फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

सज गई यूपी की सियासी रणभूमि

Wed, 19 Mar 2014 08:57 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 19 Mar 2014 08:57 AM IST
विज्ञापन
two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के 53 प्रत्याशियों की घोषणा के साथ प्रदेश के दो तिहाई हिस्से में चुनावी महासमर की स्थिति साफ होती नजर आ रही है।

विज्ञापन


दिलचस्प बात है कि बसपा छोड़ शेष सभी दलों में टिकट वितरण को लेकर असंतोष की लपटें हर खेमे में दिखाई दे रही हैं। कहीं कम, कहीं ज्यादा।

एक जगह पढ़िए, यूपी के सारे सियासी योद्धाओं के नाम


पर सबसे दिलचस्प चुनाव वाराणसी में होगा जहां भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी भी चुनौती देते नजर आएंगे।
विज्ञापन


वहीं आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल भी यहां से मैदान में उतरने को बेताब हैं। हालांकि उन्होंने अभी इस बाबत साफ नहीं किया। देखना यह होगा कि यहां बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार होगा या सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण।

विज्ञापन
विज्ञापन

बड़े चेहरे जो हैं यूपी से मैदान में

two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

खास यह भी होगा कि देश की राजनीति के तमाम चर्चित चेहरे इसी प्रदेश की जनता की अदालत में खड़े नजर आएंगे।

मसलन नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, मुरली मनोहर जोशी, उमा  भारती,  सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सलमान खुर्शीद, बेनी प्रसाद वर्मा, मुलायम सिंह यादव, डिम्पल यादव, अजित सिंह, जयंत चौधरी और अमर सिंह।

कुमार विश्वास व शाजिया इल्मी भी यहीं से मैदान में होंगे। अरविंद केजरीवाल भी मूड में दिख रहे हैं।

कभी भाजपा के तारणहार की भूमिका में रहे और कभी उसको जमींदोज करने की बात करने वाले कल्याण सिंह संभवत: स्वास्थ्य कारणों से मैदान से बाहर रहेंगे।

ये ग्लैमर छोड़ अब करने चले नेतागीरी

two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

ग्लैमर की दुनिया से वास्ता रखने वाले कई लोगों ने भी देश के सबसे बड़े राज्य में किस्मत आजमाना पसंद किया है।

जौनपुर में भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार अभिनेता रविकिशन, मेरठ में अभिनेत्री नगमा, बिजनौर में जयाप्रदा और गाजियाबाद में राजबब्बर अपनी अदाएं दिखाते नजर आएंगे।

क्रिकेट खिलाड़ी मो. कैफ फूलपुर में सियासी पिच पर बैटिंग करते दिखेंगे।

खास बात यह है कि हर बार अपने चुनावी रंग को बॉलीवुड का तड़का देने वाली समाजवादी पार्टी में इस बार फिल्मी दुनिया का कोई चेहरा लाल टोपी पहने नहीं दिखेगा।

सभी दलों को अपनों से चुनौती

two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

पिछले चुनाव से अलग इस बार मोदी फैक्टर के कारण हाशिये से निकलकर भाजपा तकरीबन हर सीट पर चुनौती देती नजर आएगी।

यह भी निश्चित है कि नरेंद्र मोदी के वाराणसी से चुनाव लडऩे के कारण भाजपा अतिरिक्त उत्साह के साथ मैदान पर होगी।

पर सिक्के का दूसरा पहलू भी है। सियासी ऊफान पर खड़ी भाजपा सहित सभी दलों को पहली चुनौती अपनों से मिल रही है।

भाजपा को जौनपुर, बलिया, गाजीपुर व देवरिया में प्रत्याशी घोषित होने के साथ उनका विरोध प्रारंभ हो गया है। जबकि लखनऊ व वाराणसी में आक्रोश भीतर-भीतर ही सुलग रहा है।

सपा ने बदल दिए 38 प्रत्याशी

two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

एक साल पहले प्रत्याशी घोषित कर चुकी सपा अब तक करीब 38 प्रत्याशी बदल चुकी है। सूबे में बहुमत सरकार होने के बावजूद सोमपाल शास्त्री बागपत, बृजभूषण शरण सिंह कैसरगंज तथा कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव कानपुर से टिकट लौटा चुके हैं।

फर्रुखाबाद व संभल सहित कई सीटों पर सपा प्रत्याशियों को अपनों का खुले विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि कांग्रेस का ग्राफ आज की तारीख में चढ़ता नजर नहीं आ रहा है इसके बावजूद सीतापुर, फूलपुर व मोहनलालगंज सहित कई सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।

बसपा में भी कई सीटों पर कार्यकर्ताओं की एकजुटता नहीं है पर विरोध व्यापक स्तर पर सार्वजनिक तौर से उजागर नहीं हो रहा है।

मुजफ्फरनगर दंगा बना बड़ा मुद्दा

two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

अमूमन राष्ट्रीय मुद्दों पर होने वाला लोकसभा चुनाव इस बार भ्रष्टाचार के अलावा मुजफ्फरगनर खास मुद्दा होगा।

तकरीबन सभी दल इस मुद्दे को लेकर एक दूसरे को सवालों के कठघरे में खड़ा करते नजर आएंगे।

गौरतलब है कि इस दंगे में 55 से अधिक लोगों की जानें गई थीं और इसने लोकसभा व प्रदेश की विधानसभा को भी झकझोरा था।

दंगे की राजनीतिक गंभीरता को इस तथ्य से भी आंका जा सकता है कि खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा में कहा था कि यह दंगा मेरे राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा दाग होगा।

किसी को बाहुबलियों से परहेज नहीं

two third seats of uttar pradesh locked, candidates prepare for 2014 battle

हर बार की तरह इस बार भी राजनीतिक दलों ने बाहुबलियों से परहेज नहीं किया। ऐसे लोगों की चुनाव जिताऊ क्षमता ने किसी को अपने संकल्प पर अडिग न रहने को मजबूर किया।

भाजपा से रमांकात यादव, सपा से अतीक अहमद इस बात की खास मिसाल हैं। बसपा ने भी जितेंद्र सिंह बबलू व पवन पांडेय सरीखों को प्रत्याशी बनाने में हिचकिचाहट नहीं दिखाई।

कांग्रेस ने अभी किसी ऐसे पर हाथ नहीं लगाया। कौमी एकता दल से मुख्तार अंसारी व डीपी यादव भी लोकतंत्र के इस मेले में करतब दिखाते नजर आएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed