ये दो टीचर भी पकड़े गए थे छात्राओं से अश्लीलता करते हुए
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इविवि में छात्राओं के उत्पीड़न का यह कोई नया मामला नहीं है। एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल से पहले बायोकेमेस्ट्री विभाग के अध्यक्ष प्रो. बेचन शर्मा और प्रो. मो. सुहैल के ऊपर गंभीर आरोप लगे थे।
इन प्रोफेसरों के खिलाफ जांच हुई और मामला सही पाए जाने के बाद कार्रवाई भी की गई। प्रो. बेचन शर्मा को एचओडी बनाए जाने पर रोक लगा दी गई और उनकी पदोन्नतियों को रोक दिया गया, जबकि प्रो. मो. सुहैल को नौकरी गंवानी पड़ी।
विवि के बायोकेमेस्ट्री विभाग के एचओडी रहे प्रो. मो. सुहैल ने एक शोध छात्रा ने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उनके खिलाफ छात्र के साथ छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया।
जुलूस निकालकर उन्होंने प्रो. मो. सुहैल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके बाद विवि ने जांच कराई तो मामला सही पाया गया। उन्हें विश्वविद्यालय से नौकरी गंवानी पड़ी।
बायोकेमेस्ट्री विभाग में एक और मामला
दो वर्ष पूर्व बायोकेमेस्ट्री के ही विभागाध्यक्ष बेचन शर्मा का भी मामला सामने आया। एक शोध छात्रा ने उन पर शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। विवि प्रशासन ने उस मामले में भी जांच कराई और जांच में मामला सही पाया गया। उन्हें अध्यक्ष के पद से हटाने के साथ विवि प्रशासन ने उनकी पदोन्नति रोक दी।
इसके अलावा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के एसो. प्रोफेसर शिवा प्रसाद भी पीजी छात्रा के उत्पीड़न में जेल में हैं। एक साल पहले पीजी छात्र ने उन पर शारीरिक, मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
मामले में संस्थान ने जांच करके उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा उनके खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने छात्रा के आरोपों को सही पाया। फिलहाल एसो. प्रोफेसर शिवा प्रसाद जेल में हैं। इसके अलावा नैनी के एक बड़े शैक्षिक संस्थान में एक छात्रा ने अपने शिक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। आरोपी शिक्षक को संस्थान प्रशासन ने निलंबित कर दिया।