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Lucknow News: आयुष्मान के तहत तीन स्टेंट डालने का नियम, डाले गए पांच
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लारी कार्डियोलॉजी।
लखनऊ। केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को पांच-पांच स्टेंट लगाने का मामला गरमा गया है। इस अनियमितता की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। योजना के नियमों के मुताबिक, एक मरीज को अधिकतम तीन स्टेंट ही लगाए जा सकते हैं।
जांच कमेटी ने विभाग से संबंधित मरीजों का पूरा ब्योरा तलब किया है। कुछ मामलों में पांच से अधिक स्टेंट लगाने की बात भी सामने आई है। कमेटी अब ऐसे मरीजों की सूची तैयार कर रही है, जिनके नाम पर पांच या ज्यादा स्टेंट लगाने का दावा है। इन मरीजों के मोबाइल और यूएचआईडी नंबर जुटाए जा रहे हैं, ताकि उनसे सीधे संपर्क कर बयान दर्ज किए जा सकें। अधिकारियों के मुताबिक, जांच सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सीडी व वीडियो फुटेज भी खंगाली जाएगी।
विशेषज्ञ इन वीडियो रिकॉर्डिंग्स के जरिये स्टेंट की वास्तविक संख्या का पता लगाएंगे। यदि रिकॉर्ड और दावों में अंतर मिला, तो कार्रवाई होगी। सबसे संदिग्ध मामलों में मरीजों की सहमति से दोबारा सीटी एंजियोग्राफी और एचआरसीटी जैसी आधुनिक जांच कराई जाएगी। इससे धमनियों में मौजूद स्टेंट की सही संख्या और कागजी दावों की असलियत स्पष्ट हो जाएगी।
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जांच कमेटी ने विभाग से संबंधित मरीजों का पूरा ब्योरा तलब किया है। कुछ मामलों में पांच से अधिक स्टेंट लगाने की बात भी सामने आई है। कमेटी अब ऐसे मरीजों की सूची तैयार कर रही है, जिनके नाम पर पांच या ज्यादा स्टेंट लगाने का दावा है। इन मरीजों के मोबाइल और यूएचआईडी नंबर जुटाए जा रहे हैं, ताकि उनसे सीधे संपर्क कर बयान दर्ज किए जा सकें। अधिकारियों के मुताबिक, जांच सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सीडी व वीडियो फुटेज भी खंगाली जाएगी।
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विशेषज्ञ इन वीडियो रिकॉर्डिंग्स के जरिये स्टेंट की वास्तविक संख्या का पता लगाएंगे। यदि रिकॉर्ड और दावों में अंतर मिला, तो कार्रवाई होगी। सबसे संदिग्ध मामलों में मरीजों की सहमति से दोबारा सीटी एंजियोग्राफी और एचआरसीटी जैसी आधुनिक जांच कराई जाएगी। इससे धमनियों में मौजूद स्टेंट की सही संख्या और कागजी दावों की असलियत स्पष्ट हो जाएगी।
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