{"_id":"697f4e448c009297bd04ef21","slug":"union-budget-2026-up-s-msme-khadi-and-textile-sectors-will-get-a-new-impetus-creating-several-lakh-jobs-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय बजट 2026: यूपी के एमएसएमई, खादी और वस्त्र क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार, कई लाख रोजगार होंगे सृजित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय बजट 2026: यूपी के एमएसएमई, खादी और वस्त्र क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार, कई लाख रोजगार होंगे सृजित
Sun, 01 Feb 2026 06:29 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 01 Feb 2026 06:29 PM IST
सार
Union Budget 2026: केंद्रीय बजट में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बजट में ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
आम बजट 2025
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय बजट 2026–27 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा और वस्त्रोद्योग को सशक्त बनाने के लिए कई अहम और दूरगामी प्रावधान किए गए हैं। वस्त्र क्षेत्र के लिए एक व्यापक और एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 जैसी योजनाओं को शामिल किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार सृजन और निर्यात को प्रोत्साहन देना है। इसके साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से वस्त्र और परिधान उद्योग में उत्तर प्रदेश में निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
केंद्रीय बजट के ये प्रावधान उत्तर प्रदेश में एमएसएमई, खादी, हथकरघा, रेशम और वस्त्रोद्योग से जुड़े लाखों उद्यमियों, कारीगरों और श्रमिकों के लिए नए अवसर सृजित करेंगे। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
खादी एवं ग्रामोद्योग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि केंद्रीय बजट उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। बजट में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ कारीगरों और बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे परंपरागत उद्योगों को आधुनिक बाजार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
एमएसएमई के लिए ग्रोथ फंड व वित्तीय सहयोग
एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बजट में ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत फंड में ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी डाली जाएगी। छोटे उद्यमों को समय पर भुगतान और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम) प्लेटफॉर्म के दायरे का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की समस्या कम होगी।
कॉरपोरेट मित्र एवं विरासत औद्योगिक क्लस्टर
बजट में ‘कॉरपोरेट मित्र’ व्यवस्था के जरिए एमएसएमई को व्यावसायिक मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और बाजार से जोड़ने की पहल की गई है। इसके साथ ही देशभर में 200 विरासत इंडस्ट्रियल क्लस्टरों के कायाकल्प का प्रस्ताव है, जिनमें हथकरघा व हस्तशिल्प से जुड़े क्लस्टर भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मिलेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई प्रोत्साहन दिए गए हैं। इनमें जूते के ऊपरी हिस्सों के शुल्क-मुक्त आयात का विस्तार तथा चमड़ा व वस्त्र परिधान के निर्यात की समय-सीमा में वृद्धि जैसे प्रावधान शामिल हैं। इन कदमों से वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
विज्ञापन
केंद्रीय बजट के ये प्रावधान उत्तर प्रदेश में एमएसएमई, खादी, हथकरघा, रेशम और वस्त्रोद्योग से जुड़े लाखों उद्यमियों, कारीगरों और श्रमिकों के लिए नए अवसर सृजित करेंगे। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
विज्ञापन
खादी एवं ग्रामोद्योग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि केंद्रीय बजट उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। बजट में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ कारीगरों और बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे परंपरागत उद्योगों को आधुनिक बाजार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
एमएसएमई के लिए ग्रोथ फंड व वित्तीय सहयोग
एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बजट में ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत फंड में ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त पूंजी डाली जाएगी। छोटे उद्यमों को समय पर भुगतान और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए TReDS (ट्रेड रिसीवेबल्स इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम) प्लेटफॉर्म के दायरे का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी की समस्या कम होगी।
कॉरपोरेट मित्र एवं विरासत औद्योगिक क्लस्टर
बजट में ‘कॉरपोरेट मित्र’ व्यवस्था के जरिए एमएसएमई को व्यावसायिक मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और बाजार से जोड़ने की पहल की गई है। इसके साथ ही देशभर में 200 विरासत इंडस्ट्रियल क्लस्टरों के कायाकल्प का प्रस्ताव है, जिनमें हथकरघा व हस्तशिल्प से जुड़े क्लस्टर भी शामिल होंगे। इससे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मिलेगी। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई प्रोत्साहन दिए गए हैं। इनमें जूते के ऊपरी हिस्सों के शुल्क-मुक्त आयात का विस्तार तथा चमड़ा व वस्त्र परिधान के निर्यात की समय-सीमा में वृद्धि जैसे प्रावधान शामिल हैं। इन कदमों से वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।