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सचिवालय का पूर्व संविदाकर्मी सीएम का ओएसडी बन करता था ठगी, गिरफ्तार व बरामद हुआ ये सब सामान

Sat, 05 Oct 2019 03:23 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 05 Oct 2019 03:23 PM IST
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two frauds arrested under operation 420 in lucknow, ssp revealed the case
एसएसपी कलानिधि नैथानी - फोटो : amar ujala
सचिवालय का पूर्व संविदाकर्मी आलोक दुबे मुख्यमंत्री का विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) बनकर ठगी करने वालों का गिरोह चला रहा था। सरगना समेत गिरोह के दो शातिरों को क्राइम ब्रांच व गौतमपल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन 420’ के तहत गिरफ्तार कर लिया। धरे गए आरोपियों में सुल्तानपुर के  खुशामदपुर कादीपुर का आलोक दुबे और बरामदपुर का दुर्गेश प्रताप सिंह उर्फ रूसू है। दो अन्य गुर्गे संजय चतुर्वेदी व संतोष तिवारी की तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से पुरानी करेंसी (500 व 1000 रुपये नोट) के 1.58 लाख रुपये भी बरामद किए।दोनों ठग सीयूजी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा जाली दस्तावेज व कई आदेश लेटर पैड बरामद हुए।

 
two frauds arrested under operation 420 in lucknow, ssp revealed the case
पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश - फोटो : amar ujala
एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, एक अक्तूबर को शिकायती पत्र मिला था कि मुख्यमंत्री का निजी सचिव विशेष कार्याधिकारी बताकर जिलाधिकारी बांदा, सहायक आयुक्त वाणिज्यकर गाजियाबाद को फोन किया गया। कॉलर ने अधिकारियाें पर अवैध काम करने के लिए दबाव बनाया था। गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज कर सीओ क्राइम व गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने जालसाजों को कैबिनेटगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोच लिया। एसएसपी के मुताबिक, दोनों ने अपने नाम से कुछ सीएयूजी सिरीज का मोबाइल नंबर अलार्ट करा रखा है। इसी फोन से दोनाें प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, नेताओं और ठेकेदारों को चूना लगाते थे।
two frauds arrested under operation 420 in lucknow, ssp revealed the case
पुलिस के हत्थे चढ़े दो जालसाज - फोटो : amar ujala

दोनों ठग अधिकारी को कॉल कर बोलते थे कि ‘मैं मुख्यमंत्री का ओएसडी बोल रहा हूं। एक आदमी भेज रहा हूं, जिसका काम करवा दीजिए। कोई दिक्कत हो तो बता दें, ताकि आपकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाए’। इसी नंबर पर संचालित व्हॉट्सएप से मेसेज भी भेजते थे। इन व्हॉट्सएप की डीपी पर प्रदेश सरकार का राजकीय चिह्न लगा रखा था। एसएसपी के मुताबिक , जालसाज नौकरी, ठेका, आवास दिलाने का दावा करते थे। यहां तक कि ट्रांसफर, पोस्टिंग और ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर भी वसूली करते थे। जालसाजों ने फर्जी आदेश पत्र भी बनवा रखे थे।

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two frauds arrested under operation 420 in lucknow, ssp revealed the case
पुलिस के हत्थे चढ़े दो जालसाज - फोटो : amar ujala
डायरी में दर्ज हैं कई अधिकारियों के नाम व नंबर

सीओ क्राइम दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, जालसाजों के पास से दो डायरी मिली है। एक डायरी में अधिकारियों के सीयूजी और निजी मोबाइल नंबर, पद और वर्तमान तैनाती स्थल लिखा है। वहीं, दूसरी डायरी में उनके नाम व मोबाइल नंबर दर्ज है, जिनके काम का ठेका लेते थे। नाम के आगे लिखा है कि कौन सा काम कराना है, कितनी रकम लेनी है, किस अधिकारी को कॉल करनी है।

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एसएसपी कलानिधि नैथानी - फोटो : amar ujala

राजधानी से चलाते थे गिरोह
प्रभारी निरीक्षक गौतम पल्ली सत्यप्रकाश सिंह के मुताबिक, जालसाजों का नेटवर्क पूरे प्रदेश में है। आलोक गोमतीनगर के विकल्प खंड और दुर्गेश विजयेंद्र खंड में रहता था। गिरोह के लोग पीड़ित को गोमतीनगर व हजरतगंज इलाके में बुलाकर लेनदेन करते थे। बातचीत के दौरान कई बार मोबाइल पर गिरोह के सदस्य को अधिकारी बता कॉल कर धमकाते थे।


 
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