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‘वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट’ नीति से तीन साल में 20 लाख युवाओं को देंगे रोजगार: मुख्यमंत्री योगी

Wed, 02 May 2018 09:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 02 May 2018 09:29 AM IST
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twenty lakh youth to get jobs in next three years in uttar pradesh.
राज्यपाल राम नाईक व सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ‘वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से अगले तीन वर्षों में 20 लाख युवकों को रोजगार देगी। पिछले एक वर्ष में करीब 4 लाख युवकों को प्रशिक्षित कर पंजीकृत किया गया जबकि 2.5 लाख से अधिक युवकों का प्रमुख कंपनियों में प्लेसमेंट कराया गया।

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उन्होंने ये बातें मंगलवार को इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय कौशल प्रतियोगिता के दौरान कहीं। इससे पूर्व राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास के जरिये प्रदेश के युवकों को रोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएं हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं से युवकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिए एक मंच मिलता है। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से कम पूंजी में अधिक रोजगार दिया जा सकता है।
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इसीलिए प्रदेश के सभी 350 तहसील मुख्यालयों पर ट्रेनिंग सेंटर खोले गए हैं। सरकार का प्रयास है कि यह सुविधा ब्लॉक व ग्राम सभा स्तर पर भी उपलब्ध हो, जिससे युवकों को उनके जिले में ही नौकरी मिले और युवाओं का प्रदेश से पलायन रुके। उन्होंने कहा कि कौशल विकास की तरह अन्य सेक्टर में भी युवकों को रोजगार देने के लिए कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।

रोजगार के लिहाज से महिलाओं की स्थिति काफी खराब: राज्यपाल

twenty lakh youth to get jobs in next three years in uttar pradesh.

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि देश में सबसे अधिक युवा पूंजी यूपी के पास है, लेकिन उन्हें रोजगार दिलाना एक बड़ी समस्या है। प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में पिछले सत्र में स्नातक करने वाले 15 लाख 16,375 छात्रों को डिग्री दी गई, इसमें 51 प्रतिशत भागीदारी सिर्फ छात्राओं की थी।

प्रदेश में रोजगार के लिहाज से महिलाओं की स्थिति काफी खराब है, इसे सुधारने के लिए कौशल विकास को माध्यम बनाया जाना चाहिए। राज्यपाल ने महिलाओं के लिए भी अलग से विशेष प्रतियोगिता का आयोजन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता की उपयोगिता तभी है, जब युवक खुद में आगे जाने की जिद पैदा करें।

प्रशिक्षण देने वाली कंपनियों का हुआ सम्मान
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ट्रेनिंग देने वाली प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास भुवनेश कुमार ने सभी प्रतियोगिताओं के बारे में जानकारी दी।

विभागीय मंत्री चेतन चौहान, राज्यमंत्री सुरेश पासी, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के अलावा राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के सीईओ जयंत कृष्णा ने भी यूपी में कौशल विकास के जरिए हो रहे प्रयासों की सराहना की। राज्य कौशल विकास मिशन इकाई के निदेशक प्रांजल यादव ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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