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Lucknow News: मेडिकल स्टोर में अप्रशिक्षितों ने कराया प्रसव, जच्चा-बच्चा की मौत

Sat, 22 Feb 2025 01:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sat, 22 Feb 2025 01:00 AM IST
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Uneducated people performed delivery in medical store, mother and child died
 गिलौला ​स्थित मेडिकल स्टोर को सील करवाते डिप्टी सीएमओ। 
संवाद न्यूज एजेंसी
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गिलौला (श्रावस्ती)। जिले में खराब स्वास्थ्य व्यवस्था ने जच्चा-बच्चा दोनों की जान ले ली। एंबुलेंस से प्रसव के लिए बुधवार रात सीएचसी गिलौला पहुंची प्रसूता को समुचित इलाज नहीं मिल सका। इसका फायदा उठाते हुए आशा कार्यकर्ता उन्हें एक मेडिकल स्टोर में ले गई। जहां अप्रशिक्षितों ने उनका प्रसव कराया। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद पीड़िता तो घर जाने के लिए कह दिया गया। रास्ते में उनकी भी मौत हो गई। मामले में पति ने गिलौला थाने की पुलिस को तहरीर दी है। वहीं, मामले की जानकारी होने पर सीएमओ ने मेडिकल स्टोर को सील करा दिया है।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामनगर केरवनिया निवासी सुरेश कुमार चौहान की पत्नी रानी (30) को बुधवार को प्रसव पीड़ा हुई। उन्हें आशा कार्यकर्ता अनीता सिंह एंबुलेंस से सीएचसी गिलौला लेकर पहुंची। सीएचसी में रानी की हालत बिगड़ने लगी। आरोप है कि मौके पर मौजूद आशा ने उनको बताया कि अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं हो पाएगा, इन्हें निजी अस्पताल लेकर चलो। इसके बाद आशा रानी को सड़क पार राम मेडिकल स्टोर के पीछे एक कमरे में ले गई। जहां मनोज गुप्ता व विनय गुप्ता ने एक महिला के साथ मिलकर रानी का प्रसव कराया। प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। इसके बाद रानी को वहां से बाहर कर घर जाने के लिए कह दिया गया। पति ने आरोप लगाया कि इस दौरान प्रसव व दवा के नाम पर आठ हजार रुपये भी ले लिए गए। घर ले जाते समय रास्ते में रानी की भी हो गई। मामले में पीड़ित के पति ने गिलौला थाने की पुलिस को बृहस्पतिवार शाम तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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कमीशन के लिए चल रहा सारा खेल
कमीशनखोरी के चलते प्रसूताओं को निजी अस्पतालों में भेजे जाने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। जिले में खुले ज्यादातर निजी अस्पतालों में आशा कार्यकर्ताओं को ऐसे मामले लाने के लिए कमीशन देने के आरोप लगे हैं। पैसे के लालच में आशा कार्यकर्ता लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
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रानी का था तीसरा प्रस
रामनगर केरवनिया निवासी रानी का यह तीसरा प्रसव था। सुरेश चौहान का आरोप है कि सीएचसी में करीब 20 मिनट रहने के बाद भी उनको इलाज नहीं मिला। इसके बाद आशा उन्हें मेडिकल स्टोर में ले गई थी। उसने बताया था कि वह मेडिकल स्टोर के बारे में जानती है, वहां सामान्य प्रसव हो जाएगा। प्रसव कराने के लिए रानी के साथ उनकी दादी व चाची भी गई थीं।


मेडिकल स्टोर हुआ सील

घटना की जानकारी के बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. डीके सिंह को भेज कर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। आशा की नियुक्ति ग्राम प्रधान करते हैं। जांच में दोषी मिलने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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