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यूपी: 900 से 1200 रुपये में बना देते थे कोरोना की फर्जी रिपोर्ट, ऐसे सामने आया सच
Sat, 10 Apr 2021 12:36 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:36 PM IST
सार
- कोरोना संक्रमण की फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने के खेल का पर्दाफाश
- दो जालसाज लखनऊ पुलिस ने किए गिरफ्तार
- 900 से 1200 रुपये में बना देते थे कोरोना की फर्जी रिपोर्ट
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर अपना कहर बरपा रही है। शनिवार को कोरोना वायरस ने महामारी के शुरुआत से लेकर अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। तमाम पाबंदियों के बावजूद बीते 24 घंटे में देश में 1.45 लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं कोविड से 794 लोगों की जान चली गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।
वहीं, कोरोना संक्रमण की फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने का खेल कर रहे दो जालसाजों को विभूतिखंड पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों एक डाग्नोस्टिक सेंटर के कर्मचारी हैं। इनके पास से एक लैपटॉप व दो मोबाइल बरामद हुआ।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक शांभवी डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक डॉ. शिवेंद्र विक्रम सिंह व ज्योति विक्रम सिंह ने तहरीर देकर बताया कि उनके डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम पर कोरोना संक्रमण व रक्त की अन्य जांचों की फर्जी रिपोट तैयार की जा रही है।
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उन्होंने सेंटर के कर्मचारियों शिवम कुशवाहा और शुभम गौतम पर जांच रिपोर्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के माध्यम से उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली है। इसके बाद जांच की तो पता चला कि शिवम कुशवाहा और शुभम गौतम ने कई लोगों के फर्जी नमूने लेकर रिपोर्ट बनाकर दी। उनके कंप्यूटर और मोबाइल कई फर्जी रिपोर्ट भी पाई गई।
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वहीं, कोरोना संक्रमण की फर्जी जांच रिपोर्ट बनाने का खेल कर रहे दो जालसाजों को विभूतिखंड पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों एक डाग्नोस्टिक सेंटर के कर्मचारी हैं। इनके पास से एक लैपटॉप व दो मोबाइल बरामद हुआ।
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प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक शांभवी डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक डॉ. शिवेंद्र विक्रम सिंह व ज्योति विक्रम सिंह ने तहरीर देकर बताया कि उनके डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम पर कोरोना संक्रमण व रक्त की अन्य जांचों की फर्जी रिपोट तैयार की जा रही है।
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उन्होंने सेंटर के कर्मचारियों शिवम कुशवाहा और शुभम गौतम पर जांच रिपोर्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के माध्यम से उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली है। इसके बाद जांच की तो पता चला कि शिवम कुशवाहा और शुभम गौतम ने कई लोगों के फर्जी नमूने लेकर रिपोर्ट बनाकर दी। उनके कंप्यूटर और मोबाइल कई फर्जी रिपोर्ट भी पाई गई।
इसके बाद डॉ. शिवेंद्र विक्रम ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। उनके पास से पुलिस ने एक लैपटॉप व दो मोबाइल बरामद किया। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक शुभम तालकटोरा के जलालपुर राजाजीपुरम व शिवम मानकनगर कुशीविहार का रहने वाला है।
पूछताछ में दोनों ने अनगिनत लोगों को फर्जी रिपोर्ट देने की बात कही है। इनसे बरामद मोबाइल व लैपटॉप को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि जारी की गईं फर्जी रिपोर्टों की जानकारी मिल सके।
पूछताछ में दोनों ने अनगिनत लोगों को फर्जी रिपोर्ट देने की बात कही है। इनसे बरामद मोबाइल व लैपटॉप को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि जारी की गईं फर्जी रिपोर्टों की जानकारी मिल सके।