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Lucknow News: कॉलेज संचालक से 60 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार
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लखनऊ। रकम दोगुनी करने का झांसा देकर कॉलेज संचालक से 60 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 48 लाख 43 हजार रुपये बरामद हुए हैं। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। ठगी के खेल में कुछ और लोग भी शामिल हैं। जिनकी तलाश में पुलिस लगी है।
विभूतिखंड निवासी आशीष सिंह का देवा रोड पर एसआईएमपी ग्रुप ऑफ पॉलीटेक्निक नाम से कॉलेज है। 19 अक्तूबर को आशीष की तहरीर पर विभूतिखंड पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें बताया गया था कि रकम दोगुनी करने के नाम पर उनसे 60 लाख रुपये लेकर हड़प लिए गए हैं। डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में रायबरेली के महाराजगंज निवासी रतन कुमार और अयोध्या के राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी ठगी की रकम ठिकाने लगाने के प्रयास में जुटे थे। उसके पहले ही पुलिस ने दबोच लिया।
ठगी के खेल का मास्टरमाइंड सचिन सिंह था। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस सचिन और उसके साथी राहुल सिंह व निशांत उर्फ राजवीर सिंह को गुपचुप तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। डीसीपी का कहना है कि पहले जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था उनके पास से रकम की बरामदगी नहीं हुई थी। इसलिए उन तीनों से संबंधित जानकारी साझा नहीं की थी।
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1.20 करोड़ के लालच में फंसे थे आशीष सिंह को आरोपी राहुल सिंह ने बताया था कि उनकी कंपनी मंगलम इंटरप्राइजेज है। अगर वह उनको नकद रुपये देंगे तो कंपनी उनकी संस्था को दोगुनी रकम दान करेगी। ऐसे में 1.20 करोड़ के लालच में आशीष सिंह ने 60 लाख रुपये कैश दिए थे। मगर रकम मिलते ही आरोपी भाग निकले थे। अब जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया उसमें से रतन मुख्य आरोपी सचिन का ड्राइवर व राहुल नौकर है।
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विभूतिखंड निवासी आशीष सिंह का देवा रोड पर एसआईएमपी ग्रुप ऑफ पॉलीटेक्निक नाम से कॉलेज है। 19 अक्तूबर को आशीष की तहरीर पर विभूतिखंड पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें बताया गया था कि रकम दोगुनी करने के नाम पर उनसे 60 लाख रुपये लेकर हड़प लिए गए हैं। डीसीपी पूर्वी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में रायबरेली के महाराजगंज निवासी रतन कुमार और अयोध्या के राहुल कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी ठगी की रकम ठिकाने लगाने के प्रयास में जुटे थे। उसके पहले ही पुलिस ने दबोच लिया।
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ठगी के खेल का मास्टरमाइंड सचिन सिंह था। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस सचिन और उसके साथी राहुल सिंह व निशांत उर्फ राजवीर सिंह को गुपचुप तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। डीसीपी का कहना है कि पहले जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था उनके पास से रकम की बरामदगी नहीं हुई थी। इसलिए उन तीनों से संबंधित जानकारी साझा नहीं की थी।
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1.20 करोड़ के लालच में फंसे थे आशीष सिंह को आरोपी राहुल सिंह ने बताया था कि उनकी कंपनी मंगलम इंटरप्राइजेज है। अगर वह उनको नकद रुपये देंगे तो कंपनी उनकी संस्था को दोगुनी रकम दान करेगी। ऐसे में 1.20 करोड़ के लालच में आशीष सिंह ने 60 लाख रुपये कैश दिए थे। मगर रकम मिलते ही आरोपी भाग निकले थे। अब जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया उसमें से रतन मुख्य आरोपी सचिन का ड्राइवर व राहुल नौकर है।