फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Transport Nagar accident: Reason behind building collapse revealed, ignored for earning money, police register

ट्रांसपोर्टनगर हादसा: सामने आई इमारत गिरने की वजह, कमाई के फेर में की अनदेखी, पुलिस ने दर्ज किया केस

Mon, 09 Sep 2024 05:57 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 09 Sep 2024 05:57 AM IST
सार

Transport Nagar accident: शनिवार शाम लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में एक तीन मंजिला इमारत ढह गई। इस घटना में आठ लोगों की जान चली गई। अब इस मामले में वजह सामने आ रही है। 

विज्ञापन
Transport Nagar accident: Reason behind building collapse revealed, ignored for earning money, police register
पूरे दिन इमारत का मलबा हटाने का होता रहा काम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 ट्रांसपोर्टनगर में जिस बिल्डिंग के ढहने से आठ लोगों की जान गई, उसके निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई थी। इसलिए वह बहुत कम समय में जर्जर हो गई। ढहने का यही मुख्य कारण है। कमाई के फेर में अनदेखी की गई। ये दावे पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए एफआईआर में किए गए हैं।

विज्ञापन


ट्रांसपोर्टनगर चौकी इंचार्ज महेश कुमार सिंह की तहरीर पर दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक राकेश सिंघल ने किराये पर उठाने के लिए बिल्डिंग बनवाई थी। जानबूझकर निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। पता था कि ऐसी स्थिति में कभी भी ये बिल्डिंग काल बन सकती है, फिर भी कमाई के चक्कर में उसको किराये पर दिया गया। आखिर में वही हुआ। आठ लोगों की जान चली। 28 लोग घायल हो गए और कई अभी भी फंसे हुए हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत पर भी नहीं कराई मरम्मत
एफआईआर के मुताबिक पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि वहां काम करने वालों को पता चल गया था कि बिल्डिंग जर्जर हो रही है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए उन्होंने इस बारे में बिल्डिंग मालिक को जानकारी दी थी। ये भी कहा था कि इसकी मरम्मत करवा दी जाए, जिससे भविष्य में किसी तरह का कोई खतरा न रहे। पर, मालिक ने मरम्मत नहीं कराई।

देखते ही पता चल जाता है...निर्माण घटिया था
आरोप है कि बिल्डिंग मालिक ने किरायेदारों को बरगलाया। उनकी जान जोखिम में डाली। लोगों ने बिल्डिंग मालिक पर भरोसा करके किराये पर ले ली थी। एफआईआर में कहा गया है कि प्रथमदृष्टया ही पता चल जाता है कि निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई थी। बाकी इसकी पुष्टि जांच में होगी। पुलिस उस जांच रिपोर्ट को अपनी विवेचना में भी शामिल करेगी।

Trending Videos

कमजोर पिलर पर खड़ी थी बिल्डिंग

Transport Nagar accident: Reason behind building collapse revealed, ignored for earning money, police register
रात तक चलती रही खुदाई। - फोटो : अमर उजाला।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिन पिलर पर बिल्डिंग खड़ी थी, वे बेहद कमजोर थे। इसीलिए एक साथ पूरी बिल्डिंग जमींदोज हुई। अगर एकाध हिस्सा कमजोर होता, तो शायद उतना ही ढहता। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से आसपास का एरिया सील किया है। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है।

धमाके की आवाज के साथ ढही
एफआईआर में जिक्र किया गया है कि धमाके की आवाज के साथ बिल्डिंग ढही थी। घायलों ने भी इस बारे में शनिवार को बताया था। उनका कहना था कि अचानक से धमाके की आवाज आई और बिल्डिंग भरभराकर बैठ गई। रेस्क्यू और जांच टीमें ये भी देख रही हैं कि कहीं कोई सिलिंडर या अन्य किसी चीज में ब्लास्ट तो नहीं हुआ था।

मालिक पत्नी, केस पति पर
जो बिल्डिंग धराशायी हुई वह आशियाना निवासी कुमकुम सिंघल के नाम पर है। उनके ही नाम पर नक्शा पास हुआ था। हालांकि एफआईआर उनके पति राकेश सिंघल पर दर्ज हुई है। सूत्रों के मुताबिक हादसे के बाद जब पुलिस ने जानकारी जुटाई, तो राकेश सिंघल का नाम सामने आया था, क्योंकि बिल्डिंग का पूरा काम वही देखते थे। पुलिस ने उसी सूचना के आधार पर केस दर्ज किया। अब पुलिस जब केस की विवेचना करेगी तो साक्ष्यों के आधार पर संभव है कि कुमकुम को आरोपी बनाए। अगर ऐसा होता है तो कुमकुम पर कार्रवाई होगी।

 रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 400 जवानों ने मोर्चा संभाला

Transport Nagar accident: Reason behind building collapse revealed, ignored for earning money, police register
राहत और बचाव कार्य जारी। - फोटो : अमर उजाला।
 रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 400 जवानों ने मोर्चा संभाला है। स्नीफर डॉग की मदद ली जा रही है। ताकि कोई मलबे में दबा हो तो उसे जल्द से जल्द निकाला जा सके। जिंदगी बचाने की जद्दोजहद लगातार जारी है। पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं।

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार पाल ने बताया कि उनकी टीम के 90 जवान रेस्क्यू में लगाए गए हैं। इसी तरह से एसडीआरएफ के 30, पुलिस के 110 और दमकल के 70 जवान रेस्क्यू में जुटे हैं। सभी को शिफ्ट वाइज लगाया जा रहा है। एसडीआरएफ के कमांडेंट डॉ. सतीश ने बताया कि तकनीक का इस्तेमाल कर मलबे में लोगों की तलाश की जा रही है। स्नीफर डॉग को वहां ले जाया जा रहा है। जिस जगह को वो स्मेल से चिन्हित करते हैं वहां पर डि्रलिंग कर मलबा हटाया जा रहा है।

एक पोकलेन और तीन जेसीबी लगाई गईं
मलबा हटाने के लिए एक पोकलेन लगाई गई है। साथ में तीन जेसीबी भी लगी हैं। नगर निगम की टीमें लगातार काम में लगी हैं। मलबा एक जगह पर ले जाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मलबे में तमाम सामान है। इसलिए उसको सुरक्षित रखा जाएगा। जिसका भी सामान होगा उसे बाद में पहचान करवाने के बाद वापस किया जाएगा।
 

दीवार में डि्रलिंग की

Transport Nagar accident: Reason behind building collapse revealed, ignored for earning money, police register
ट्रांसपोर्ट नगर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला।
जो बिल्डिंग धराशायी हुई है, उससे सटे गोदाम की दीवार में भी डि्रलिंग की गई। उम्मीद थी कि शायद उसके जरिये भीतर दबे लोगों के बारे में जानकारी मिल सके। लेकिन, कुछ भी पता नहीं चल सका।

करोड़ों का माल बर्बाद हो गया
बिल्डिंग में दवाई, मोबिल ऑयल और गिफ्ट का गोदाम था। करोड़ों रुपये का माल मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। जो कमाने के लिए नौकरी कर रहे थे उनमें से आठ की जिंदगी खत्म हो गई। 28 जख्मी हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed