{"_id":"61b0c7487196b133187fa10b","slug":"tribute-from-defense-expo-to-medex-cds-bipin-rawat-took-lucknow-to-heights-in-defense","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धांजलि : डिफेंस एक्सपो से मेडेक्स तक, सीडीएस बिपिन रावत ने डिफेंस में लखनऊ को बुलंदियों तक पहुंचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धांजलि : डिफेंस एक्सपो से मेडेक्स तक, सीडीएस बिपिन रावत ने डिफेंस में लखनऊ को बुलंदियों तक पहुंचाया
Wed, 08 Dec 2021 10:11 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 08 Dec 2021 10:11 PM IST
सार
सेंट्रल थिएटर कमांड बनाने का खाका तैयार करने का श्रेय भी जनरल बिपिन रावत को जाता है। वहीं मेमौरा वायुसेना स्टेशन में ड्रोन व विदेशी हमलों को नेस्तनाबूत करने के उपकरण लगाए गए। वहीं आगरा एक्सप्रेस और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर विमानों की लैंडिंग भी उन्हीं के मार्गदर्शन में हुई।
विज्ञापन
सीडीएस जनरल बिपिन रावत (1958 - 2021)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीडीएस जनरल बिपिन रावत का लखनऊ से खास लगाव था। वह जब भी लखनऊ आए, छावनी स्थित 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर जाकर जवानों से जरूर मिले। इतना ही नहीं डिफेंस एक्सपो से लेकर एशिया की सबसे बड़ी मेडिकल एक्सरसाइज मेडेक्स में उनकी अहम भूमिका रही। जिसका नेतृत्व करने के लिए वह लखनऊ आए थे।
विज्ञापन
दरअसल, देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित कई सैन्याधिकारियों का बुधवार को तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हो गया। जिसके बाद लखनऊ स्थित सेना के मध्य कमान के सैन्याधिकारियों में भी शोक की लहर दौड़ गई। बता दें कि सेनाध्यक्ष बनने से लेकर देश के पहले सीडीएस तक के सफर में उनका लखनऊ आना-जाना लगा रहा। उन्हें 5/11 गोरखा राइफल्स में कमीशन मिली। सेनाध्यक्ष बनने के बाद जनरल बिपिन रावत लखनऊ स्थित 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल कमांडेंट भी बन गए थे। जिसकी वजह से रेजीमेंटल सेंटर के स्थापना की हीरक जयंती समारोह व पुनर्मिलन समारोह में जनरल बिपिन रावत शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इसके बाद जब वह देश के प्रथम सीडीएस बने तो उन्होंने 11 गोरखा राइफल्स रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल कमांडेंट का पद छोड़ दिया था।
विज्ञापन
सैन्याधिकारी बताते हैं कि आर्मी चीफ बनने के बाद जनरल बिपिन रावत 9 अप्रैल, 2018 को लखनऊ आए थे, जहां मध्य कमान मुख्यालय में चीन की चुनौतियों को देखते हुए वार गेम कांफ्रेंस में शामिल हुए थे। इस कॉन्फ्रेंस में पूर्वोत्तर भारत के राज्यों तथा कश्मीर की सेफ्टी को लेकर मास्टर प्लान बनाया गया था। इसके तैयार होने के बाद वह एक महीने बाद दोबारा लखनऊ आए थे, जहां समीक्षा की। इतना ही नहीं सेंट्रल थिएटर कमांड बनाने का खाका तैयार करने का श्रेय भी जनरल बिपिन रावत को जाता है। इसके कारण ही बीकेटी वायुसेना स्टेशन को अपग्रेड किया गया। वहीं मेमौरा वायुसेना स्टेशन में ड्रोन व विदेशी हमलों को नेस्तनाबूत करने के उपकरण लगाए गए। वहीं आगरा एक्सप्रेस और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर विमानों की लैंडिंग भी उन्हीं के मार्गदर्शन में हुई।
विज्ञापन
सीडीएस बनने पर आए थे डिफेंस एक्सपो
आर्मी चीफ रहते हुए जनरल बिपिन रावत का लखनऊ आना-जाना रहता था। लेकिन जब उन्हें सीडीएस बनाया गया तो वह डिफेंस एक्सपो में भी बतौर सीडीएस पहली बार पहुंचे थे। 11वां डिफेंस एक्सपो वृंदावन कॉलोनी में हुआ था, जिसमें 34 देशों केरक्षा मंत्री, सैन्य प्रमुख व विदेश मंत्री शामिल हुए थे। इसके अलावा वर्ष मार्च, 2019 में सूर्या खेल परिसर में हुए मेडेक्स के समापन पर भी वह लखनऊ आए थे।