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एमएसटी होने के बावजूद टिकट खरीदते हैं यात्री
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 05 Jun 2014 01:54 AM IST
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परिवहन निगम के कैसरबाग अड्डे से बाराबंकी जाना हो तो देर रात नौ बजे के बाद बस नहीं मिलेगी।
यानी अनुबंधित बस संचालन बंद हो जाता है और पूर्वांचल की ओर जाने वाली सरकारी बसें बाराबंकी अड्डे तक जाती नहीं।
कैसरबाग और फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे पर पूर्वांचल जाने वाली सरकारी बसों के ड्राइवर एवं कंडक्टर बाराबंकी की सवारियों को बैठाना तो दूर पास आते ही झकझोर कर भगा देते हैं।
ड्राइवर एवं कंडक्टर सवारियों को तपाक से जवाब देते हैं कि ये बस बाराबंकी नहीं जाएगी। बेचारी सवारियां अपमानित होकर डग्गामार वाहन की राह देखने लगते हैं।
सूबे की राजधानी से बाराबंकी महज 29 किमी हैं। बाराबंकी को अब तक सीधी सरकारी बस का सुख नसीब नहीं हुआ है। बाराबंकी अनुबंधित बस अड्डा है।
इससे 131 अनुबंधित बसों का संचालन होता, जिसके अधिकतर मालिक परिवहन निगम अफसरों एवं कर्मियों के परिवारजन हैं।
बाराबंकी अड्डे से हैदरगढ़, लखनऊ और जिले के ही कुछ रूट पर अनुबंधित बसें सवारियों को ढो रही हैं।
लखनऊ और बाराबंकी चलने वाली बसों का संचालन सुबह तड़के शुरू होता पर रात 9 बजे के बाद बंद हो जाता है।
यानी लखनऊ और बाराबंकी के बीच बस कनेक्शन कट जाता है।
ऐसे में कैसरबाग और फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे से बाराबंकी जाने के लिए लोगों को पूर्वांचल जाने वाली बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ की बसों की राह देखनी पड़ती है।
इनमें बहराइच एवं गोंडा की बसें रात को मिल जाएं तो सवारी सीधे बाराबंकी पहुंच जाती। लेकिन पूर्वांचल जाने वाली अन्य बाराबंकी से 10 किमी पहले फैजाबाद की राह पकड़ लेती हैं।
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दैनिक यात्रियों की कटती जेब
लखनऊ से बाराबंकी के रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की काफी संख्या है। जो एक महीने की एमएसटी पर 960 रुपये खर्च करते है।
लेकिन ऐसे दैनिक यात्रियों को अनुबंधित बस समय से मिलती नहीं और वाया बाराबंकी होकर पूर्वांचल जाने वाली बसों के ड्राइवर-कंडक्टर बस पर सवार नहीं होने देते हैं।
ऐसे दैनिक यात्रियों के पास एमएसटी होती है, फिर भी किराया चुकाकर गंतव्य तक सफर करना पड़ता है।
फैजाबाद जाना हो तो आओ बाईपास
बाराबंकी का मंडल मुख्यालय फैजाबाद है, लेकिन यहां से आने वाली बस बाराबंकी अड्डे के बजाय सीधे बाईपास होकर लखनऊ और लखनऊ से वाया बाईपास से फैजाबाद चली जाती हैं।
ऐसे में बाराबंकी के लोगों को पूर्वांचल के जिलों को जाना होता तो वे पहले टैम्पो से सवारी करके फैजाबाद बाईपास आते फिर आगे का सफर बस से तय करते हैं।
बाराबंकी के लोगों को कभी-कभी फैजाबाद, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, बस्ती जाने के लिए फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहा आना पड़ता है।
यहां करें शिकायत
अनुबंधित बस हो या सरकारी अब बाराबंकी अड्डे पर नहीं रुकेगी तो उसके ड्राइवर एवं कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। ड्राइवर-कंडक्टर बस न रोके तो क्षेत्रीय प्रबंधक के मोबाइल 9415049799 पर बस नंबर का उल्लेख कर शिकायत कर सकते हैं।
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यानी अनुबंधित बस संचालन बंद हो जाता है और पूर्वांचल की ओर जाने वाली सरकारी बसें बाराबंकी अड्डे तक जाती नहीं।
कैसरबाग और फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे पर पूर्वांचल जाने वाली सरकारी बसों के ड्राइवर एवं कंडक्टर बाराबंकी की सवारियों को बैठाना तो दूर पास आते ही झकझोर कर भगा देते हैं।
ड्राइवर एवं कंडक्टर सवारियों को तपाक से जवाब देते हैं कि ये बस बाराबंकी नहीं जाएगी। बेचारी सवारियां अपमानित होकर डग्गामार वाहन की राह देखने लगते हैं।
सूबे की राजधानी से बाराबंकी महज 29 किमी हैं। बाराबंकी को अब तक सीधी सरकारी बस का सुख नसीब नहीं हुआ है। बाराबंकी अनुबंधित बस अड्डा है।
इससे 131 अनुबंधित बसों का संचालन होता, जिसके अधिकतर मालिक परिवहन निगम अफसरों एवं कर्मियों के परिवारजन हैं।
बाराबंकी अड्डे से हैदरगढ़, लखनऊ और जिले के ही कुछ रूट पर अनुबंधित बसें सवारियों को ढो रही हैं।
लखनऊ और बाराबंकी चलने वाली बसों का संचालन सुबह तड़के शुरू होता पर रात 9 बजे के बाद बंद हो जाता है।
यानी लखनऊ और बाराबंकी के बीच बस कनेक्शन कट जाता है।
ऐसे में कैसरबाग और फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे से बाराबंकी जाने के लिए लोगों को पूर्वांचल जाने वाली बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ की बसों की राह देखनी पड़ती है।
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इनमें बहराइच एवं गोंडा की बसें रात को मिल जाएं तो सवारी सीधे बाराबंकी पहुंच जाती। लेकिन पूर्वांचल जाने वाली अन्य बाराबंकी से 10 किमी पहले फैजाबाद की राह पकड़ लेती हैं।
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दैनिक यात्रियों की कटती जेब
लखनऊ से बाराबंकी के रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की काफी संख्या है। जो एक महीने की एमएसटी पर 960 रुपये खर्च करते है।
लेकिन ऐसे दैनिक यात्रियों को अनुबंधित बस समय से मिलती नहीं और वाया बाराबंकी होकर पूर्वांचल जाने वाली बसों के ड्राइवर-कंडक्टर बस पर सवार नहीं होने देते हैं।
ऐसे दैनिक यात्रियों के पास एमएसटी होती है, फिर भी किराया चुकाकर गंतव्य तक सफर करना पड़ता है।
फैजाबाद जाना हो तो आओ बाईपास
बाराबंकी का मंडल मुख्यालय फैजाबाद है, लेकिन यहां से आने वाली बस बाराबंकी अड्डे के बजाय सीधे बाईपास होकर लखनऊ और लखनऊ से वाया बाईपास से फैजाबाद चली जाती हैं।
ऐसे में बाराबंकी के लोगों को पूर्वांचल के जिलों को जाना होता तो वे पहले टैम्पो से सवारी करके फैजाबाद बाईपास आते फिर आगे का सफर बस से तय करते हैं।
बाराबंकी के लोगों को कभी-कभी फैजाबाद, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, बस्ती जाने के लिए फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहा आना पड़ता है।
यहां करें शिकायत
अनुबंधित बस हो या सरकारी अब बाराबंकी अड्डे पर नहीं रुकेगी तो उसके ड्राइवर एवं कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। ड्राइवर-कंडक्टर बस न रोके तो क्षेत्रीय प्रबंधक के मोबाइल 9415049799 पर बस नंबर का उल्लेख कर शिकायत कर सकते हैं।