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नौकरी के लिए मलयेशिया गए भाइयों को बनाया बंधक, मांगे 70 हजार रुपये, परिवारीजनों के उड़े होश
Thu, 21 Feb 2019 01:05 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 21 Feb 2019 01:05 PM IST
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बंधक बनाए गए युवक
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में स्थित ट्रैवल कंपनी के माध्यम से मलेशिया में नौकरी करने गए बाराबंकी निवासी अबू शहमा और उसके चचेरे भाई जीशान को वहां बंधक बनाकर 70 हजार रुपये मांगने का मामला सामने आया है। अबू के पिता ननकू ने ट्रैवल एजेंसी संचालक दानिश और मोनिश पर फर्जीवाड़ा कर बेटे और भतीजे को फंसाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह का कहना है कि ट्रैवल एजेंसी के दो संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें पकड़ लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़ित ननकू चूड़ी बेचने का काम करता है और बाराबंकी के चिरा खजरी गांव में रहता है।
वह कई दिन से अपने बेटे अबू शहमा को विदेश में नौकरी के दिलाने की कोशिश कर रहा था। पड़ोसी गांव में रहने वाले घंटो बढ़ई ने उसे गाजीपुर थाना क्षेत्र के आर्यावर्त कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रैवल एजेंसी के बारे में जानकारी दी। उसका कहना था कि एजेंसी संचालक दानिश और मोनिश विदेश में नौकरी दिलवाने का काम करते हैं।
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वह घंटो बढ़ई और पंडित अहिबरन प्रधान के साथ ट्रैवल एजेंसी के कार्यालय पहुंचा और बेटे अबू के अलावा भतीजे जीशान के लिए नौकरी की बात की। वहां दानिश और मोनिश ने मलेशिया की एक कंपनी में नौकरी की बात कहते हुए उनसे 2 लाख रुपये की मांग की। ननकू ने रुपये उन्हें दे दिए, जिसके बाद 14 फरवरी को दोनों को मलेशिया भेज दिया गया।
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प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह का कहना है कि ट्रैवल एजेंसी के दो संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें पकड़ लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़ित ननकू चूड़ी बेचने का काम करता है और बाराबंकी के चिरा खजरी गांव में रहता है।
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वह कई दिन से अपने बेटे अबू शहमा को विदेश में नौकरी के दिलाने की कोशिश कर रहा था। पड़ोसी गांव में रहने वाले घंटो बढ़ई ने उसे गाजीपुर थाना क्षेत्र के आर्यावर्त कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रैवल एजेंसी के बारे में जानकारी दी। उसका कहना था कि एजेंसी संचालक दानिश और मोनिश विदेश में नौकरी दिलवाने का काम करते हैं।
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वह घंटो बढ़ई और पंडित अहिबरन प्रधान के साथ ट्रैवल एजेंसी के कार्यालय पहुंचा और बेटे अबू के अलावा भतीजे जीशान के लिए नौकरी की बात की। वहां दानिश और मोनिश ने मलेशिया की एक कंपनी में नौकरी की बात कहते हुए उनसे 2 लाख रुपये की मांग की। ननकू ने रुपये उन्हें दे दिए, जिसके बाद 14 फरवरी को दोनों को मलेशिया भेज दिया गया।
फोन कर इमारत में बंधक होने की दी जानकारी
बकौल ननकू, मलेशिया जाते ही उनके बेटे और भतीजे को बंधक बना लिया गया। छानबीन करने पर पता चला कि ट्रैवल एजेंसी संचालकों ने दोनों को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेजा था जबकि उन्हें वर्किंग वीजा पर वहां भेजना चाहिए था। ननकू के मुताबिक, जिस कंपनी में अबू शहमा और जीशान नौकरी के लिए गए थे, वहां उन्हें बंधक बना लिया गया।
उन्होंने फोन कर एक 30 मंजिला इमारत में बंधक होने की जानकारी दी तो परिवारीजनों के होश उड़ गए। ननकू ने दानिश और मोनिश से संपर्क किया तो उन्होंने दोनों को मलेशिया से भारत वापस लाने के बदले 70 हजार रुपये मांगे हैं। ननकू ने तत्काल यूपी 100 सेवा का नंबर डायल कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को पकड़कर गाजीपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने फोन कर एक 30 मंजिला इमारत में बंधक होने की जानकारी दी तो परिवारीजनों के होश उड़ गए। ननकू ने दानिश और मोनिश से संपर्क किया तो उन्होंने दोनों को मलेशिया से भारत वापस लाने के बदले 70 हजार रुपये मांगे हैं। ननकू ने तत्काल यूपी 100 सेवा का नंबर डायल कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को पकड़कर गाजीपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वहां उनसे पूछताछ की जा रही है।