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अयोध्या में साकेत के छह छात्रों पर दर्ज राजद्रोह का केस वापस, देश विरोधी नारे लगाने का था आरोप
Mon, 28 Dec 2020 05:28 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 28 Dec 2020 05:28 PM IST
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रामनगरी
- फोटो : अमर उजाला
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छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले साकेत महाविद्यालय के छह छात्रों पर विगत दिनों दर्ज किया गया राजद्रोह का केस साक्ष्यों के अभाव में वापस ले लिया गया है। पुलिस को विवेचना के दौरान केस से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले जिसके बाद राजद्रोह का केस हटा दिया गया है, लेकिन अन्य धाराओं में दर्ज केस में अभी जांच की जा रही है। छात्रों पर अभद्र एवं देश विरोधी नारे लगाने का आरोप था।
बताते चलें कि विगत 13 दिसंबर को छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों ने साकेत महाविद्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। तीन दिनों तक चले धरने के बाद महाविद्यालय प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलित छात्रों के साथ वार्ता की। वार्ता के बाद महाविद्यालय प्रशासन द्वारा चुनाव कराने को लेकर एक समिति का गठन किया गया और छात्रों को आश्वस्त किया गया कि यह समिति 28 दिसंबर अपनी अनुशंसा देगी। उसी आधार पर चुनाव का निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद छात्र मान गए और धरना समाप्त कर दिया, लेकिन अगले ही दिन महाविद्यालय प्रशासन की ओर से 18 से चार जनवरी तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया। जिसके बाद छात्र एक बार फिर भड़क गए।
महाविद्यालय परिसर में आक्रोशित छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। इस घटना के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य की ओर से अयोध्या कोतवाली में छह छात्रों के विरुद्घ नामजद तहरीर देकर आरोप लगाया गया कि छात्रों ने न सिर्फ महाविद्यालय का गेट बंदकर अध्यापकों के साथ अभद्र व्यवहार किया और बंधक बनाया, बल्कि कक्षाओं में घुसकर छात्र-छात्राओं को भगा दिया जिससे कक्षाएं प्रभावित हुईं। इसके अतिरिक्त लेके रहेंगे आजादी जैसे अभद्र एवं देश विरोधी नारे भी लगाए। इस तहरीर पर आरोपित छात्रों के विरुद्घ आईपीसी की धारा 124 ए, 188, 332,342, 506 सहित अन्य कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया था।
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सीओ अयोध्या राजेश राय ने बताया कि आरोपित छह छात्रों के विरुद्घ दर्ज राजद्रोह के केस की धारा 124 ए को साक्ष्यों को अभाव में हटा लिया गया है। विवेचना के दौरान आरोप से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अन्य धाराओं में दर्ज केस में अभी विवेचना की जा रही है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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बताते चलें कि विगत 13 दिसंबर को छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों ने साकेत महाविद्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। तीन दिनों तक चले धरने के बाद महाविद्यालय प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारियों ने आंदोलित छात्रों के साथ वार्ता की। वार्ता के बाद महाविद्यालय प्रशासन द्वारा चुनाव कराने को लेकर एक समिति का गठन किया गया और छात्रों को आश्वस्त किया गया कि यह समिति 28 दिसंबर अपनी अनुशंसा देगी। उसी आधार पर चुनाव का निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद छात्र मान गए और धरना समाप्त कर दिया, लेकिन अगले ही दिन महाविद्यालय प्रशासन की ओर से 18 से चार जनवरी तक के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया। जिसके बाद छात्र एक बार फिर भड़क गए।
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महाविद्यालय परिसर में आक्रोशित छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। इस घटना के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य की ओर से अयोध्या कोतवाली में छह छात्रों के विरुद्घ नामजद तहरीर देकर आरोप लगाया गया कि छात्रों ने न सिर्फ महाविद्यालय का गेट बंदकर अध्यापकों के साथ अभद्र व्यवहार किया और बंधक बनाया, बल्कि कक्षाओं में घुसकर छात्र-छात्राओं को भगा दिया जिससे कक्षाएं प्रभावित हुईं। इसके अतिरिक्त लेके रहेंगे आजादी जैसे अभद्र एवं देश विरोधी नारे भी लगाए। इस तहरीर पर आरोपित छात्रों के विरुद्घ आईपीसी की धारा 124 ए, 188, 332,342, 506 सहित अन्य कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया था।
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सीओ अयोध्या राजेश राय ने बताया कि आरोपित छह छात्रों के विरुद्घ दर्ज राजद्रोह के केस की धारा 124 ए को साक्ष्यों को अभाव में हटा लिया गया है। विवेचना के दौरान आरोप से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अन्य धाराओं में दर्ज केस में अभी विवेचना की जा रही है, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।