{"_id":"6a2e138a0d715dee700af836","slug":"up-a-conspiracy-was-hatched-to-derail-a-train-in-lucknow-s-cantonment-area-the-driver-applied-emergency-brak-2026-06-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: लखनऊ के कैंट इलाके में ट्रेन पलटाने की रची गई साजिश, ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: लखनऊ के कैंट इलाके में ट्रेन पलटाने की रची गई साजिश, ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गाड़ी
Sun, 14 Jun 2026 08:26 AM IST
रोहित मिश्र
सगीर अब्बास रिजवी/संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
सगीर अब्बास रिजवी/संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 14 Jun 2026 08:26 AM IST
सार
Conspiracy to derail Punjab Mail: लखनऊ के कैंट इलाके में ट्रेन पलटाने के लिए लोहे के चौखट रखने का मामला सामने आया है। इस मामले की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
विज्ञापन
पटरी पर रखा मिला लोहे का चौखटा।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
राजधानी में एक बार फिर रेल यात्रियों की जान से खिलवाड़ करते हुए ट्रेन को डिरेल (पटरी से उतारने) करने की साजिश सामने आई है। इस बार कैंट के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास शुक्रवार दोपहर पंजाब मेल के आने से पहले रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजनी लोहे का चौखट रख दिया गया। लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इसके बावजूद लोहे का चौखट इंजन में फंस गया।
विज्ञापन
इस मामले में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) राजकिशोर मिश्र के अनुसार, 13006 पंजाब मेल अमृतसर से हावड़ा जा रही थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे ट्रेन जब कैंट के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची, तभी लोको पायलट ने ट्रैक पर लोहे का बड़ा चौखट पड़ा देखा। उन्होंने बिना देरी किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इसके बावजूद इंजन ट्रैक पर रखे 50 किलो वजनी लोहे के चौखट से टकरा गया और वह इंजन के नीचे फंस गया। लोको पायलट ने तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना दी। रेलवे के अधिकारी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। चौखट को हटाकर आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
इलाके के कैमरे खंगाल रही पुलिस
घटना के बाद राजकिशोर मिश्र की तहरीर पर कैंट थाने में रेलवे अधिनियम की धारा 151 (रेल संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने या नष्ट करने से संबंधित) और धारा 153 (रेल यात्रियों की सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने से संबंधित) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। एसओ कैंट गुरप्रीत कौर ने बताया कि पुलिस और सर्विलांस टीम घटनास्थल के आसपास जांच कर रही है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
विज्ञापन
खुफिया एजेंसियां भी की गईं अलर्ट
कैंट पुलिस रेलवे ट्रैक पर मिले 50 किलो वजनी लोहे के चौखट को नशेड़ियों की हरकत मान रही है। हालांकि, घटना की सूचना खुफिया एजेंसियों को भी दे दी गई है। मामले के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें जांच में जुटी हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
22 जून 2025 : मल्हौर स्टेशन के पास (पोल संख्या 1087/10-12) रेल ट्रैक के बीचों-बीच लोहे की होर्डिंग का एक बहुत बड़ा और भारी स्ट्रक्चर लाकर रख दिया गया था। आनंद विहार से गोरखपुर जा रही हमसफर एक्सप्रेस (12572) के लोको पायलट ने ऐन वक्त पर इसे देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाए। हालांकि, ट्रेन की गति के कारण लोहे का भारी ढांचा इंजन में फंस गया था, लेकिन ट्रेन पलटने से बच गई।
22 अप्रैल 2025 : लखनऊ के उतरेटिया रेलवे स्टेशन के पास बक्कास-उतरेटिया रेल मार्ग के बीच पटरियों पर किसी ने लोहे के एंगल से बना भारी-भरकम दरवाजा रख दिया था। यहां कुछ पेंड्रोल क्लिपों को भी निकाला गया था। एक मालगाड़ी इस भारी दरवाजे को तोड़ते हुए गुजरी।
16 अप्रैल 2025 : मलिहाबाद इलाके के दिलावर नगर और रहीमाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर ढाई फीट लंबा और 6 इंच मोटा लकड़ी का भारी तना (बोटा) रखा गया था। तड़के करीब 2:43 बजे सहरसा-आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस का इंजन इससे टकराया।
24 अक्टूबर 2024 : दीपावली से ठीक पहले मलिहाबाद स्टेशन से करीब एक किलोमीटर लखनऊ की तरफ रेल की पटरी पर लकड़ियों का भारी लट्ठा और बड़े पत्थर रखे गए थे। बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस (14236) के लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इसके बावजूद इंजन में लकड़ियां फंस गईं लेकिन बड़ी दुर्घटना टल गई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
22 जून 2025 : मल्हौर स्टेशन के पास (पोल संख्या 1087/10-12) रेल ट्रैक के बीचों-बीच लोहे की होर्डिंग का एक बहुत बड़ा और भारी स्ट्रक्चर लाकर रख दिया गया था। आनंद विहार से गोरखपुर जा रही हमसफर एक्सप्रेस (12572) के लोको पायलट ने ऐन वक्त पर इसे देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाए। हालांकि, ट्रेन की गति के कारण लोहे का भारी ढांचा इंजन में फंस गया था, लेकिन ट्रेन पलटने से बच गई।
22 अप्रैल 2025 : लखनऊ के उतरेटिया रेलवे स्टेशन के पास बक्कास-उतरेटिया रेल मार्ग के बीच पटरियों पर किसी ने लोहे के एंगल से बना भारी-भरकम दरवाजा रख दिया था। यहां कुछ पेंड्रोल क्लिपों को भी निकाला गया था। एक मालगाड़ी इस भारी दरवाजे को तोड़ते हुए गुजरी।
16 अप्रैल 2025 : मलिहाबाद इलाके के दिलावर नगर और रहीमाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर ढाई फीट लंबा और 6 इंच मोटा लकड़ी का भारी तना (बोटा) रखा गया था। तड़के करीब 2:43 बजे सहरसा-आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस का इंजन इससे टकराया।
24 अक्टूबर 2024 : दीपावली से ठीक पहले मलिहाबाद स्टेशन से करीब एक किलोमीटर लखनऊ की तरफ रेल की पटरी पर लकड़ियों का भारी लट्ठा और बड़े पत्थर रखे गए थे। बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस (14236) के लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इसके बावजूद इंजन में लकड़ियां फंस गईं लेकिन बड़ी दुर्घटना टल गई।