खुशखबरी: यूजीसी करेगा एक हजार शिक्षकों की भर्ती
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यूजीसी की ओर से फैकेल्टी रिचार्ज प्रोग्राम के तहत विशेषज्ञ शिक्षकों का पूल तैयार किया जाएगा। इसके तहत आगामी पांच वर्षों में एक हजार शिक्षकों की नियुक्ति होगी। अलग-अलग क्षेत्र के 102 शिक्षकों की नियुक्ति हो भी चुकी है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को इनकी सूची जारी कर दी। विज्ञान विषयों में विशेष योगदान देने वाले इन शिक्षकों में 45 फीसदी विदेशी हैं। इनकी नियुक्ति संबंधित विश्वविद्यालय की मांग के आधार पर की जाएगी।
विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत कई यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के 50 फीसदी से अधिक पद खाली हैं। मुश्किल ये कि अलग-अलग तरह के विवादों की वजह से ज्यादातर संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया भी लटकी है।
इसके अलावा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसके विपरीत शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले युवाओं का पलायन जारी है। इससे राहत के लिए यूजीसी की ओर से दो साल पहले फैकेल्टी रिचार्ज प्रोग्राम शुरू किया।
दिया गया 'टीच इन इंडिया' का नारा
इसके अलावा मेधावियों के पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ‘टीच इन इंडिया’ का नारा भी दिया है। इसी के तहत विशेषज्ञ शिक्षकों का पूल तैयार किया जा रहा है। 102 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इनका भौतिकी, गणित, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विशेष योगदान है।
विश्वविद्यालयों की मांग पर इनकी नियुक्ति की जाएगी। नियुक्ति विश्वविद्यालयों की मांग पर जरूरत की मुताबिक होगी। इसी के तहत यूजीसी ने पांच साल में एक हजार शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की है। इसके लिए पोर्टल बनाया गया है। समय-समय पर समाचार पत्रों में भी विज्ञापन निकाला जाएगा।
हालांकि, कई विश्वविद्यालय यूजीसी की इस योजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यूजीसी इसकी आड़ में विश्वविद्यालयों से शिक्षक भर्ती का अधिकार लेने की तैयारी में है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी यूजीसी की इस योजना के तहत शिक्षकों की तैनाती के फैसले को नकार दिया गया है।