{"_id":"66fdf1029058cbb40002ea26","slug":"two-children-appealed-to-the-court-to-get-money-for-books-and-uniform-lucknow-news-c-13-1-lko1020-899354-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: दो बच्चों ने किताबें और यूनिफॉर्म का पैसा दिलाने के लिए कोर्ट से लगाई गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: दो बच्चों ने किताबें और यूनिफॉर्म का पैसा दिलाने के लिए कोर्ट से लगाई गुहार
Thu, 03 Oct 2024 06:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 03 Oct 2024 06:48 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी के दो बच्चों ने हाईकोर्ट से किताबें और यूनिफॉर्म का पैसा दिलाने की गुहार की है। कोर्ट ने मामले में 18 अक्तूबर को सरकारी वकील को सरकार से जानकारी लेकर पेश करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ के समक्ष शहर के रेनबो पब्लिक स्कूल के 12-14 साल के दो बच्चों ने अपने पिता के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा कि वे एक योजना के तहत हर साल किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए पांच-पांच हजार रुपये पाने के हकदार हैं। आठवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ रहे इन बच्चों का कहना है कि उन्होंने इस धनराशि को पाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ को अर्जी भी दी थी। लेकिन, न तो उन्हें कोई जवाब मिला और न ही यह धनराशि दी गई। याचिका में यह भी कहा कि उन्हें यह धनराशि वर्ष 2019 में मिली थी, इसके बाद नहीं दी गई।
इन बच्चों ने पढ़ाई के लिए योजना के तहत धनराशि दिलाने का आग्रह किया है। उधर, सरकारी वकील ने कहा कि बच्चों ने याचिका में ऐसी किसी मौजूदा योजना का जिक्र नहीं किया है। ऐसे में योजना की जानकारी लेने के लिए समय देने की गुजारिश की। इस पर कोर्ट ने मामले को 18 अक्तूबर को प्रमुखता से सूचीबद्ध करने का निर्देश देकर सरकारी वकील को सरकार से जानकारी लेकर पेश करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायमूर्ति आलोक माथुर की एकल पीठ के समक्ष शहर के रेनबो पब्लिक स्कूल के 12-14 साल के दो बच्चों ने अपने पिता के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा कि वे एक योजना के तहत हर साल किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए पांच-पांच हजार रुपये पाने के हकदार हैं। आठवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ रहे इन बच्चों का कहना है कि उन्होंने इस धनराशि को पाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखनऊ को अर्जी भी दी थी। लेकिन, न तो उन्हें कोई जवाब मिला और न ही यह धनराशि दी गई। याचिका में यह भी कहा कि उन्हें यह धनराशि वर्ष 2019 में मिली थी, इसके बाद नहीं दी गई।
विज्ञापन
इन बच्चों ने पढ़ाई के लिए योजना के तहत धनराशि दिलाने का आग्रह किया है। उधर, सरकारी वकील ने कहा कि बच्चों ने याचिका में ऐसी किसी मौजूदा योजना का जिक्र नहीं किया है। ऐसे में योजना की जानकारी लेने के लिए समय देने की गुजारिश की। इस पर कोर्ट ने मामले को 18 अक्तूबर को प्रमुखता से सूचीबद्ध करने का निर्देश देकर सरकारी वकील को सरकार से जानकारी लेकर पेश करने को कहा है।
विज्ञापन