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यूपीः बिना पैसे के भी नहीं रुकेगा किसी का इलाज

Fri, 07 Aug 2015 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Fri, 07 Aug 2015 09:36 AM IST
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Treatment is also possible without money

इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों व कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। पैसा न होने के बावजूद अब मेडिकल कॉलेजों में किसी गरीब का इलाज नहीं रुकेगा। मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को बेहतर इलाज मिले,इसके लिए सरकार गाइडलाइन बना रही है।

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इसी सिलसिले में गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अरिंदम भट्टाचार्य ने केजीएमयू व सैफई पीजीआई समेत सूबे के सभी मेडिकल कॉलेजों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को बुलाया था।
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उन्हें कहा गया कि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी व लावारिस मरीजों के इलाज में कोताही न बरती जाए। मरीजों को समय पर इलाज मिले,इसका खयाल रखा जाए। यदि किसी मरीज को लगातार ब्लड चढ़ना है तो उसे मुफ्त में ब्लड मुहैया कराया जाए।

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अस्पताल पहुंचने के बाद तत्काल किया जाएगा इलाज

Treatment is also possible without money

मेडिकल कॉलेजों की इमरजेंसी में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगी हुई है,उनके नाम बोर्ड पर जरूर लिखे जाएं। अक्सर मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में भी काफी समय लग जाता है। इसे भी सुधारने की जरूरत है।

विशेष सचिव ने हिदायत दी कि यदि कोई मरीज अस्पताल में आता है तो तत्काल उसे भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया जाए। मेडिकल कॉलेज में जगह-जगह जरूरी सूचनाएं लगी होनी चाहिए ताकि मरीज व उनके तीमारदार न भटकें।

महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.वीएन त्रिपाठी ने बताया कि आए दिन मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के तीमारदार व डॉक्टरों के बीच होने वाले झगड़ों को देखते हुए डॉक्टरों को संवेदनशील होने तथा डॉक्टरों व कर्मियों को अपनी भाषा ठीक रखने के लिए कहा गया है।

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