जरूरी खबर: टैक्स चोरी करने वाले 20 हजार मकान मालिकों को देना होगा बढ़ा हुआ कर
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कर चोरी करने वाले गोमतीनगर के लोगों को इस अप्रैल से बढ़ा हाउस टैक्स देना पड़ेगा। 40 हजार मकानों के जीआईएस सर्वे में 50 प्रतिशत ऐसे मिले हैं, जिनके मकान-दुकान के टैक्स में अंतर पाया गया है। इनमें सात हजार से अधिक मकान तो ऐसे हैं, जिन्हें अब डेढ़ गुना हाउस टैक्स देना होगा।
गोमतीनगर क्षेत्र में लगने वाले जोन चार वार्ड में करीब 40 हजार मकान-दुकान गृहकर रिकॉर्ड में दर्ज हैं। नगर निगम ने जो कर निर्धारण किया है वह कितना सही है, कितने मकान इससे छूटे हैं व इनसे निगम की कितनी आय बढ़ सकती है, इसे लेकर केंद्र सरकार की योजना के तहत गोमतीनगर क्षेत्र में जीआईएस सर्वे कराया गया।
इसमें 50 प्रतिशत मकानों के क्षेत्रफल, आवास में व्यावसायिक उपयोग और किरायेदारी छिपाने की गड़बड़ी सामने आई। भवनस्वामी नगर निगम के कर्मचारियों से मिलीभगत कर सालों से टैक्स चोरी करते आ रहे थे।
यही वजह है कि जब सर्वे के बाद स्थलीय सत्यापन शुरू हुआ तो लोगों ने अलग-अलग मुद्दे लेकर विरोध शुरू कर दिया। इस कारण निदेशक स्थानीय निकाय डॉ. काजल को खुद गोमतीनगर जाकर कई प्रभावशाली लोगों के मकानों का स्थलीय सत्यापन कराना पड़ा था।
किरायेदार रखने पर बढ़ जाता है टैक्स
नगर निगम अधिनियम के प्रावधान के तहत किरायेदार रखने पर भवनस्वामी को किसी तरह की छूट का लाभ नहीं दिया जाता, बल्कि उसका गृहकर बढ़ जाता है। अधिनियम के तहत यदि मकान 10 वर्ष से अधिक पुराना तो 25 प्रतिशत, 10 वर्ष से अधिक और 20 वर्ष से कम पुराना है तो 12.5 प्रतिशत गृहकर मूल्यांकन बढ़ जाता है। यदि मकान 20 वर्ष से अधिक पुराना है तो कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी।
...तो प्रभावशाली लोगों को दी गई राहत
गोमतीनगर के जिन मकानों में टैक्स की गड़बड़ी पकड़ी गई, उनमें ज्यादातर प्रभावशाली लोगों के हैं। इनके विरोध और दबाव को देखते हुए निगम प्रशासन ने उन मकानों से बढ़ा टैक्स अप्रैल से शुरू नए वित्तीय वर्ष से लेने का निर्णय लिया है। इससे अब वह टैक्स नहीं जमा करना होगा, जो बीते सालों में जमा करना था। हालांकि नगर निगम के अधिकारी किसी दबाव से इंकार कर रहे हैं।
मामले पर जोनल अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव का कहना है कि जीआईएस सर्वे में जिन मकानों के टैक्स का अंतर पाया गया, उनसे यह अप्रैल 2019 से लिया जाएगा। इसे लेकर प्रस्ताव पास हो गया है।