श्रीरामजन्मभूमि मंदिरः प्राधिकरण में नक्शे के साथ नौ प्रकार की एनओसी दाखिल करेगा ट्रस्ट
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अयोध्या विकास प्राधिकरण में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समेत 70 एकड़ भूमि का प्लान तैयार होने के बावजूद अभी नौ प्रकार की एनओसी पर काम चल रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि प्राधिकरण में नक्शे के साथ सभी तरह की एनओसी भी दाखिल की जाएगी, नक्शा पास होने के बाद ही नींव की खोदाई शुरू होगी।
राममंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। 20 अगस्त को दिल्ली में हुई राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में शामिल होकर अयोध्या लौटे चंपत राय ने बताया कि पूरे 70 एकड़ का नक्शा तैयार हो चुका है, बैठक में उस पर सहमति भी बन गई है। अब इस नक्शे को विकास प्राधिकरण में दाखिल करना है।
ट्रस्ट महासचिव ने कहा, अभी सिर्फ नींव की खोदाई में प्रयुक्त होने वाली लार्सन एंड टूब्रो की भारी मशीनों के लिए परिसर में स्थित कई जर्जर मंदिरों को हटाने का कार्य शुरू किया गया है। ऐसे जीर्ण मंदिरों में ढाई सौ वर्ष पुरानी सीता रसोई भी शामिल है। वहीं चंपत राय ने मंदिर निर्माण के दौरान परिसर में सेल्फी प्वाइंट बनाने का खंडन किया है। कहा, यह सुरक्षा की दृष्टि से भी ठीक नहीं है।
सरकारी एजेंसी ही करेगी रामलला की सुरक्षा
आतंकी घटनाओं की आशंका को देखते हुए चंपत राय ने साफ किया है कि कोई प्राइवेट एजेंसी रामलला की सुरक्षा के लिए उपयुक्त नहीं है। सरकारी एजेंसी ही रामलला की सुरक्षा करेगी। राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही रामलला की सुरक्षा और कड़ी की जा सकती है।
विज्ञापन के माध्यम से दान मांगेगा ट्रस्ट
राममंदिर निर्माण कार्य शुरू होने के साथ बड़ी संख्या में रामभक्त रामलला के लिए दान कर रहे हैं। राम कचहरी मंदिर स्थित ट्रस्ट कार्यालय में प्रतिदिन करीब 30 से 40 हजार की नकदी दान में आ रही है। राममंदिर निर्माण के लिए अब तक करीब 60 करोड़ का दान आ चुका है। वहीं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि ट्रस्ट ने अब पूरे देश के अखबारों में विज्ञापन देकर दान देने की अपील करने का निर्णय लिया है।
डिजिटल डायरी में होगा राम की लीलाओं का वृत्तांत
राम की नगरी में रामायण पर आधारित डिजिटल डायरी बनेगी। इस डिजिटल डायरी में चार गैलरी होंगी। सभी गैलरी में भगवान श्रीराम ने अपने जीवनकाल में जिन स्थानों का भ्रमण किया है, उन सभी स्थलों का उसमें समावेश किया जाएगा। साथ ही भगवान श्रीराम के जीवन लीलाओं से संबंधित संपूर्ण वृत्तांत वर्णित होंगे। इस मसले पर माननीयों समेत प्रशासनिक अमले ने बैठक में अपनी मुहर लगा दी है।
हालांकि डिजिटल डायरी को तैयार करने में साधु-संतों से भी मशविरा किया जाएगा। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी डायरी तैयार करने को नोडल विभाग व शासन स्तर पर तथा रामायण के विद्वानों एवं शोधकर्ताओं की समिति बनाई जाएगी। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के मुताबिक समिति द्वारा बनाए गए विषयों का स्थानीय संत समाज के प्रमुख विद्वान परीक्षण करेंगे, तब इसको अंतिम रूप दिया जाएगा।