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स्थान- कतरनियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य, बहराइच
स्थापना-31 मई 1976
लखनऊ से दूरी- 205
बहराइच जिले में स्थित 154.7 स्क्वायर मीटर में फैला यह अभ्यारण्य अपनी खूबसूरती और तरह-तरह के जीव-जंतुओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां किसनपुर वन्यजीव अभ्यारण्य और दुधवा नेशनल पार्क के तहत अपने प्रोजेक्ट टाइगर के लिए भी जाना जाता है।
अगर आपको टाइगर देखने का शौक है तो आपके लिए कतरनियाघाट एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इस अभ्यारण्य की खास बात यह है कि यहां हरियाली भी जबर्दस्त है। पेड़ की तरह-तरह की प्रजातियों के अलावा यहां कई विलुप्तप्राय जीव-जंतु भी हैं जो इस अभ्यारण्य को खास बनाते हैं।
यहां आपको घड़ियाल, टाइगर, गैंडा, गैंगेटिक डॉल्फिन, बारहसिंगा, जंगली खरगोश, हाथी, सियार, हिरन और कई तरह के गिद्ध पाए जाते हैं। यहां जाने का सबसे अच्छा मौसम 15 नवंबर से 15 जून माना जाता है। नजदीकी रेलवे स्टेशन बिछिया है।
क्या है खास?
यहां जीव-जंतुओं को देख्नने के अलावा हरियाली भी देखने लायक है। चारो तरफ टीक व साल की लंबी कतारें और घने जंगल आपको अच्छा महसूस कराएंगें।
एक चीज है और है, जो इस अभ्यारण्य को खास बनाती है वह है घड़ियालों की प्रजातियां और यही वजह है कि इस अभ्यारण्य का नाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं यहां के गिरुवा नदी में डॉल्फिन्स की अठखेलियां देख्नना भी आपकी छुट्टियों को और रोमांच से भर देगा।
पंछी भी हैं यहां
माना जाता है कि भारत में पंछियों की 1300 प्रजातियां मौजूद हैं जिसमें से 350 प्रजातियां यहां पाईं जाती हैं जिसमें कॉरमोरेंट, डार्टर, ग्रे हेरन, पेंटेड स्टोर्क, स्पुनबिल, एसियन ओपेनबिल, नॉर्दन पिनटेन हैं-
ये हैं सुविधाएं
यहां थारू हट और फॉरेस्ट रेस्ट हाउस हैं जहां आपको रहने की पूरी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही आप यहां हाथी सवारी और नौका सवारी का लुत्फ भी ले सकते हैं।
यहां करें संपर्क
अगर आप इस अभ्यारण्य के बारे में और जानकारी चाहते हैं तो इन फोन नंबर्स पर संपर्क कर सकते हैं। +91-9453006915 (Ranger), डीएफओ-+91-9453006911
ये रही कुछ और जानकारी
एंट्री फीस इंडियंस-फॉरेनर्स
एक व्यक्ति 30-350
वेहिकल- कार/जीप 150-150
मिनी बस 400-400
हैवी वेहिकल 800-800
कैमरा मूवी/विडियो 3500-7000