गैस सिलेंडर से लगी आग में झुलस कर पांच साल के बच्चे सहित मां की दर्दनाक मौत
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अमेठी के मुंशीगंज क्षेत्र में खाना बनाते समय गैस सिलिंडर में रिसाव से लगी आग की चपेट में आने से बेटे समेत पति-पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के दौरान मां-बेटे ने दम तोड़ दिया। पति की हालत नाजुक है। ट्रामा सेंटर लखनऊ में उसका इलाज चल रहा है। रविवार सुबह तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
यह हादसा मुंशीगंज के सेमरा में हुआ। गांव निवासी दिनेश कुमार (32) की पत्नी पूजा (29) शुक्रवार रात मकान के बरामदे में गैस सिलेंडर से खाना बना रही थी। सिलिंडर से गैस रिसाव होने से मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। परिवारीजन जब तक कुछ समझते पूजा आग की चपेट में आ गई।
उसके साथ ही मकान के अंदर मौजूद पूजा का पांच वर्षीय बेटा राजवंश भी आग की लपटों से घिर गया। पूजा की चीख पुकार सुनकर आग बुझाने दौड़े पति दिनेश पत्नी और बेटे को बचाने के लिए अंदर घुस गया। वह भी आग की लपटों की चपेट में फंस गया।
शोर सुनकर पहुंचे अन्य ग्रामीणों की मदद से तीनों को किसी तरह बाहर निकाला गया लेकिन तब तक बच्चा व पति-पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए थे। ग्रामीणों की मदद से आग पर किसी तरह काबू पाया गया। आग में एक मोटरसाइकिल, दो साइकिल सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया।
तीनों घायलों को आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। शनिवार को इलाज के दौरान पूजा और रविवार सुबह मासूम राजवंश की मौत हो गई। ट्रॉमा सेंटर में दिनेश की हालत नाजुक बनी हुई है।
मौत की खबर सुनते ही गांव में पसरा मातम
मां-बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। गांव में मातम पसरा हुआ है। रामजगत के तीन पुत्र विजय कुमार, राजेंद्र कुमार और दिनेश कुमार हैं। मृतका पूजा के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी श्रेया 11 साल की है और पुत्र राजवंश पांच वर्ष का था। विजय और राजेंद्र परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। घर में रामजगत, उसकी पत्नी रामरती, दिनेश कुमार और उसका परिवार रहता था।
पीड़ित परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता
हादसे की सूचना पर तहसीलदार महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने रविवार सुबह गांव पहुंचकर मृतका के ससुर रामजगत से घटना की जानकारी ली। तहसीलदार महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मृतका के नाम भूमि है। कृषक बीमा दुर्घटना के तहत परिवारीजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाई जाएगी।