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शताब्दी अस्पताल में अब एक रुपये में होगा इलाज

Wed, 04 Dec 2013 02:40 AM IST
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
अतुल भारद्वाज/लखनऊ Updated Wed, 04 Dec 2013 02:40 AM IST
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treatment in shatabdi hospital

शताब्दी अस्पताल में अब मरीजों को एक रुपये में इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

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अब यह अस्पताल केजीएमयू का अंग होगा और उसी की देखरेख में चलेगा। सामान्य ओपीडी की तरह ही यहां अब मरीजों को देखा जाएगा।

कैबिनेट ने मंगलवार को शताब्दी अस्पताल फेज-1 के संचालन के लिए केजीएमयू को हस्तांतरित किए जाने पर अपनी मुहर लगा दी।

इस निर्णय से केजीएमयू में सुविधा विस्तार के साथ पीजी की सीट बढ़ने का रास्ता भी साफ हो गया है।

कैबिनेट की बैठक में हुए इस अहम फैसले की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने बताया कि शताब्दी अस्पताल का संचालन अब कॉरपोरेट सेक्टर की तरह नहीं होगा।


इसके मूल उद्देश्यों को बदल दिया गया है। इस फैसले से शताब्दी अस्पताल के सभी संसाधन केजीएमयू प्रशासन को मिल जाएंगे।

केजीएमयू के दूसरे विभागों की तरह ही यहां भी न्यूनतम दर पर इलाज मिलेगा। द्वितीय चरण का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने और जल्द ही जनता के उपयोग में लाने के भी आदेश दिए गए हैं।
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नहीं सफल हुआ प्रयोग
केजीएमयू के 100 साल पूरे होने पर 2005 में शताब्दी अस्पताल की नींव रखी गई। वर्ष 2009-10 में यह अस्पताल शुरू भी हो गया।

दरअसल इस अस्पताल को शुरू करने की मंशा थी कि जो लोग महंगा इलाज खर्च वहन कर सकते हैं उनको यहां सुविधा मिलेगी।

यही वजह थी कि ओपीडी की फीस 300 रुपये रखी गई। लेकिन उम्मीद के मुताबिक मरीज नहीं आए और प्रयोग फेल हो गया।

आखिरकार केजीएमयू की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने शासन को प्रस्ताव भेजकर इसका संचालन सामान्य तरीके से कराए जाने की मांग की।

शिफ्ट होंगे केजीएमयू के चार विभाग
केजीएमयू का न्यूरोसर्जरी, गैस्ट्रोसर्जरी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और डे-केयर ऑन्कोलॉजी विभाग शताब्दी अस्पताल में शिफ्ट हो जाएगा।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. अब्बास मेहंदी ने बताया कि काफी समय से ये मसौदा स्वास्थ्य मंत्रालय में लंबित था।

इसको मंजूरी लेने के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाओं के साथ बेहतर इलाज मिल सकेगा।

वहीं पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति किए जाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था जिसे अभी हरी झंडी मिलनी बाकी है।

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