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UP:खरीदारों को फ्लैट न देने वाले छह बिल्डरों पर कार्रवाई, नोएडा विकास प्राधिकरण की समीक्षा में दिए निर्देश
Tue, 19 May 2026 09:50 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 19 May 2026 09:50 PM IST
सार
अधिकारियों ने औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को बताया कि 36 बिल्डर ने 25 प्रतिशत धनराशि जमा कर दिया है। छह बिल्डर ने कुछ भी जमा नहीं किया है। इस पर निर्देश देते हुए कहा कि सनशाईन इंफ्रा, महागुन, अंतरक्षि डेवलपर, परफेक्ट एसोटेक आदि बिल्डर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मंगलवार को पिकप भवन सभागार में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कामकाज की समीक्षा करते हुए अमिताभ कांत की रिपोर्ट का शत प्रतिशत पालन कराने के निर्देश दिए। अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पुनर्जीवित करने के साथ ही फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
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अधिकारियों ने बताया कि 57 प्रोजेक्ट इस पॉलिसी के दायरे में आए थे। इनमें से 36 बिल्डर ने 25 प्रतिशत धनराशि जमा कर दिया है। छह बिल्डर ने कुछ भी जमा नहीं किया है। इस पर निर्देश देते हुए कहा कि सनशाईन इंफ्रा, महागुन, अंतरक्षि डेवलपर, परफेक्ट एसोटेक आदि बिल्डर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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बैठक में पांच प्रतिशत प्लॉट के बैकलॉग को हर हाल में तीन महीने में समाप्त किए जाने के निर्देश दिए। नोएडा में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे रोकने के लिए अधिकारियों की तैनाती के साथ जिम्मेदारी तय करने के लिए कहा। जिम्मेदारी तय होने के बाद अवैध कब्जे की शिकायत आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण वालों के खिलाफ टीम भी गठित की जाएगी।
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नोएडा के सभी 168 सेक्टर में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने और लापरवाही बरतने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भारी भरकम पेनाल्टी के साथ कहा कि हार्टिकल्चर विभाग द्वारा प्रति वर्ष 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इसका असर पूरे नोएडा में दिखना चाहिए। शहर के साथ औद्योगिक इलाकों को भी हरा भरा बनाया जाएगा।
बैठक में शौचालयों की साफ सफाई न होने का मुद्दा भी उठा। कहा कि पिछले नौ वर्ष से उनके विभाग में सिंगल बिड पर एक ही फर्म को कार्य दिया जा रहा है, जो जांच के दायरे में आता है। इस पर सीईओ को मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण कृष्ण करूणेश, विशेष सचिव औद्योगिक प्रेरणा शर्मा, एसीईओ सतीश पाल, एसीईओ वंदना त्रिपाठी आदि थीं।