाया। टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस से चल रही अंदरुनी खींचतान के बीच रायबरेली पहुंचे अखिलेश यादव ने अपना जनाधार व दबदबा दिखाकर संकेत दिए कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में सपा का राजनीतिक कद कितना अहम है। रायबरेली ही नहीं, बल्कि आठ जिलों के पहुंचे सियासी अलंबरदारों ने अखिलेश यादव का न सिर्फ जोरदार इस्तकबाल किया, बल्कि उनमें टिकट पाने की होड़़ भी दिखी। फतेहपुर के सपा सचिव हीरालाल साहू ने अयासा विधानसभा सीट एवं डॉ.रामनरेश पटेल ने बिंदकी विधानसभा सीट से खुद को पार्टी का संभावित उम्मीदवार बताते हुए इस बार 2027 में प्रदेश में सपा का सरकार बनने की बात कही।
विधानसभा चुनाव से पहले ही रायबरेली सियासत का नया केंद्र बिंदु बन गया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 अगस्त और 13 सितंबर को जिले का दौरा कर चुके हैं। जनसभा को संबोधित करने के साथ ही वह जिले को करोड़ों रुपये की सौगात दी है। बीती आठ और नौ सितंबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी जिले का दौरा राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा चुके हैं। सितंबर माह बीतने के पहले ही अखिलेश यादव का रायबरेली का यह दौरा दौरा सियासी माना जा रहा है।
यही वजह रही कि रायबरेली के साथ अमेठी, फतेहपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर, हरदोई, प्रतापगढ़, उन्नाव के संभावित उम्मीदवार, पदाधिकारी व कार्यकर्ता यहां अखिलेश यादव के रथ यात्रा में शामिल होने पहुंचे। रथ यात्रा में जुटी भीड़ के जरिये अखिलेश यादव ने बड़ा सियासी संदेश दिया। खासकर जिस तरह कांग्रेस और सपा में टिकट बंटवारे को लेकर अंदरुनी खींचतान चल रही है, उस लिहाज ने अखिलेश ने संकेत दिए कि प्रदेश के अन्य जिलों में ही नहीं, बल्कि रायबरेली में सपा की सियासी जमीन कितनी मजबूत और पार्टी का जनाधार कितना मजबूत है।
सपा का दावा- सभी छह सीट जीतेगी पार्टी
पूर्व मुख्यमंत्री ने सियासत की नब्ज टटोली और सियासदानों से आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से मैदान में उतरने का आह्वान किया। फतेहपुर के सपा जिला महासचिव चौधरी मंजरयार बताते हैं कि उनके जिले में छह विधानसभा सीटें हैं। माहौल के हिसाब से इस बार छह विधानसभाओं में पार्टी जीत पक्की दिख रही है। हरदोई के अख्तर अली बताते हैं कि उनके जिले में भी पार्टी का जनाधार इस बार अच्छा है। अमेठी के जायस के सपा पदाधिकारी मो. अली बताते हैं कि अमेठी में भी इस बार के विधानसभा में नया होने वाला है। रायबरेली से सपा प्रदेश सचिव शशिकांत शर्मा ने भी अपना दमखम दिखाया। बातचीत में कहा कि यदि पार्टी जिम्मेदारी देती है तो चुनाव जरूर जीतेंगे। कुल मिलाकर अखिलेश ने जहां कांग्रेस के गढ़ में अपना सियासी दमखम दिखाया, वहीं आठ जिलों के प्रमुख सपा नेता, पूर्व विधायक रथ यात्रा में शामिल होकर टिकट के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश की। रायबरेली में विधानसभा चुनाव 2022 की बात की जाए तो कुल छह सीटों में से सपा ने सरेनी, बछरावां, ऊंचाहार, हरचंदपुर विधानसभा सीट में जीत दर्ज की थी। भाजपा सलोन और सदर सीट का किला फतह कर पाई थी।