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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: A new chapter—Ram Mandir Trust's composition changes after 2,401 days; first major reshuffle since the tru

यूपी: नया अध्याय, 2401 दिन बाद बदला राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप; 2020 में गठित ट्रस्ट में पहली बार बड़ा फेरबदल

Sat, 05 Sep 2026 08:42 AM IST
Akash Dwivedi नितिन मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
नितिन मिश्र, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 05 Sep 2026 08:42 AM IST
सार

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के करीब छह साल बाद उसके स्वरूप में बड़ा बदलाव किया गया है। चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे और प्रमुख पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया। दो सितंबर 2026 को ट्रस्ट का नए सिरे से गठन कर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की गई।

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UP: A new chapter—Ram Mandir Trust's composition changes after 2,401 days; first major reshuffle since the tru
अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद भव्य मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ और केंद्र सरकार के निर्देश पर पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया। करीब 2401 दिन यानी छह साल 209 दिन बाद ट्रस्ट का स्वरूप एक बार फिर बड़े बदलाव से गुजरा है। मंदिर निर्माण से लेकर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और निर्माण पूरा होने तक जिस टीम ने ट्रस्ट की कमान संभाली, अब उसमें व्यापक फेरबदल हो गया है।

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चढ़ावा चोरी की घटना के बाद उठे सवालों ने ट्रस्ट को नेतृत्व और व्यवस्थागत स्तर पर बदलाव के लिए मजबूर किया। ट्रस्ट के गठन के समय विहिप के पदाधिकारी चंपत राय को महासचिव और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं गोविंद देव गिरि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी देते हुए 15 सदस्यीय ट्रस्ट का स्वरूप सामने आया।
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ट्रस्ट के गठन के बाद सबसे पहले करीब 30 वर्षों तक टेंट में विराजमान रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हुए। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद राम मंदिर परिसर में 18 अन्य मंदिरों के निर्माण का काम भी आगे बढ़ा। 25 नवंबर 2025 को राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण की पूर्णता घोषित की गई।

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चढ़ावा चोरी ने तूल पकड़ा, ट्रस्ट की किरकिरी हुई

इसी बीच चार जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मामले ने तूल पकड़ा और ट्रस्ट की व्यापक स्तर पर किरकिरी हुई। दबाव के बीच महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने इस्तीफा दे दिया। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई और जांच आगे बढ़ी। इसी दौरान ट्रस्ट के भीतर व्यवस्थागत बदलाव की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।

राम मंदिर ट्रस्ट का इतिहास

  • पांच फरवरी 2020- राम मंदिर ट्रस्ट का गठन
  • पांच अगस्त 2020- राम मंदिर का भूमि पूजन
  • 22 जनवरी 2024- रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
  • 25 नवंबर 2025- राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण
  • पांच जून 2026- चढ़ावा चोरी की घटना चर्चा में आई
  • 13 जून 2026- ट्रस्ट के आग्रह पर जांच के लिए एसआईटी गठित
  • 23 जून 2026- एसआईटी ने 20 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी
  • 25 जून 2026- चोरी की एफआईआर दर्ज
  • 26 जून 2026- चंपत राय और डॉ़ अनिल मिश्र का इस्तीफा
  • दो सिंतबर 2026- राम मंदिर ट्रस्ट का नए सिरे से गठन, सीईओ की नियुक्ति
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