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लुटेरों-बदमाशों की चुनौती, तो पुलिस भी है तैयार

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2020 01:11 AM IST
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unlock 1.0: if  miscreants giving challenge rhen police ia also ready
लखनऊ। लॉकडाउन के दौरान दो माह में राजधानी पुलिस कमिश्नरेट को वारदातों की रोकथाम और अपराधियों से निपटने के लिए अच्छा वक्त मिल गया। इस दौरान पुलिस ने न सिर्फ राजधानी में अपराध के ट्रेंड का अध्ययन किया बल्कि लॉकडाउन के बाद अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए रणनीति भी बनाई। इस रणनीति के तहत पूरे शहर को 216 भागों में बांटकर प्रत्येक हिस्से में चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। शहर से बाहर जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। अपराधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम से की जाएगी। पुलिस आयुक्त रविवार को इस योजना से जुड़े पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग कर उन्हें जरूरी निर्देश देंगे। पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि वास्तव में यह होमवर्क लॉकडाउन के बाद की जिंदगी के लिए किया गया है। शहर के अधिकतर बाजार खुल चुके हैं। आठ जून के बाद से शॉपिंग मॉल, धर्मस्थल और अन्य कई तरह के प्रतिष्ठान भी खोले जाने हैं। ऐसे में लंबे समय से घर पर बैठे और जेब से लगभग खाली हो चुके लुटेरे-बदमाश व अन्य अपराधी भी सक्रिय हो जाएंगे। ऐसे में पुलिस के लिए ये चुनौती की तरह हैं। पुलिस आयुक्त का कहना है कि आम जनता, व्यापारी और बैंकों के कैश की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके लिए दो तरह की योजना बनाई गई हैं। पहली कोशिश यह रहेगी कि अपराध होने ही न दिया जाए। इसके लिए पॉलीगांस स्कीम लागू की गई है। दूसरी योजना में वारदात के बाद अपराधियों को शहर से बाहर निकलने न देने की कवायद है। दोनों योजनाओं का खाका तैयार है। रविवार को इस योजना में शामिल करीब 900 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ब्रीफिंग कर जानकारियां दी जाएंगी। हर हिस्से में एक बाइक व चार पुलिसकर्मी पुलिस आयुक्त ने बताया कि 216 हिस्सों की निगरानी के लिए सभी जगह एक-एक बाइक दी गई हैं। इन बाइक पर चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगेगी, जिसमें से दो दिन में और दो रात में रहेंगे। इन पुलिसकर्मियों को सिर्फ सड़क, बाजारों व बैंकों में चेकिंग, अपराधियों की सुरागरसी, वारदातों को रोकने व बदमाशों को दबोचने का काम करना होगा। चार किमी. होगा एक टीम का इलाका हर हिस्से का दायरा करीब चार किलोमीटर का है। यानि हर हिस्से में बाइक पर दौड़ने वाली पुलिस टीम की जिम्मेदारी चार किलोमीटर के इलाके में अपराधियों की निगरानी और धरपकड़ की होगी। इस टीम की निगरानी को पुलिस लाइन में कंट्रोलरूम बनाया गया है, जिसमें 10 महिला पुलिसकर्मी रहेंगी। साथ ही एक इंस्पेक्टर भी रहेगा। डॉयल 112 से एक अधिकारी और डीसीपी स्तर का एक अधिकारी भी रहेगा। पुलिसकर्मियों के आराम करने या घूमने पर तुरंत मिलेगा सिग्नल पुलिस आयुक्त ने बताया कि 216 हिस्सों में तैनात बाइक पर जीपीएस लगाया गया है। यानि बाइक कहां जा रही है, चल रही है या कहीं रुकी हुई है? रुकी है तो कितनी देर से रुकी है? इस पर कंट्रोल रूम की नजर होगी। सभी हिस्सों की जियोमैपिंग करा दी गई है। इसका फायदा यह होगा कि अगर बाइक लेकर पुलिसकर्मी अपने हिस्से से बाहर निकलते हैं तो तत्काल कंट्रोल रूम को रेड सिग्नल हो जाएगा। शहर से बाहर भागने का नहीं मिलेगा रास्ता पुलिस आयुक्त ने बताया, शहर में वारदात के बाद कोई बदमाश बाहर नहीं भाग सकेगा। कानपुर रोड, सुल्तानपुर, रायबरेली, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी, हरदोई जाने वाले सभी रास्तों के अलावा इन मार्गों से जुड़ी गलियों और पगडंडियों के 48 रास्ते चिह्नित किए गए हैं। सभी महत्वपूर्ण जगहों पर 468 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। साथ ही 480 कैमरे और लगेंगे जिनमें नंबर प्लेट की पहचान करने वाले एनपीआर कैमरे भी शामिल हैं। रात्रिकालीन पिकेट व्यवस्था समाप्त करने की तैयारी शहर में रात की पिकेट समाप्त करने की भी तैयारी है। फिलहाल 250 से अधिक पिकेट हैं जिनमें चार-चार पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। शहर को 216 हिस्सों में बांटकर प्रत्येक हिस्से में एक बाइक और दो-दो पुलिसकर्मियों की दिन-रात की ड्यूटी लगाने के बाद रात की पिकेट की कोई जरूरत नहीं रह जाएगी। उपरोक्त टीम के अलावा शहर में तैनात डॉयल 112 की 166 पीआरवी रात को पिकेट की जगह काम करेंगी। चुनौतियां और तैयारी सड़क पर लूटपाट बढ़ने का अंदेशा, बढ़ाएंगे सतर्कता लॉकडाउन खुलने के बाद सड़क पर होने वाली लूटपाट की वारदातें बढ़ने का अंदेशा है। सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है। गली-गली में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बाजार-बैंक में लगेंगे और सीसीटीवी कैमरे बाजारें और बैंक हमेशा ही अपराधियों के निशाने पर रहे हैं। बड़ी बाजारों खासकर सराफा कारोबारियों के लेन-देन और बैंकों की कैशवैन को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। बाजारों-कारोबारियों और बैंक अधिकारियों से सतर्कता बरतने, सीसीटीवी कैमरे लगवाने और कैश की सुरक्षा के लिए संबंधित पुलिस के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। संपत्ति संबंधी विवाद सूझबूझ से निपटाएंगे लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों या शहरों में काम करने वाले कई मजदूर या प्रवासी अपने घर लौट आए हैं। शहर में करीब चार लाख ऐसे परिवार हैं जहां जायदाद या संपत्ति को लेकर विवाद की आशंकाएं पैदा हो गई हैं। ऐसे विवादों को निपटाने के लिए सूझबूझ का इस्तेमाल करना होगा। 45 प्रतिशत तक घटीं चेन लूट, चोरी-डकैती की वारदातें पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि तीन सालों की तुलना में इस वर्ष जनवरी से मई तक अपराध के आंकड़ों में भारी कमी आई है। हालांकि, इसकी बड़ी वजह लॉकडाउन है। उन्होंने बताया कि हत्या, डकैती के मामले पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत कम हुए तो चेन लूट, डकैती, लूटपाट और चोरी की घटनाओं में 45 प्रतिशत तक कमी आई।
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