{"_id":"66a07b561ec8f9e3ea0052ed","slug":"union-budget-2024-cancer-medicines-became-cheaper-in-budget-14-80-lakh-patients-of-up-will-get-benefit-2024-07-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राहत भरी खबर: बजट में कैंसर की दवाएं सस्ती हुईं... यूपी के 14.80 लाख मरीजों को मिलेगा फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत भरी खबर: बजट में कैंसर की दवाएं सस्ती हुईं... यूपी के 14.80 लाख मरीजों को मिलेगा फायदा
Wed, 24 Jul 2024 09:50 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 24 Jul 2024 09:50 AM IST
सार
Budget 2024-25 Latest News in Hindi: बजट में कैंसर की दवाएं सस्ती हुई हैं। प्रदेश के 14.80 लाख मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में कैंसर की तीन दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है। मरीजों को 40 हजार रुपये मासिक तक की बचत की गई है। ब्रेस्ट, फेफड़े, पेट और पित्त की नली के कैंसर के साथ ही इम्युनोथेरेपी दवाओं की कीमत में कमी आएगी।
विज्ञापन
Union Budget 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय बजट में कैंसर की दवाओं से कस्टम ड्यूटी कम करने की घोषणा प्रदेश के 14.80 लाख मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। इसमें मुख्य रूप से तीन दवाओं की कीमतों में कमी आएगी। ये दवाएं ब्रेस्ट, फेफड़े, पेट और पित्त की नली के कैंसर के साथ ही इम्युनोथेरेपी की हैं। दवाएं सस्ती होने से मरीजों को 40 हजार रुपये मासिक तक की बचत होगी।
किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी के डॉक्टर प्रो. सुधीर सिह के मुताबिक कैंसर की दवाओं की कीमत में कमी की घोषणा काफी राहत भरी खबर है। प्रदेश में मुंह और गले के कैंसर के साथ ही ब्रेस्ट, फेफड़े, पेट तथा पित्त की नली के कैंसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
इनकी दवाएं काफी महंगी हैं। इम्युनोथेरेपी की एक डोज ही लाख रुपये से ऊपर हो जाती है। ऐसे में कैंसर की दवाओं की कीमत कम होने से मरीजों को काफी राहत होगी। समझें दवाओं की कीमत और उनका प्रभाव ट्रैस्टुज़ुमैब डेरक्सटेकन: यह दवाई मुख्य रूप से ब्रेस्ट कैंसर में दी जाती है।
विज्ञापन
हालांकि इसका उपयोग पेट के कैंसर में भी किया जा सकता है। यह दवाई कैंसर के ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर को कम करने के लिए दी जाती है। इसके एक डोज की कीमत करीब 1.55 लाख रुपये है। यह दवाई तीन सप्ताह में एक बार दी जाती है।
विज्ञापन
किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी के डॉक्टर प्रो. सुधीर सिह के मुताबिक कैंसर की दवाओं की कीमत में कमी की घोषणा काफी राहत भरी खबर है। प्रदेश में मुंह और गले के कैंसर के साथ ही ब्रेस्ट, फेफड़े, पेट तथा पित्त की नली के कैंसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
इनकी दवाएं काफी महंगी हैं। इम्युनोथेरेपी की एक डोज ही लाख रुपये से ऊपर हो जाती है। ऐसे में कैंसर की दवाओं की कीमत कम होने से मरीजों को काफी राहत होगी। समझें दवाओं की कीमत और उनका प्रभाव ट्रैस्टुज़ुमैब डेरक्सटेकन: यह दवाई मुख्य रूप से ब्रेस्ट कैंसर में दी जाती है।
विज्ञापन
हालांकि इसका उपयोग पेट के कैंसर में भी किया जा सकता है। यह दवाई कैंसर के ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर को कम करने के लिए दी जाती है। इसके एक डोज की कीमत करीब 1.55 लाख रुपये है। यह दवाई तीन सप्ताह में एक बार दी जाती है।
ओसिमर्टिनिब
ओसिमर्टिनिब ईजीएफआर फेफड़ों के कैंसर की दवाई है। इसे मुख्य रूप से तब दिया जाता है जब कैंसर की प्रारंभिक दवाएं जेफ्टिनिब और एरोटिनिब काम करना बंद कर देती हैं। इसकी कीमत 1,21,336 रुपये है। यह दवाई आमतौर पर दिन में एक बार दी जाती है।
ओसिमर्टिनिब ईजीएफआर फेफड़ों के कैंसर की दवाई है। इसे मुख्य रूप से तब दिया जाता है जब कैंसर की प्रारंभिक दवाएं जेफ्टिनिब और एरोटिनिब काम करना बंद कर देती हैं। इसकी कीमत 1,21,336 रुपये है। यह दवाई आमतौर पर दिन में एक बार दी जाती है।
ड्यूरवालुमैब
ड्यूरवालुमैब दवाई फेफड़ों, पित्त की नली और मूत्राशय के कैंसर के लिए इम्यूनोथेरेपी दवा है। इसका मुख्य काम पीडी-एल1 प्रोटीन को अवरुद्ध करना है। इसकी वजह से कैंसर के प्रति इम्युनिटी बढ़ती है। ड्यूरवालुमैब 160 की कीमत 36,400 रुपये और ड्यूरवालुमैब 500 की कीमत 1,51,668 रुपये है। यह एक या दो बार डॉक्टर के परामर्श से दी जाती है।
ड्यूरवालुमैब दवाई फेफड़ों, पित्त की नली और मूत्राशय के कैंसर के लिए इम्यूनोथेरेपी दवा है। इसका मुख्य काम पीडी-एल1 प्रोटीन को अवरुद्ध करना है। इसकी वजह से कैंसर के प्रति इम्युनिटी बढ़ती है। ड्यूरवालुमैब 160 की कीमत 36,400 रुपये और ड्यूरवालुमैब 500 की कीमत 1,51,668 रुपये है। यह एक या दो बार डॉक्टर के परामर्श से दी जाती है।
पिछले साल बढ़े थे 2.10 लाख मरीज
उत्तर प्रदेश में इस समय सबसे तेजी से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। वर्ष 2023 में कैंसर के 2.10 लाख नए मरीज मिले थे। इससे पहले वर्ष 2022 में कैंसर के 2.01 लाख मरीज मिले थे। कैंसर के इतनी तेजी से बढ़ने की वजह से इस समय प्रदेश में इसके करीब 14.80 लाख मरीज हैं।
उत्तर प्रदेश में इस समय सबसे तेजी से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। वर्ष 2023 में कैंसर के 2.10 लाख नए मरीज मिले थे। इससे पहले वर्ष 2022 में कैंसर के 2.01 लाख मरीज मिले थे। कैंसर के इतनी तेजी से बढ़ने की वजह से इस समय प्रदेश में इसके करीब 14.80 लाख मरीज हैं।
तीन लाख मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
प्रदेश में इस समय कैंसर के औसतन 14.80 लाख मरीज हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुंह और गले के कैंसर के मरीज हैं। इनकी मुख्य तंबाकू है। तंबाकू की वजह से फेफड़े के कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले काफी हैं।
प्रदेश में इस समय कैंसर के औसतन 14.80 लाख मरीज हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुंह और गले के कैंसर के मरीज हैं। इनकी मुख्य तंबाकू है। तंबाकू की वजह से फेफड़े के कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले काफी हैं।
इनको देखते हुए अनुमान है कि प्रदेश में कैंसर के कुल 14.80 लाख मरीजों में से करीब 20 फीसदी मरीजों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इस लिहाज से करीब तीन लाख मरीज सस्ती दवाओं का लाभ उठाएंगे। हर महीने 40 हजार रुपये के हिसाब से आकलन करें तो कुल बचत की राशि 120 करोड़ रुपये महीने होगी।